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लॉकडाउन के दौरान मोदी सरकार ने रखा गरीबों का ख्याल, फ्री में दिए 1.5 करोड़ रसोई गैस सिलेंडर

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लॉकडाउन के दूसरे चरण में पूरा देश कोरोना वायरस के खिलाफ जंग लड़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 24 मार्च को 21 दिनों के लिए लॉकडाउन की घोषणा की उसके बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने करीब 1.75 लाख करोड़ के राहत पैकेज का भी ऐलान किया। इसमें उज्ज्वला योजना की महिला उपभोक्ताओं को तीन महीने तक फ्री में रसोई गैर सिलेंडर देने की बात भी कही गई थी।

पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान गरीबों को राहत के उपाय के तहत पिछले दो सप्ताह में डेढ़ करोड़ एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराए गए हैं। इस योजना के सुचारु क्रियान्वयन के लिए पेट्रोलियम विपणन कंपनियां सिलेंडर के खुदरा बिक्री मूल्य के बराबर राशि अग्रिम में लाभार्थियों के खातों में डाल रही हैं। लाभार्थी इस राशि का इस्तेमाल एलपीजी सिलेंडर लेने में कर सकेंगे।

पेट्रोलियम विपणन कंपनियां प्रतिदिन 50 से 60 लाख सिलेंडर वितरित कर रही हैं। इनमें पीएमयूवाई लाभार्थियों के लिए लगभग 18 लाख मुफ्त सिलेंडर शामिल हैं। धर्मेंद्र प्रधान करीब 800 एलपीजी सिलेंडर घर-घर पहुंचाने वाले कर्मचारियों के साथ वेबिनार में शामिल हुए। उन्होंने इन डिलिवरी करने वाले कर्मचारियों को संकट के इस समय आगे बढ़ाकर लड़ने वाला सैनिक और कोरोना फाइटर बताया।

इससे पहले तेल वितरण कंपनियां प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज के तहत प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के खातों में 5,606 करोड़ रुपये भेज चुकी थी, जिससे वे मुफ्त रसोई गैस एलपीजी के सिलेंडर ले सकें। जिन उपभोक्ताओं को 31 मार्च, 2020 तक प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत कनेक्शन मिला है, वे सभी उपभोक्ता प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के लाभ प्राप्त करने के पात्र हैं।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (पीएमजीकेवाई) के तहत केंद्र ने कई राहत उपायों की घोषणा की थी। इनमें प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) के तहत आठ करोड़ लाभार्थियों को अप्रैल से जून के बीच 14.2 किलोग्राम के तीन रसोई गैस सिलेंडर मुफ्त में देना शामिल है।

वित्त मंत्री ने राहत पैकेज में सभी श्रेणी के लोगों का ध्यान रखने की कोशिश की थी। उन्होंने बताया था कि उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को अगले तीन महीने तक मुफ्त में रसोई गैस सिलेंडर मिलेगा। इससे 8.3 करोड़ गरीब परिवारों को लाभ मिलेगा।

देश में एलपीजी के 27 करोड़ 87 लाख सक्रिय उपभोक्ता हैं। इनमें से आठ करोड़ से ज्यादा उज्ज्वला योजना के लाभार्थी हैं। राष्ट्रीय लॉकडाउन के दौरान सभी लोग अपने-अपने घरों में रह रहे हैं ताकि वे सुरक्षित रहें। ऐसे समय में आपूर्ति करने वाले कर्मचारी और आपूर्ति श्रृंखला में कार्य करने वाले कर्मचारी अथक परिश्रम कर रहे हैं ताकि लोगों को स्वच्छ ईंधन की आपूर्ति उनके घरों में की जा सके।

मोदी सरकार ने मार्च के आखिर सप्ताह में कोरोना संकट के उबरने के लिए आर्थिक पैकेज का ऐलान किया था। डालते हैं एक नजर-

मोदी सरकार ने दिया 1.70 लाख करोड़ रुपए का राहत पैकेज, गरीबों-ज़रूरतमंदों के मिलेगी मदद
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने कोरोना वायरस के प्रकोप के बीच अर्थव्यवस्था और गरीबों की मदद के लिए 1.70 लाख करोड़ रुपए के पैकेज की घोषणा की। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गरीब कामगारों के लिए पैकेज का एलान किया। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों से आने वाले कामगारों और गरीबों के लिए 1.70 लाख करोड़ रुपए का पैकेज तैयार किया गया है। हमारी कोशिश होगी कि गांवों और शहरों में रहने वाला कोई भी गरीब भूखा न सोए। इसके तहत गरीबों को हर महीने 10 किलो का मुफ्त अनाज दिया जाएगा और किसानों को भी आर्थिक मदद दी जाएगी। साथ ही महिलाओं, बुजुर्गों और कर्मचारियों के लिए भी ऐलान किए गए हैं।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना
निर्मला सीतारमण ने बताया कि पीएम गरीब कल्याण धन योजना के तहत किसानों, मनरेगा, गरीब विधवा, गरीब पेंशनधारी और दिव्यांगों, और जनधन अकाउंट धारी महिलाओं, उज्ज्वला योजना की लाभार्थी महिलाएं, स्वंय सेवा समूहों की महिलाओं और संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों, कंस्ट्रक्शन से जुड़े मजदूरों को मदद दी जाएगी।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना
अगले तीन महीने के लिए हर गरीब को अब 5 किलो का अतिरिक्त गेहूं और चावल मिलेगा, यानी कुल 10 किलो का गेहूं या चावल उसे मिल सकेगा। साथ ही उन्हें 1 किलो दाल भी मिलेगी, जिसमें क्षेत्र के मुताबिक लोगों के पसंद की दाल दी जाएगी।

