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केजरीवाल 2014 से थमा रहे वादों का झुनझुना, पांच साल के अंदर हर घर में पाइप से 24 घंटे पानी पहुंचाएंगे, दिल्ली को RO से भी शुद्ध पानी देंगे, हकीकत आठ साल बाद भी दिल्ली में पानी की किल्लत

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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल वर्ष 2014 से दिल्ली की जनता को वादों का झुनझुना थमा रहे हैं। दिल्ली गर्मी के मौसम में तो पानी से बेहाल रहती ही है अब सर्दी में भी कई इलाकों में पर्याप्त पानी की सप्लाई नहीं किए जाने की शिकायत आने लगी है। जिन इलाकों में पाइपलाइन नहीं बिछाई गई है वहां टैंकर भी समय से नहीं पहुंच पाते। केजरीवाल ने 2014 में कहा था कि पांच साल में हर घर के अंदर पाइप से पानी आएगा। 2015 में कहा कि पांच साल में पूरी दिल्ली में पानी की पाइपलाइन बिछाएंगे। 2016 में कहा कि आपके RO से अच्छा जल बोर्ड का पानी होगा। इसी तरह 2019 में उन्होंने कहा कि 2024 तक दिल्ली के हर नागरिक को 24 घंटे पानी मिलेगा। अब इसे क्या कहा जाए कि हर साल एक ही वादा 24 घंटे पानी मिलेगा। केजरीवाल को दिल्ली के विकास से मतलब नहीं है, उन्हें केवल वादे और गारंटी बांटना आता है। यही नहीं दिल्ली में हर घर में पानी तो पहुंचा नहीं सके पंजाब चुनाव से पहले वहां भी 24 घंटे पानी का वादा कर आए। पंजाब उनकी सरकार भी बन गई लेकिन अब वे कह रहे हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका समाधान निकालें।

2014
अरविंद केजरीवाल- पांच साल में हर घर के अंदर पाइप से पानी आएगा

पांच साल के अंदर हर घर के अंदर पाइप से पानी पहुंचाएंगे। पाइपलाइन बिछाएंगे। हर घर के अंदर आपकी टूटी के अंदर पानी आया करेगा। ये मेरा वादा है। लेकिन पांच साल लगेंगे।

2015
अरविंद केजरीवाल- पांच साल में पूरी दिल्ली में पानी की पाइपलाइन बिछाएंगे

पांच साल के अंदर हर घर के अंदर पूरी दिल्ली में पानी की पाइपलाइन बिछाएंगे। ये दिल्ली के लिए शर्म की बात है कि देश की राजधानी में हर घर के अंदर पानी नहीं आता। पांच साल में पाइपलाइन बिछाएंगे, हर घर की टूटी में पानी आएगा।

2016
अरविंद केजरीवाल- आपके RO से अच्छा जल बोर्ड का पानी होगा

दिसंबर 2017 तक, यानी की एक्जाक्टली 22 महीने के अंदर दिल्ली के हर कोने के अंदर, दिल्ली की हर कालोनी के अंदर, दिल्ली के हर घरों के अंदर, पाइप से दिल्ली में पानी पहुंच जाएगा। दिल्ली की हर टूटी में जो पानी आएगा वो पीने का होगा। दिल्ली की जलबोर्ड का पानी आप पी सकते हैं। आपके RO से अच्छा पानी, जल बोर्ड का पानी मिला करेगा।

2019
अरविंद केजरीवाल- 2024 तक दिल्ली के हर नागरिक को 24 घंटे पानी मिलेगा

हमें उम्मीद है कि 2024 तक हम दिल्ली के हर नागरिक को 24 घंटे उनकी टूटी में पानी मुहैया कराने में कामयाब होंगे।

