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MODI@72 : देश को दीमक की तरह खा रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ पीएम मोदी का जीरो टालरेंस, 8 वर्षों में पकड़ा गया 2 लाख करोड़ रुपये काला धन

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भ्रष्टाचार को यदि भारत के संदर्भ में देखा जाए तो यहां इसका सबसे अधिक मतलब है रिश्वत से निकाला जाता है और कहा जाता है कि कोई काम करना हो तो पहले रिश्वत देना। हमारे देश में 2014 से पहले तक छोटी इकाई से लेकर बड़े लेवल तक इसके बिना काम नहीं होता था। रिश्वत के साथ ही घोटाला और काला धन का बोलबाला रहा। लेकिन 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता संभालने के बाद इस पर लगाम लगनी शुरू हो गई। पीएम मोदी ने सत्ता संभालते ही भ्रष्टाचार पर नकेल कसनी शुरू कर दी। भ्रष्टाचार रोकने वाली संस्थाओं को मजबूत करना शुरू कर दिया। सरकार में भी सभी मंत्रियों एवं अफसरों को हिदायत दी गई कि भ्रष्टाचार कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पीएम मोदी की इस पहल का असर भी दिख रहा है। 2014 के बाद किसी घोटाला या भ्रष्टाचार की बात सामने नहीं आई है। इसके साथ ही उन्होंने अफसरों को यह भी कहा कि भ्रष्टाचार करने वाला चाहे कितना ही बड़ा आदमी हो, उसके खिलाफ कार्रवाई करनी है। इसके बाद ED ने लोगों को गिरफ्तार करना शुरू किया। चिदंबरम, कार्ति चिदंबरम, चंदा कोचर और इस कड़ी में अनगिनत नाम जुड़ते गए। मोदी अप्रत्याशित हैं। उनका अगला कदम क्या होगा कोई नहीं जानता। किसी ने यह नहीं सोचा था कि सरकार भ्रष्टाचारियों पर इस तरह की कार्रवाई करेगी क्योंकि भारत में भ्रष्टाचार सामान्य बात हो गई थी। लेकिन जब सफेदपोश भ्रष्टाचारियों की गिरफ्तारी शुरू हुई तो छोटे स्तर पर भ्रष्टाचार करने वाले डर गए। आम जनमानस में भी यह संदेश गया कि अब वे बिना रिश्वत दिए अपना काम करवा सकते हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 76वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लालकिले की प्राचीर से भ्रष्टाचार और परिवारवाद के खिलाफ एक निर्णायक जंग छेड़ने का ऐलान किया। उन्होंने एक अलग ही अंदाज में देशवासियों का समर्थन मांगा जिससे कई तरह के संकेत मिल रहे हैं। मनी लॉन्ड्रिंग, करप्शन के खिलाफ ईडी और अन्य एजेंसियों की कार्रवाइयों के बीच पीएम मोदी का भ्रष्टाचार के खिलाफ निर्णायक लड़ाई और परिवारवाद के खिलाफ जनमन में ‘नफरत’ का आह्वान बहुत मायने रखता है। पीएम मोदी ने यह कई बार कहा है कि भ्रष्टाचार देश को दीमक की तरह खा रहा है। पीएम मोदी ने देश की सत्ता संभालने के साथ ही भ्रष्टाचार और परिवारवाद को खत्म करने पर काम शुरू कर दिया था। यही वजह है कि काले धन को देश से खत्म करने के लिए उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ED) में योग्य और ईमानदार अफसरों को यह काम सौंपा।

भ्रष्टाचार और परिवारवाद देश की दो सबसे बड़ी चुनौतियां

पीएम मोदी ने कहा है कि आज नए भारत में भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद, परिवारवाद, जनता के पैसे की लूट, आतंकवाद पर जिस तरह लगाम कसी जा रही है वैसा पहले कभी नहीं हुआ। नए भारत में थकने, रुकने का सवाल ही पैदा नहीं होता। उन्होंने कहा कि देश के सामने दो बड़ी चुनौतियां हैं। पहली चुनौती- भ्रष्टाचार और दूसरी चुनौती भाई-भतीजावाद, परिवारवाद। भ्रष्टाचार से हर हाल में लड़ना होगा। बैंक लूटनेवालों की संपत्ति जब्त हो रही है। भ्रष्टाचार देश को दीमक की तरह खोखला कर रहा है। उससे देश को लड़ना ही होगा। हमारी कोशिश है कि जिन्होंने देश को लूटा है, उनको लौटाना भी पड़े, हम इसकी कोशिश कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से अपील की, “मेरे 130 करोड़ देशवासी आप मुझे आशीर्वाद दीजिए, आप मेरा साथ दीजिए, मैं आज आपसे साथ मांगने आया हूं, आपका सहयोग मांगने आया हूं, ताकि मैं इस लड़ाई को लड़ सकूं और इस लड़ाई को देश जीत पाए।

