Home समाचार दिल्ली की सुंदर नगरी में दलित युवक की मॉब लिंचिंग, जिहादियों ने...

दिल्ली की सुंदर नगरी में दलित युवक की मॉब लिंचिंग, जिहादियों ने मनीष को 60 बार चाकुओं से गोदकर की हत्या, सेक्युलर, लिबरल और दलित नेता सब मौन

451
SHARE

देश की राजधानी दिल्ली की सुंदर नगरी में एक दलित युवक की मॉब लिंचिंग का मामला सामने आया है। इस घटना को जिस तरह से अंजाम दिया गया है, उससे पता चलता है कि मॉब लिंचिंग करने वाले जिहादियों के हौसले काफी बुलंद है। उन्हें पुलिस और कानून का कोई खौफ नहीं है। जिहादियों ने 60 से अधिक बार चाकुओं से गोदकर दलित युवक की निर्ममता से हत्या कर दी। हैरानी की बात यह है कि मौके पर आसपास के लोग भी मौजूद थे, लेकिन जिहादियों के खौफ से किसी ने दलित युवक को बचाने की हिम्मत नहीं जुटा पाई। मॉब लिंचिंग शब्द को लेकर देश और दुनिया में तूफान खड़ा करने वाले सेक्युलर, लिबरल और दलित ठेकेदार सभी मौन है, क्योंकि मरने वाले का नाम मनीष है। बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने लोगों से शांति बनाये रखने की अपील करते हुए इस हत्या के खिलाफ आवाज उठाई।

“मार दिया है। लाश उठा लो, दो और को मारेंगे”

नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के सुंदर नगरी इलाके में रहने वाले मनीष (25 साल) की शनिवार शाम (01 अक्टूबर,2022) तीन जिहादियों ने सरेआम चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला करके हत्या कर दी थी। जिहादियों के नाम फैजान, बिलाल और आलम हैं। वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों जिहादियों ने खुलेआम धमकी दी। हत्या करने के बाद जिहादियों ने गली में चीखते हुए कहा था कि मार दिया है। लाश उठा लो, दो और को मारेंगे। हत्या की पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। इसमें दिख रहा है कि कैसे जिहादी मनीष पर एक के बाद एक चाकू से हमला कर रहे हैं।

केस वापस नहीं लिया तो चाकुओं से गोदकर कर दी हत्या

दरअसल कोर्ट में मनीष का मोबाइल छीनने और चाकू से हमला करने का मामला चल रहा था। मनीष को केस वापस लेने की लगातार धमकी दी जा रही थी, लेकिन मनीष धमकियों से डरा नहीं और केस वापस नहीं लिया। परिजनों के मुताबिक एक साल पहले मनीष से उसका मोबाइल छीन लिया गया था। उस दौरान भी उसके ऊपर चाकू से हमले हुए थे, उसकी गर्दन और पेट पर चाकू से वार किया गया था। पुलिस ने तब मनीष की शिकायत पर दो आरोपी कासिम और मोहसिन को गिरफ्तार किया था। आरोप है कि अब कासिम और मोहसिन के करीबी मनीष पर लगातार केस वापस लेने का दबाव बना रहे थे। आए-दिन उसके परिवार को धमकी देते रहते थे।

धमकी के बावजूद 28 सितंबर को कोर्ट में दी थी गवाही

मनीष ने धमकी मिलने पर अदालत में एप्लीकेशन देकर शिकायत भी दी थी। सितंबर में मनीष की कोर्ट में तारीख थी और उससे पहले इन दोनों आरोपियों के परिवार के लोग मनीष के घर पहुंचे और उसको केस वापस लेने के लिए धमकाने लगे। ऐसा ना करने पर उसको जान से मारने की धमकी दी थी। मनीष ने 28 सितंबर को कोर्ट में गवाही दी, जिसके ठीक 3 दिन बाद मनीष की उसके घर के बाहर ही हत्या कर दी गई। अब पुलिस का कहना है कि जिन लोगों ने मनीष के घर पहुंच कर परिवार को धमकी दी थी, उनकी पहचान भी की जा रही है। जल्द ही उनकी गिरफ्तारी की जाएगी। 

बीजेपी सांसद मनोज तिवारी की शांति बनाये रखने की अपील

नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने मनीष के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने इस घटना के बाद लोगों से शांति बनाये रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि सुंदर नगरी की घटना बेहद दर्दनाक है। वो लगातार डीसीपी के संपर्क में हैं और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा होने तक चैन से नहीं बैठेंगे। इस घटना के पीछे बड़ी साजिश छिपी हुई है। उन्होंने ट्वीट किया, “मनीष हत्याकांड में आरोपियों मोहम्मद आलम, मोहम्मद बिलाल और मोहम्मद फैजान को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार भी किया है। हम सब लोगों को शान्ति बनाये रखनी है। ये planned murder है, और ख़तरनाक हथियार इनके घरों में भी हो सकते है। उनके घरों की तलाशी भी लेनी चाहिए, दिल्ली पुलिस।”

केजरीवाल मुर्दाबाद और योगी-योगी के लगे नारे

हालांकि पुलिस ने हत्या के आरोपी तीन जिहादियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनके पास से वारदात में इस्तेमाल चाकू भी बरामद कर लिया गया है। लेकिन जिस तरह दलित युवक की निर्मम हत्या की गई, उससे इलाके में काफी तनाव है। इलाके के आक्रोशित लोगों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। स्थानीय लोग केजरीवाल मुर्दाबाद और योगी-योगी के नारे लगा रहे थे। उनका कहना था कि यूपी की योगी सरकार बहुत अच्छा काम कर रही है। ऐसे गलत काम नहीं होते हैं। हिन्दुओं के लड़कों को काटा नहीं जाता है। तुरंत कार्रवाई होती है। दिल्ली की सरकार में ही ऐसा होता है। जब भी मरता है हिन्दू का लड़का मरता है। 

सुंदर नगरी से हिन्दुओं का पलायन, हिंदू महिलाओं को रेप की धमकी

दिल्ली के सुंदर नगरी की यह दर्दनाक घटना का वीडियो सामने के बाद स्थानीय लोगों की भी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, जो काफी हैरान करने वाला है। लोगों का कहना है कि सुंदर नगरी में 15 सालों में मात्र 30 प्रतिशत हिंदू बचें हैं, हनुमान मंदिर को खंडित किया गया। जेहादी मांस की दुकानों को ज़बरन चलाते हैं। हिंदू महिलाओं को रेप करने की धमकियां देते हैं। यहां हिन्दू सुरक्षित नहीं है। इससे पलायन करने पर मजबूर है।

Leave a Reply