Home समाचार केजरीवाल के वादों पर वोटरों को अब नहीं हो रहा विश्वास: ABP...

केजरीवाल के वादों पर वोटरों को अब नहीं हो रहा विश्वास: ABP सर्वे में गुजरात-हिमाचल में खाता खुलना मुश्किल, बीजेपी कर रही है जोरदार वापसी

401
SHARE

आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल देश की राजनीति को बदलने वादा करके सत्ता में आए। लेकिन दिल्ली के मुख्यमंत्री बनते ही केजरीवाल खुद बदल गए। राजनीति में इन्होंने इतने रंग बदले कि लोग गिरगिट को भी भूल गए। सत्ता का स्वाद चखने के बाद केजरीवाल ने इतने झूठ बोले कि अब वोटरों को इनके वादों पर कोई विश्वास नहीं रहा। दिल्ली और पंजाब में लोगों का भरोसा तोड़ने के बाद केजरीवाल गुजरात और हिमाचल प्रदेश में भी लोगों को बरगलाने की कोशिश में लगे हैं। लेकिन दोनों ही राज्यों में चुनाव से पहले ABP News और C VOTER के ओपिनियन पोल से साफ हो गया है कि लोग अब आम आदमी पार्टी के नेताओं पर तनिक भी भरोसा करना नहीं चाहते। ओपिनियन पोल से साफ लग रहा है कि गुजरात और हिमाचल प्रदेश में केजरीवाल की पार्टी का खाता खुलना भी मुश्किल है।

ABP News और C VOTER के ओपिनियन पोल के मुताबिक बीजेपी एक बार फिर भारी बहुमत से दोनों राज्यों में सरकार बनाने जा रही है। बीजेपी को पहले से ज्यादा सीटें मिलती दिखाई दे रही है। जबकि कांग्रेस को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। सोनिया गांधी और राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस का भी कोई भविष्य नहीं दिख रहा है। आम आदमी पार्टी किसी तरह एक-दो सीट जीत ले तो ये पार्टी के लिए बड़ी उपलब्धि होगी।

गुजरात में किसको कितनी सीट? (कुल सीट-182)
बीजेपी- 135-143
कांग्रेस- 36-44
आप- 0-2
अन्य- 0-3

हिमाचल प्रदेश में किसको कितनी सीट? (कुल सीट-68)
बीजेपी- 37-45
कांग्रेस- 21-29
आप- 0-1
अन्य- 0-3

मोदी लहर कायम
साफ है प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की लोकप्रियता देश भर में लोगों के सर चढ़कर बोलती है। चाहे लोकसभा चुनाव हो, विधानसभा चुनाव या फिर स्थानीय निकाय चुनाव देश में मोदी लहर कायम है। बीजेपी एक के बाद एक चुनाव जीतती जा रही है और आगामी गुजरात और हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में भी शानदार प्रदर्शन करने जा रही है।

अइए देखते हैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी ने किस तरह लोकसभा,विधानसभा और स्थानीय निकाय चुनाव में एक के बाद एक जीत हासिल की है…

सपा के आजमगढ़ और रामपुर के किले पर बीजेपी का कब्जा
देश में लोकसभा चुनाव हो या विधानसभा चुनाव, या फिर स्थानीय निकाय चुनाव बीजेपी एक के बाद एक चुनाव जीतती जा रही है। 23 जून,2022 को देश की तीन लोकसभा सीटों और सात विधानसभा सीटों के लिए हुए उपचुनाव में बीजेपी की जीत ने साबित किया कि देश में प्रधानमंत्री मोदी की लहर कायम है। उत्तर प्रदेश विधानसभा और विधानपरिषद के चुनाव में प्रचंड जीत के बाद बीजेपी ने अब लोकसभा चुनाव में भी अपना परचम लहरा दिया है। आजमगढ़ और रामपुर लोकसभा सीट के लिए हुए उपचुनाव में बीजेपी ने ऐतिहासिक जीत हासिल की है। इस चुनाव में उत्तर प्रदेश में प्रमुख विपक्षी दल समाजवादी पार्टी का तो सफाया हो गया है।