भ्रष्टाचारियों का महिमामंडन करने वालों पर प्रहार

प्रधानमंत्री मोदी ने भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों का महिमामंडन करने वालों पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि आज देश में भ्रष्टाचार के प्रति नफरत दिखती है और वह व्यक्त भी होती है लेकिन कभी-कभी भ्रष्टाचारियों के प्रति उदारता भी दिखाई जाती है जो किसी भी देश को शोभा नहीं देता है। कई लोग तो इतनी हद तक चले जाते हैं कि अदालत में सजा हो चुकी हो। भ्रष्टाचार सिद्ध हो चुका हो। जेल जाना तय हो चुका हो। जेल गुजार रहे हों। इसके बावजूद उनका महिमामंडन करने में लगे रहते हैं, उनकी शान शौकत में लगे रहते हैं, उनकी प्रतिष्ठा बनाने में लगे रहते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जब तक समाज में गंदगी के प्रति नफरत नहीं होती है, स्वच्छता के प्रति चेतना भी नहीं जगती है। इसी प्रकार जब तक भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों के प्रति नफरत का भाव पैदा नहीं होता, तब तक यह मानसिकता खत्म नहीं होने वाली है। इसलिए भ्रष्टाचार के प्रति भी और भ्रष्टाचारियों के प्रति भी हमें बहुत जागरूक होने की जरूरत है।

परिवारवाद से देश की प्रतिभा और सामर्थ्य को नुकसान

भाई-भतीजावाद और परिवारवाद के खिलाफ प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुर्भाग्य से राजनीति के क्षेत्र की इस बुराई ने हिंदुस्तान की हर संस्था में परिवारवाद को पोषित कर दिया है। उन्होंने कहा, ‘‘परिवारवाद हमारी अनेक संस्थाओं को अपने में लपेटे हुए है और उसके कारण देश की प्रतिभा को नुकसान होता है। देश के सामर्थ्य को नुकसान होता है। भ्रष्टाचार का एक कारण परिवारवाद भी बन जाता है।’’ प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राजनीति में भी परिवारवाद ने देश के सामर्थ्य के साथ सबसे ज्यादा अन्याय किया है। उन्होंने कहा कि राजनीति में परिवारवाद परिवार की भलाई के लिए होता है और उसे देश की भलाई से कोई लेना देना नहीं होता। उन्होंने लोगों से अपील की, ‘हिंदुस्तान की राजनीति के शुद्धिकरण के लिए भी और सभी संस्थाओं के शुद्धिकरण के लिए भी… इस परिवारवादी मानसिकता से मुक्ति दिलानी होगी। योग्यता के आधार पर देश को आगे ले जाने की ओर हमें बढ़ना होगा।”

‘किसी के पास रहने तो किसी के पास चोरी का माल छिपाने के लिए जगह नहीं’

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘इस 25 साल के अमृत काल के लिए चर्चा करते हैं तो हम जानते हैं कि चुनौतियां अनेक हैं, मुसीबतें हैं, मर्यादाएं हैं। हम इसे कम नहीं आक सकते। लेकिन 2 विषयों पर चर्चा जरूरी है और मैं मानता हूं कि हमारी इन सभी चुनौतियों, विकृतियों, बीमारियों के कारण इस 25 साल के अमृतकाल में अगर हम समय रहते नहीं चेते तो ये विकराल रूप ले सकते हैं। एक है- भ्रष्टाचार और दूसरा है भाई-भतीजावाद, परिवारवाद। लोग गरीबी से जूझ रहे हैं। एक तरफ वे लोग हैं जिनके पास रहने के लिए जगह नहीं है, दूसरी तरफ वे लोग हैं जिनको अपना चोरी किया हुआ माल रखने के लिए जगह नहीं है। ये स्थिति अच्छी नहीं है। इसलिए हमें भ्रष्टाचार के खिलाफ पूरी ताकत से लड़ना होगा।

