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आज का समय बंगाल की खाड़ी को सम्पर्क, समृद्धि और सुरक्षा सेतु बनाने का- प्रधानमंत्री मोदी

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फाइल फोटो

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 30 मार्च को पांचवें बिम्सटेक शिखर सम्मेलन को संबोधित किया। बहुक्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग के लिए बंगाल की खाड़ी से लगे देशों के संगठन- बिम्‍स्‍टेक के शिखर सम्‍मेलन को वर्चुअली संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज का समय बंगाल की खाड़ी को सम्पर्क, समृद्धि और सुरक्षा सेतु बनाने का है। प्रधानमंत्री ने अपने समकक्ष राष्ट्राध्यक्षों का आह्वान किया कि वे बंगाल की खाड़ी को बिम्सटेक सदस्य देशों के बीच संपर्कता, समृद्धि और सुरक्षा सेतु में बदलने का प्रयास करें।

शिखर सम्मेलन में बिम्सटेक कनेक्टीविटी एजेंडा को पूरा करने की प्रगति का जायजा लिया गया। राष्ट्राध्यक्षों ने ‘यातायात संपर्कता के लिए मास्टरप्लान’ पर विचार किया। उन्होंने कहा कि विश्‍व के मौजूदा परिदृश्‍य में क्षेत्रीय सहयोग सबसे बड़ी प्राथमिकता बन गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यूरोप के हाल के घटनाक्रम ने अंतर्राष्‍ट्रीय व्‍यवस्‍था के स्‍थायित्‍व को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्‍होंने कहा कि बिम्‍स्‍टेक क्षेत्रीय सहयोग को और अधिक सक्रिय करना महत्‍वपूर्ण हो गया है। हमारी क्षेत्रीय सुरक्षा को अधिक प्राथमिकता देना भी अनिवार्य हो गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह क्षेत्र वर्तमान वैश्विक चुनौतियों से अछूता नहीं रह सकता।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बिम्‍स्‍टेक समूह की संस्‍थागत रूपरेखा मजबूत करने के लिए इसका चार्टर अपनाया जा रहा है। संगठन की स्‍थापना का यह 25वां वर्ष है। उन्‍होंने कहा कि इस महत्‍वपूर्ण शिखर सम्‍मेलन के परिणाम बिम्‍स्‍टेक के इतिहास में स्‍वर्णिम अध्‍याय लिखेंगे। अब हमें अपना ध्यान इस बात पर फोकस करना चाहिए कि इसको और मजबूत कैसे बनाया जाए।प्रधानमंत्री ने बिम्‍सटेक सचिवालय की क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया। उन्‍होंने कहा कि इस लक्ष्‍य को प्राप्‍त करने के लिए कार्य योजना तय की जानी चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत इस सचिवालय का संस्‍थागत बजट बढ़ाने के लिए दस लाख डॉलर की वित्‍तीय सहायता उपलब्‍ध कराएगा।

उन्होंने कहा कि व्‍यापार बढाने के लिए बिम्‍सटेक मुक्‍त व्‍यापार समझौते के प्रस्‍ताव पर जल्‍दी प्रगति होनी चाहिए। बिम्‍सटेक देशों के उद्यमियों और स्‍टार्टअप के बीच आदान-प्रदान बढ़ना चाहिए और व्‍यापार सुविधा के लिए अंतर्राष्‍ट्रीय नियम अपनाए जाने चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमारे क्षेत्र पर हमेशा से प्राकृतिक आपदाओं का खतरा रहा है। आपदा प्रबंधन, विशेषकर आपदा के खतरे को कम करने पर सहयोग के लिए, बिम्सटेक Centre for Weather and Climate एक महत्त्वपूर्ण संस्था है। और इसे सक्रिय बनाने के लिए मैं आप सब का सहयोग चाहूंगा। इस सेंटर के कार्य को पुनः शुरू करने के लिए भारत तीस लाख डॉलर का योगदान करने को तैयार है।

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