त्रिपुरा : 4 में से 3 विधानसभा सीटों पर बीजेपी की जीत
त्रिपुरा में चार विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में बीजेपी को तीन और कांग्रेस को एक सीट पर जीत मिली। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री और बीजेपी के उम्मीदवार माणिक साहा ने टाउन बारदोवली सीट पर हुए उपचुनाव में 6,104 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। सीपीआईएम के गढ़ जुबराजनगर में बीजेपी को 4572 मतों के अंतर से जीत मिली। सुरमा सीट पर बीजेपी की उम्मीदवार स्वप्ना दास को 4583 मतों के अंतर से जीत मिली।

यूपी एमएलसी चुनाव में 36 में से 33 सीटों पर बीजेपी का कब्जा
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत के बाद बीजेपी ने विधान परिषद चुनाव में भी अपना परचम लहरा दिया। बीजेपी ने राज्य में 36 में से 33 सीटें जीत ली। इस चुनाव में उत्तर प्रदेश में प्रमुख विपक्षी दल समाजवादी पार्टी का तो सफाया हो गया। दो सीट पर निर्दलीय जबकि एक सीट पर जनसत्ता दल लोकतांत्रिक को जीत मिली।

चार राज्यों में फिर दिखा पीएम मोदी का करिश्मा
इसके पहले पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में से चार राज्यों उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में बीजेपी की दोबारा जीत से फिर साबित हो गया कि जनता पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का करिश्मा कायम है। उत्तर प्रदेश में बीजेपी ने प्रचंड जनादेश हासिल कर एक बार फिर सरकार बना ली। यूपी की जनता ने प्रधानमंत्री मोदी और सीएम योगी की जोड़ी पर फिर से भरोसा जताया। सूबे के सियासी इतिहास पर नजर डालें तो यह पिछले 37 सालों में पहली बार हुआ है जब जनता ने किसी एक चेहरे को लगातार दूसरी बार मौका दिया हो। उधर उत्तराखंड में जो आज तक नहीं हुआ, वो इस बार हो गया। इतिहास में पहली बार कोई सत्तारूढ़ पार्टी अपनी सत्ता कायम रखने में कामयाब रही।

असम नगर निकाय चुनाव में 80 में से 75 सीटें जीतीं,
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की योजनाओं और मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के करिश्मे की वजह से असम नगर निकाय चुनाव में बीजेपी ने शानदार जीत दर्ज कर सबको हैरान कर दिया। इस चुनाव में बीजेपी ने कांग्रेस को पछाड़कर बड़ी जीत दर्ज की। बीजेपी ने 80 में से 75 नगर पालिका बोर्डों में जीत दर्ज करते हुए शहरी निकाय चुनावों में क्लीन स्वीप किया जबकि कांग्रेस को सिर्फ एक नगरपालिका बोर्ड से संतोष करना पड़ा। बीजेपी की सहयोगी असम गणपरिषद ने दो नगर निगम बोर्ड बारपेटा और बोकाखाट पर कब्जा किया। असम में नगर पालिका के 80 बोर्डों के 920 वार्डों के लिए 6 मार्च को वोटिंग हुई थी। जबकि 57 वार्डों के उम्मीदवारों को निर्विरोध घोषित किया गया था। अधिकारियों के मुताबिक इस चुनाव में कुल 2,532 उम्मीदवार मैदान में थे। बीजेपी के 825, कांग्रेस के 706, अगप के 243 और 758 निर्दलीय उम्मीदवारों के साथ कुल 2532 उम्मीदवार मैदान में थे। बीजेपी उम्मीदवारों ने 742 वार्डों में और अगप ने 65 वार्डों में जीत हासिल की। विपक्षी कांग्रेस ने 71 वार्डों में जीत दर्ज की।

महाराष्ट्र नगर पंचायत चुनाव में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी, शिवसेना तीसरे नंबर पर
बीजेपी महाराष्ट्र में हुए नगर पंचायत चुनाव में एक बार फिर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। 18 जनवरी, 2022 को नगर पंचायत की 1649 सीटों के लिए हुए मतदान में बीजेपी ने सत्ताधारी शिवसेना को तगड़ा झटका दिया। महाराष्ट्र नगर पंचायत चुनाव में बीजेपी के कुल 416 उम्मीदवार जीते। दूसरे नंबर पर एनसीपी रही, जिसके 378 उम्मीदवार जीते। महाराष्ट्र की महाविकास अघाड़ी सरकार का नेतृत्व करने वाली शिवसेना 301 सीटों के साथ तीसरे नंबर पर रही। कांग्रेस के 297 उम्मीदवारों को जीत मिली। इस चुनाव में 206 निर्दलीय भी जीतने में कामयाब रहे।