जिन्होंने देश को लूटा है, उनको लौटाना भी पड़े

पीएम ने 76वें स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कहा कि भ्रष्टाचार देश को दीमक की तरह खोखला कर रहा है, उससे देश को लड़ना ही होगा। सरकार का प्रयास है कि जिन्होंने देश को लूटा है, उनको लूट का धन लौटाना भी पड़े। हम इसकी कोशिश कर रहे हैं। जो लोग पिछली सरकारों में बैंकों को लूट-लूट करके भाग गए, उनकी संपत्तियां जब्त करके वापस लाने की कोशिश जारी है। कई लोगों को इसके लिए जेल हो चुकी है।

परिवारवाद के खात्मे के लिए नौजवानों को आगे आना होगा

पीएम मोदी ने कहा कि परिवारवाद की वजह से योग्य लोगों को अवसर नहीं मिलता। उन्होंने इस बुराई के खिलाफ देशवासियों खासकर नौजवानों का साथ मांगा। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘मैं देश के नौजवानों का परिवारवादी राजनीति के खिलाफ लड़ाई में साथ चाहता हूं। हमने देखा पिछले दिनों खेलों में। ऐसा तो नहीं था कि पहले देश में खेल प्रतिभाएं नहीं थी। लेकिन सिलेक्शन भाई-भतीजावाद के आधार पर होता था। जब पारदर्शिता आई, सामर्थ्य का सम्मान होने लगा तो देखिए आज दुनिया में खेल के मैदान में तिरंगा लहराता है।’ उन्होंने कहा, ‘चुनौतियां बहुत हैं। अगर इस देश के सामने करोड़ों संकट हैं तो करोड़ों समाधान भी हैं। जब 130 करोड़ देशवासी एक कदम आगे रखते हैं तो हिंदुस्तान 130 करोड़ कदम आगे बढ़ जाता है। हमें आने वाले 25 साल को एक पल भी भूलना नहीं है। मातृभूमि के लिए जीना है। यही आजादी के दीवानों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।’

सत्ता संभालते ही भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग शुरू कर दी थी

2014 में जब मोदी पीएम बने तो उन्होंने नए भारत के निर्माण पर काम करना शुरू कर दिया। वह जानते थे कि भारत के विकास में सबसे बड़ी बाधा भारत विरोधी ताकतें, विदेशी वित्त पोषित गैर सरकारी संगठन, भ्रष्ट भारतीय राजनेता और उनका काला धन है। वे मनी लॉन्ड्रिंग के लिए एनजीओ, कॉरपोरेट्स, शेल कंपनियों का इस्तेमाल करते हैं और उस पैसे का इस्तेमाल भारत के विकास को रोकने एवं राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के लिए किया जाता है। अगर आपको पीएम मोदी के पहले 2-3 साल याद हैं, तो उन्होंने एनजीओ, शेल कंपनियों पर भारी कार्रवाई की, लेकिन बाद में उन्हें एहसास हुआ कि गठजोड़ बहुत बड़ा है और उन्हें इन वित्तीय अपराधों से निपटने के लिए समान रूप से सक्षम टीम बनानी होगी और फिर उन्होंने इस दिशा में काम किया।

डीबीटी से 20 लाख करोड़ रुपये गलत हाथों में जाने से बचा

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले आठ वर्षों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के द्वारा आधार और मोबाइल सहित अन्य आधुनिक व्यवस्थाओं का उपयोग करते हुए 20 लाख करोड़ रुपये को गलत हाथों में जाने से बचाया गया और उसे देश की भलाई के काम में लगाने में सरकार सफल हुई।