21 शहरों की रैंकिंग में दिल्ली का पानी सबसे खराब

वर्ष 2019 में किए गए सर्वे में यह बात सामने आई कि दिल्ली की सिर्फ हवा ही नहीं बल्कि पानी भी प्रदूषित है। देश के 21 शहरों में दिल्ली का पानी सबसे ज्यादा प्रदूषित पाया गया। केंद्र सरकार ने ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (बीआईएस) को 21 शहरों से पानी के नमूने एकत्र कर उनकी जांच करने और रैंकिंग जारी करने का जिम्मा दिया था। इसमें सिर्फ मुंबई का पानी हर मानक पर पास हुआ है। यहां के सभी 10 सैंपल सही पाए गए। बीआईएस ने पानी के नमूनों की जांच 19 मानकों पर की। दिल्ली में पानी सप्लाई का जिम्मा दिल्ली जलबोर्ड के हवाले है। रैंकिंग जारी होने के बाद आम आदमी पार्टी ने इस जांच पर सवाल उठाए थे। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि हम 2024 तक हर घर तक साफ पानी पहुंचाएंगे। हमारी सरकार इस दिशा में काम कर रही है।

केजरीवाल ने पंजाब चुनाव से पहले कहा- 24 घंटे पानी का इंतजाम करेंगे

दिल्ली में किए गए वादे पूरे नहीं कर पाए लेकिन पंजाब में जाकर वही वादा दोहरा आए। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नाम एक और झूठ जुड़ गया है। पंजाब चुनाव से पहले उन्होंने कहा था पंजाब के कई जिलों में पानी की किल्लत है। हम सत्ता में आएंगे तो 24 घंटे पानी का इंतजाम करेंगे। लेकिन अब चुनाव के बाद कह रहे हैं पानी की समस्या दूर करना केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है। सतलुज-यमुना लिंक (SYL) नहर के मुद्दे पर बुरी तरह घिर चुकी आम आदमी पार्टी के मुखिया ने अब पीएम नरेंद्र मोदी से मांग की कि वह इसका समाधान करें।

सर्दियों में भी पानी को मोहताज हैं दिल्ली के कई रिहायशी इलाके

अमरउजाला की रिपोर्ट से समझ सकते हैं कि जनवरी 2022 में लोगों को किस तरह पानी किल्लत झेलनी पड़ी। 63 वर्षीय आशा देवी पानी के लिए अक्सर परेशान रहती हैं। सप्ताह में दो से तीन बार ही इन्हें समय पर पानी मिल पाता है क्योंकि अधिकांश समय रात आठ से नौ के बीच पानी नहीं आता और सुबह कभी आठ तो कभी छह बजे ही पानी आने लगता है। अगर सुबह जल्दी न उठें तो इन्हें पानी के लिए पूरे दिन परेशान रहना पड़ता है। आशा देवी बताती हैं कि यह हालात सिर्फ गर्मियों में ही नहीं, बल्कि इन दिनों में भी हैं। वे कहती हैं, ‘दिल्ली में बारिश साल में गिनती के दिन ही होती है। बारिश हो या नहीं, हमारे लिए यह संकट वही रहता है। सर्दी-गर्मी के बीच अंतर इतना ही है कि जून-जुलाई में थोड़ी बहुत किल्लत बढ़ जाती है।’ यह स्थिति अकेले आशा देवी की नहीं है बल्कि पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मी नगर इलाके के जे एक्सटेंशन में ज्यादातर घर इसका सामना कर रहे हैं। यहां से चंद किलोमीटर दूर मयूर विहार निवासी अंकिता बंसोड यहां तक कहती हैं कि दिनभर में उनकी एक ड्यूटी बार बार ये देखने की है कि नल आया या नहीं। इसकी वजह से बार बार मोटर चलाने से वह एयर ले जाती है और फिर मैकेनिक बुलाना पड़ता है। यह हर महीने की हालत है और करीब 500 से एक हजार रुपये का खर्चा मोटर की एयर निकालने में ही लग जाता है।

दिल्ली में पानी की किल्लत के लिए जिम्मेदार कौन?

दिल्ली में कमोबेश हर साल गर्मी के मौसम में पानी की किल्लत होती है और इस साल भी यही आलम रहा। एक तरफ लोग गर्मी से बेहाल रहे वहीं पानी की किल्लत उनकी परेशानी और बढ़ा देती है। दिल्ली के कुछ इलाकों में तो पानी को लेकर लड़ाई आम बात हो चुकी है। लोग अक्सर पानी के टैंकर आने पर जल्दबाजी में उलझते रहते हैं। ऐसे में कुल मिला कर यह कहा जा सकता है कि दिल्ली में पानी कि किल्लत ने बढ़ती गर्मी और उमस से बेहाल लोगों के जीवन में आग में घी का काम कर रही है। कभी दिल्ली सरकार का हरियाणा सरकार पर पानी कम छोड़ने का आरोप तो कभी अन्य आरोप कुल मिलाकर लोग पानी के बिना बेहाल रहते हैं।