अरुणाचल प्रदेश स्थानीय निकाय चुनावों में 80 प्रतिशत सीटें जीतकर बीजेपी ने रचा इतिहास
बीजेपी ने अरुणाचल प्रदेश स्थानीय निकाय चुनावों में 80 प्रतिशत सीटें जीतकर इतिहास रच दिया है। अरुणाचल प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनावों में बीजेपी ने कुल 8390 सीटों में से 6661 सीटें जीतने में सफल रही है। ग्राम पंचायत चुनावों में 8125 सीटों में से 6458 सीटें जीतकर बीजेपी ने इतिहास रच दिया। बीजेपी ने पासीघाट म्युनिसिपल काउंसिल चुनाव में 8 में से 6 सीटें जबकि ईटानगर म्युनिसिपल कॉरपोरेशन चुनाव में 20 में से 10 सीटें जीती है। इसके साथ ही जिला परिषद की 237 सीटों में से 187 सीटें जीतने में कामयाब रही है। जिला परिषद चुनाव में बीजेपी ने 78.9 प्रतिशत सीटें जीती हैं।

जम्मू कश्मीर में भाजपा को एनसी, पीडीपी और कांग्रेस को मिलाकर पाए गए वोट से ज्यादा वोट मिले
जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 और 35ए खत्म होने के बाद पहली बार हुए जिला विकास परिषद (डीडीसी) के चुनाव में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। जम्मू-कश्मीर डीडीसी चुनाव में बीजेपी सबसे ज्यादा 74 सीटें जीत चुकी है, जबकि स्थानीय पार्टियां अकेले इस आंकड़े के पास भी नहीं पहुंच पाई हैं। नेशनल कांफ्रेंस (एनसी) को 67, जबकि पीडीपी को सिर्फ 27 सीटें मिली हैं। कांग्रेस किसी तरह 26 सीटें जीत पाई है। यहां 49 निर्दलीय उम्मीदवारों को भी कामयाबी मिली है। डीडीसी चुनाव की सबसे खास बात यह रही कि भाजपा को नेशनल कांफ्रेंस, पीडीपी और कांग्रेस को मिलाकर पाए गए वोट से ज्यादा वोट मिले हैं। यहां बीजेपी को 487364 वोट मिले हैं, जबकि एनसी को 282514, पीडीपी को सिर्फ 55789 और कांग्रेस को 139382 वोट मिले हैं। एनसी, पीडीपी और कांग्रेस को मिलाकर कुल वोट 477685 होते हैं, जो बीजेपी को मिले वोट से काफी कम है।

गहलोत के गढ़ में लहराया भगवा
राजस्थान के 21 जिलों के पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्यों के लिए हुए चुनावों में बीजेपी ने सत्ताधारी कांग्रेस को जबरदस्त झटका दिया। अब तक घोषित नतीजों के अनुसार बीजेपी कुल 14 जिलों में बोर्ड बनाने जा रही है। जबकि कांग्रेस को महज पांच जिलों पर संतोष करना पड़ा। जिला परिषद की कुल 636 सीटों के लिए चुनाव में बीजेपी 323 और कांग्रेस 246 सीटें जीत चुकी है। पंचायत समिति सदस्यों के लिए हुए चुनाव में कुल 4371 सीटों में से बीजेपी को 1836 और कांग्रेस को 1718 सीटों पर जीत मिली है।

ओवैसी के गढ़ में शानदार प्रदर्शन
इसके पहले ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम चुनाव में शानदार प्रदर्शन कर बीजेपी ने केसीआर की पार्टी टीआरएस को स्पष्ट बहुमत हासिल करने से रोक दिया। हैदराबाद नगर निकाय चुनाव में असदुद्दीन ओवैसी के मजबूत गढ़ पुराने हैदराबाद में बीजेपी ने अपना परचम लहरा दिया। चुनाव भले ही नगर निगम का हो, लेकिन जिस आक्रमकता से बीजेपी यहां चुनाव लड़ी है उससे ओवैसी की पार्टी पस्त हो गई है। 2016 में सिर्फ चार सीटें हासिल करने वाली बीजेपी ने इस बार 150 में से 48 सीटों पर अपना परचम लहरा दिया। यहां टीआरएस को 56 और असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM को 44 सीटों पर जीत मिली। जबकि कांग्रेस के खाते में सिर्फ 2 सीट आई।

Leave a Reply