भ्रष्टाचार पर मोदी सरकार सख्त, 56 अफसर किए गए रिटायर

भ्रष्टाचार पर नरेंद्र मोदी सरकार सख्त है। आईआरएस ही नहीं, आईपीएस अफसरों पर भी सरकार की गाज गिरी है। सरकार ने जनहित में भारतीय पुलिस सेवा के नौ अफसरों को जबरन रिटायरमेंट देते हुए सेवा से बाहर का रास्ता दिखा दिया। पिछली बार से लेकर केंद्र में दोबारा सत्ता में आने तक मोदी सरकार भ्रष्टाचार के मामलों में फंसे अफसरों पर लगातार कार्रवाई कर रही है। मोदी सरकार 2.0 में वित्त मंत्रालय अब तक डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल ऐंड एडमिनिस्ट्रेटिव रिफॉर्म्स के नियम 56 के तहत कुल 27 अफसरों को जबरन रिटायर कर चुका है।

मोदी सरकार की सख्ती के कारण ED ने 8 साल में करीब एक लाख करोड़ रुपये जब्त किए हैं। भ्रष्टाचार को लेकर प्रधानमंत्री की चिंता की वजहें हैं, हाल के दिनों के प्रकरण देखें-

-12 अगस्त को ED ने बेंगलुरु की फर्जी कंपनियों से 370 करोड़ रुपये जब्त किए।

– 11 अगस्त 2022 को महाराष्ट्र के जालना में इनकम टैक्स का छापा पड़ा, तो 58 करोड़ कैश जब्त हुए। 390 करोड़ रुपए की बेनामी संपत्ति का खुलासा हुआ।

– 31 जुलाई 2022 को संजय राउत के घर पर छापा पड़ा। बिना हिसाब वाले 11.50 लाख रुपए जब्त हुए।

– जुलाई 2022 में TMC के पार्थ चटर्जी की करीबी अर्पिता मुखर्जी के कई फ्लैट पर छापे पड़े। 50 करोड़ रुपए से ज्यादा कैश जब्त हुए। 2 करोड़ 76 लाख का सोना भी जब्त किया गया।

– 15 जुलाई 2022 को झारखंड में अवैध खनन के मामले में हेमंत सोरेन के करीबी पंकज मिश्रा के ठिकानों पर छापे पड़े। 11.88 करोड़ रुपए कैश जब्त किए गए।

– 9 जुलाई 2022 को झारखंड में पंकज मिश्रा के 18 ठिकानों पर छापा पड़ा। 5.32 करोड़ रुपए कैश जब्त हुए।

– 7 जून 2022 को दिल्ली सरकार में मंत्री सत्येंद्र जैन के यहां ईडी की रेड हुई। 2.85 करोड़ और 133 सोने के सिक्के जब्त किए गए।

भष्टाचार के खिलाफ ईडी द्वारा जांच किए जा रहे प्रमुख मामले

मामले का नाम – आरोपी

आईएनएक्स मीडिया मामला – कार्ति और पी चिदंबरम

महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक मामला – शरद पवार और अजीत पवार

मनी लॉन्ड्रिंग केस – डीके शिवकुमार

जम्मू-कश्मीर क्रिकेट संघ मामला – फारूक अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती

नेशनल हेराल्ड केस – सोनिया गांधी, राहुल गांधी

वीवीआईपी हेलिकॉप्टर घोटाला – रतुल पुरी (कमलनाथ परिजन)

पंचकूला भूमि आवंटन मामला – भूपेंद्र हुड्डा

आय से अधिक संपत्ति – आनंद कुमार (मायावती परिजन)

अवैध खनन मामला – अखिलेश यादव

जमीन सौदे का मामला – रॉबर्ट वाड्रा

एयरसेल मैक्सिस डील – राजा, कनिमोझी, दयानिधि मारन

मनी लॉन्ड्रिंग – संजय राउत

स्टर्लिंग बायोटेक मामला – अहमद पटेल के बेटे

भूमि घोटाला – जगन रेड्डी

एम्बुलेंस मामला – अशोक गहलोत

शारदा चिट फंड – ममता बनर्जी

मनी लॉन्ड्रिंग – सतेंद्र जैन

दिल्ली शराब घोटाला – मनीष सिसोदिया

व्यवसायी – चंदा कोचर (ICICI), वेणुगोपाल धूत (वीडियोकॉन), मलविंदर सिंह (रेलिगेयर), संजय चंद्र (यूनिटेक), नीरव मोदी, विजय माल्या, मेहुल चौकसे के साथ ही कई अन्य मामले। ईडी जांच का सामना कर रहे एनजीओ – एमनेस्टी इंटरनेशनल। और भी कई मामले हैं।

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