यमुना में अमोनिया का स्तर बढ़ने से दिक्कत

कभी यमुना अमोनिया का स्तर बढ़ने तो कभी यमुना में पानी कम होने के कारण दिल्लीवासियों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ता है। इस साल रिकार्ड तोड़ गर्मी के बीच लोगों को पेयजल किल्लत से अधिक जूझना पड़ा। चिंताजनक यह है कि समस्या के निदान के लिए गंभीर प्रयास करने के बजाए राजनीतिक आरोप प्रत्यारोप अधिक होते हैं। यदि दिल्ली में जल प्रबंधन बेहतर और पड़ोसी राज्यों के साथ तालमेल अच्छा हो तो ऐसे मुद्दे से निपटा जा सकता है।

हरियाणा से तीन माध्यम से आता है दिल्ली में पानी

दिल्ली में यमुना का पानी हरियाणा से तीन माध्यमों से आता है, जिसमें पक्की मूनक नहर, दिल्ली सब ब्रांच (डीएसबी) नहर व यमुना नदी शामिल है। मूनक नहर व डीएसबी से हैदपुर, नांगलाई, बवाना व द्वारका जल शोधन संयंत्र में पानी पहुंचता है। वजीराबाद, चंद्रावल व ओखला जल शोधन संयंत्र के लिए ज्यादा वजीराबाद बैराज से यमुना का पानी उठाया जाता है। ऐसे में गर्मी में यमुना में पानी कम होने पर समस्या बढ़ना स्वभाविक है। इसलिए गर्मी में यदि वजीराबाद, चंद्रावल व ओखला जल शोधन संयंत्र के लिए भी करीब पूरा पानी मूनक नहर व डीएसबी से लिया जाए तो समस्या का निदान हो सकता है।

ऐसे रुक सकती है बर्बादी

नहर के जरिये पानी आने पर ज्यादा बर्बादी भी नहीं होगी। इसके लिए हैदरपुर जल शोधन संयंत्र से वजीराबाद संयंत्र में पानी ले जाने के लिए दो पाइप लाइन होना जरूरी है। मौजूदा समय में सिर्फ एक पाइप लाइन है, जिसकी क्षमता करीब 284 क्यूसेक है। इस पाइप लाइन से मूनक नहर व डीएसबी का पानी तीनों संयंत्रों में ले जाकर संभवत: शोधित भी किया जा रहा है, लेकिन इस एक पाइप लाइन की क्षमता इतनी नहीं है कि तीन जल शोधन संयंत्रों की क्षमता के अनुरूप पानी पहुंचा सके। इसलिए हैदरपुर से वजीराबाद के बीच करीब 125 क्यूसेक क्षमता की दूसरी पाइप डालनी पड़ेगी और वजीराबाद बैराज के पास यमुना में जो 120 क्यूसेक पानी की जरूरत होती है यदि वह मूनक नहर व डीएसबी के जरिये ही हरियाणा सरकार से उपलब्ध कराने के लिए कहा जाए तो गर्मी में होने वाली पेजयल किल्लत की समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी।

लागू नहीं हो रही है 2012 की जल नीति

दूसरी बात यह है कि पेयजल वितरण और प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए वर्ष 2012 में जल नीति व मास्टर प्लान तैयार किया गया था। यह जल नीति लागू नहीं हुई। इस जल नीति के मसौदे में पेयजल के बराबर वितरण, पानी की बर्बादी रोकने व बाढ़ के पानी के भंडारण पर जोर दिया गया था। दिल्ली में अभी प्रति व्यक्ति करीब 212 लीटर पानी उपलब्ध है। जबकि केंद्रीय शहर विकास मंत्रालय के दिशा-निर्देश के अनुसार महानगरों में प्रति व्यक्ति 150 लीटर पानी उपलब्ध होना चाहिए। इस लिहाज से दिल्ली में पानी की प्रति व्यक्ति ज्यादा है। कई इलाकों में प्रतिदिन प्रति व्यक्ति 300 लीटर से अधिक पानी की आपूर्ति होती है तो कहीं लोग टैंकर पर निर्भर हैं। इस असमानता को दूर करना होगा।