हेल्थ वर्कर्स को मेडिकल इंश्योरेंस
कोरोनावायरस से निपटने में देश के हेल्थ वर्कर्स की अहम भूमिका को समझते हुए सरकार ने गरीबों को अगले तीन महीने के लिए 50 लाख रुपए का मेडिकल इंश्योरेंस कवर देने का फैसला किया है।

किसानों, महिलाओं और बुजुर्गों को भी राहत
अप्रैल के पहले हफ्ते में किसानों के खाते में 2000 रुपए की किस्त डाली गई। देश के 8 करोड़ 70 लाख किसानों को इसका लाभ होगा। वहीं बुजुर्ग, विधवा और दिव्यांगों को 1000 रुपए अतिरिक्त देने की घोषणा की गई।

उज्ज्वला योजना के तहत 8 करोड़ महिला लाभार्थियों को लाभ मिलेगा।

इसके अतिरिक्त अगले तीन महीने तक महिला जनधन खाताधारकों को प्रति माह 500 रुपए दिए जाएंगे, जिसका लाभ 20 करोड़ महिलाएं उठा पाएंगी। इसके साथ ही दीनदयाल योजना के तहत महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख का लोन दिया जाएगा।

ईपीएफ से निकाल सकेंगे 75% फंड
सरकार 3 महीने तक इम्प्लॉई प्रोविडेंट फंड में कर्मचारी और नियोक्ता, दोनों का पूरा योगदान खुद देगी, यानी ईपीएफ में पूरा 24% योगदान सरकार देगी। जमा रकम का 75% या 3 महीने के वेतन में से जो भी कम होगा, उसे निकाल सकेंगे। इससे 4.8 करोड़ कर्मचारियों को फायदा मिलेगा जो ईपीएफओ के सदस्य हैं। इसके लिए पीएफ रेग्युलेशन में संशोधन भी किया जाएगा।

मनरेगा के तहत मजदूरी में बढ़ोतरी 
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि जो लोग ग्रामीण इलाकों में मनरेगा के तहत मजदूरी करते हैं, इनकी दिहाड़ी 182 रुपये से बढ़ाकर 202 रुपए कर दी गई है। प्रति मजदूर को करीब दो हजार रुपये की अतिरिक्त कमाई होगी, जिसका लाभ 5 करोड़ मजदूरों को मिलेगा।

कंस्ट्रक्शन सेक्टर के वर्कर्स को मिलेगी मदद
राष्ट्र निर्माण में भवन और अन्य निर्माण कार्य से जुड़े 3.5 करोड़ रजिस्टर्ड वर्कर, जो लॉकडाउन की वजह से आर्थिक दिक्कतें झेल रहे हैं, इनके लिए सरकार द्वारा 31 हजार करोड़ रुपए का फंड दिया गया है।

आइए 10 बिन्दुओं में समझते हैं मोदी सरकार द्वारा दिए गए राहत पैकेज को –

1- अगले तीन महीने के लिए हर गरीब को अब 10 किलो राशन दिया जाएगा।

2- उज्ज्वला योजना के तहत अगले 3 महीनों के लिए 3 मुफ्त रसोई गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा।

3- बुजुर्ग, विधवा और दिव्यांगों को 1000 रुपए अतिरिक्त दिए जाएंगे।

4- मनरेगा के तहत मजदूरी करने वाले मजदूरों की दिहाड़ी बढ़ाई गई।

5- अगले तीन महीने तक महिला जनधन खाताधारकों को प्रति माह 500 रुपए दिए जाएंगे।

6- दीनदयाल योजना के तहत महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख का लोन दिया जाएगा।

7- सरकार 3 महीने तक इम्प्लॉई प्रोविडेंट फंड में कर्मचारी और नियोक्ता, दोनों का पूरा योगदान खुद देगी।

8- गरीबों को अगले तीन महीने के लिए 50 लाख रुपए का मेडिकल इंश्योरेंस कवर दिया जाएगा।

9- अप्रैल के पहले हफ्ते में किसानों के खाते में 2000 रुपए की किस्त डाल दी जाएगी।

10- 3.5 करोड़ रजिस्टर्ड वर्कर्स के लिए 31 हजार करोड़ रुपए का फंड।

 

 

 

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