पानी के भंडारण की क्षमता नहीं

जुलाई से अक्टूबर के बीच मानसून के दौरान यमुना में दिल्ली के लिए 580 मिलयिन क्यूसेक मीटर (एमसीएम) पानी आवंटित है। जिसमें से 282 एमसीएम पानी इस्तेमाल होता है। बाढ़ के पानी के भंडारण की क्षमता नहीं होने के कारण 298 एमसीएम पानी बह जाता है। बाढ़ के पानी के संग्रहण की कई बार योजनाएं बनी लेकिन तकनीकी व कुछ अन्य कारणों से योजनाओं पर खास अमल नहीं हो सका। सीवरेज के शोधन से करीब 500 एमजीडी से पानी उपलब्ध होता है। उसे दोबारा शोधित कर गैर घरेलू कार्यों में इस्तेमाल कर पेयजल की बचत की जा सकती है। इसके लिए भी वर्षों पहले पहल की गई। फिर भी अभी 90-100 एमजीडी सीवरेज से उपचारित पानी ही विभिन्न कार्यों में इस्तेमाल हो पाता है।

दिल्ली सरकार हर घर में देगी 24 घंटे साफ पानी

दिल्ली सरकार ने दिल्ली में हर घर नल में 24 घंटे साफ पानी पहुंचाने के लिए एक योजना बनाई है जिसको लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मार्च 2002 में एक बैठक की थी। इस बैठक में जानकारी दी गई कि मॉनसून के दौरान यमुना में आने वाले अतिरिक्त जल को स्टोर कर उसे शुद्ध करके लोगों के घरों तक पहुंचाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट को पहले दिल्ली सरकार पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू करेगी। इसे लेकर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वजीराबाद जलाशय के ऊपरी छोर पर 459 एकड़ का कैचमेंट वेटलैंड जलाशय बनाया जाए। सीएम ने 20 एकड़ का ऑफ रिवर मिनी जलाशय बनाने को लेकर भी निर्देश दिए। बारिश के पानी को शुद्ध करने की योजना को लेकर हुई उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली सरकार की योजना है, कि मानसून के दौरान यमुना में आने वाले अतिरिक्त पानी को जलाशयों में स्टोर किया जाए और उसे शुद्ध करके लोगों के घर तक पहुंचाया जाए। हमारी यह रणनीति सफल होती है, तो ऐसे और जलाशय बनाए जाएंगे, ताकि मानूसन के दौरान यमुना में आने वाले अतिरिक्त पानी को स्टोर कर उसका इस्तेमाल पीने के लिए किया जा सके।

क्यों नहीं मिल रहा दिल्ली की जनता को शुद्ध पानीः आदेश गुप्ता

भाजपा ने आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार पर पेयजल की समस्या हल नहीं करने का आरोप लगाया है। दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सत्ता में आने पर पांच साल में सभी घरों में 24 घंटे शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने का वादा किया था, परंतु आज तक पानी की समस्या हल नहीं हुई। मुख्यमंत्री को बताना चाहिए कि दिल्लीवासियों को शुद्ध जल क्यों नहीं मिल रहा। उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री का स्वच्छ जल आपूर्ति का वादा पूरा हो गया हो तो उन्हें अपने घर व दफ्तर में आरओ का प्रयोग नहीं करना चाहिए।

पाइप लाइन बिछाने का दावा झूठा

गुप्ता ने कहा कि दिल्ली जल बोर्ड 93 फीसद इलाके में पाइप लाइन बिछाने का झूठा दावा कर रहा है। शीला दीक्षित सरकार के समय प्रत्येक वर्ष टैंकर पर 1109 करोड़ रुपये खर्च होते थे अब यह राशि बढ़कर 1783 करोड़ रुपये हो गई है। इससे साबित होता है कि पाइप लाइन सिर्फ कागजों में बिछाई गई है। उन्होंने कहा कि 2019 में भारतीय मानक ब्यूरो के सर्वे में दिल्ली का पानी 21 शहरों में सबसे ज्यादा गंदा मिला था।

25 फीसद कम हो रही पानी की आपूर्ति

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि जल बोर्ड के माध्यम से 47 हजार करोड़ रुपये खर्च करने के बावजूद पानी आपूर्ति की व्यवस्था ठीक नहीं हुई। 25 फीसद कम पानी की आपूर्ति हो रही है। 40 फीसद आबादी में शुद्ध जल नहीं मिल रहा है। रेणुका डैम से दिल्ली को पानी मिल सके इसके लिए हिमाचल प्रदेश सरकार को समझौते के अनुसार धनराशि नहीं दी गई।

दिल्ली को अफ्रीका के गांव से भी बदतर बना दियाः गंभीर

पूर्वी दिल्ली के सांसद गौतम गंभीर ने कहा कि केजरीवाल ने दिल्ली को लंदन, पेरिस व न्यूयार्क बनाने का वादा किया था। आज उन्होंने दिल्ली को अफ्रीका के एक गांव से भी बदतर बना दिया। लाखो परिवार आरओ का खर्चा वहन नहीं कर सकते हैं। इन परिवारों को साफ पानी उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी सरकार की है। उन्होंने कहा कि वह एक साल पहले गाजीपुर में देश का सबसे बड़ा वाटर एटीएम लगाना चाहते थे। वहां से रोजाना 50 हजार लोगों को 20 पैसे प्रति लीटर के हिसाब से साफ पानी मिलता। सभी जगह से अनुमति मिल गई, लेकिन फाइल दिल्ली सरकार के पास अटकी हुई है।

केजरीवाल के गारंटी कार्ड में ये हैं 10 काम का वादा

पहले 49 दिन और उसके बाद पांच साल तक सरकार चलाने के बाद अरविंद केजरीवाल एक बार फिर से पांच साल तक दिल्ली में सरकार चलाने के लिए तैयार हैं। 2020 में तीसरी बार सरकार बनाने वाले केजरीवाल ने चुनावी घोषणा पत्र जारी करने से पहले दस वादों की गारंटी दी थी। उन गारंटी क्या हुआ किसी को पता नहीं।

1- जगमगाती दिल्ली
सबको 24 घंटे लगातार बिजली, 200 यूनिट बिजली मुफ्त बिजली मिलती रहेगी। तारों के जंजाल का अंत, हर घर तक अंडर ग्राउंड केबल से पहुंचेगी बिजली।

2- हर घर नल का जल
हर घर 24 घंटे शुद्ध पीने का पानी की सुविधा। हर परिवार को 20 हज़ार लीटर मुफ्त पानी की योजना जारी रहेगी।

3- देश की सबसे बेहतर शिक्षा व्यवस्था। दिल्ली के हर बच्चे के लिए होगी विश्वस्तरीय शिक्षा की व्यवस्था।

4-सस्ता, सुलभ और बेहतरीन इलाज
दिल्ली के हर परिवार को आधुनिक अस्पतालों और मोहल्ला क्लीनिक के ज़रिए इलाज की समुचित सुविधा।

5-सबसे बड़ी और सस्ती यातायात व्यवस्था
11 हज़ार से अधिक बसें और 500 किमी से ज़्यादा लंबी मेट्रो लाइनें। महिलाओं के साथ साथ छात्रों को भी मुफ्त बस यात्रा की सुविधा।

6- प्रदूषण मुक्त दिल्ली
वायु प्रदूषण के स्तर को कम से कम तीन घुना घटाने का लक्ष्य। 2 करोड़ से ज़्यादा पेड़ लगाकार बनाई जाएगी ग्रीन दिल्ली। स्वच्छ और अविरल होगी यमुना की धारा।

7-स्वच्छ एवं चमचमाती दिल्ली
दिल्ली को कूड़े और मलबे के ढेरों से मुक्ति दिलाकर साफ़ और सुंदर बनाएंगे।

8-महिलाओं के लिए सुरक्षित दिल्ली
सीसीटीवी कैमरा, स्ट्रीट लाइट्स और बस मार्शल के साथ साथ मोहल्ला मार्शल की भी होगी तैनाती।

9-मूलभूत सुविधा युक्त कच्ची कॉलोनियां
सभी कच्ची कॉलोनियों में होगी रोड, पीने का पानी, सीवर, मोहल्ला क्लीनिक और सीसीटीवी का सुविधा।

10-जहां झुग्गी वहीं मकान
दिल्ली के हर झुग्गीवासी को सम्मानपूर्ण जीवन देने के लिए दिया जाएगा पक्का मकान।

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