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गुजरात और हिमाचल चुनाव के एग्जिट पोल से मिले संकेत, राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा फ्लॉप, चुनाव में जनता को जोड़ने में नाकाम रही कांग्रेस

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सात सितंबर से शुरू हुई कांग्रेस की 3,570 किलोमीटर और 150 दिन लंबी पदयात्रा अब राजस्थान से होकर गुजर रही है। इस दौरान दो राज्यों गुजरात और हिमाचल प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव के एग्जिट पोल सामने आ चुके हैं। एग्जिट पोल से साफ हो चुका है कि गुजरात और हिमाचल प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनने जा रही है, वहीं कांग्रेस का प्रदर्शन पहले और खराब होने वाले है। कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा भी कांग्रेस के प्रदर्शन को बेहतर नहीं कर पाई। जिस तरह कांग्रेस के सीटों और मत प्रतिशत में गिरावट नजर आ रही है, उससे लगता है कि इस यात्रा का उलटा ही असर हो रहा है। जनता कांग्रेस से जुड़ने की जगह उससे और दूर होती जा रही है। 

गुजरात और हिमाचल प्रदेश के चुनावों के नतीजें गुरुवार 8 दिसंबर को जारी किए जाएंगे, लेकिन उससे पहले एग्जिट पोल के आंकड़ों से अनुमान लगाया गया है कि दोनों राज्यों में बीजेपी की सत्ता बरकरार रहेगी। इन दोनों राज्यों के एग्जिट पोल के आंकड़े बीजेपी को तो राहत देने वाले हैं। गुजरात को लेकर जितने भी सर्वे हुए है, उन सभी का अनुमान है कि बीजेपी गुजरात के चुनावी इतिहास में नया रिकॉर्ड बनाने जा रही है। बीजेपी पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। यही नहीं, पिछली बार के मुकाबले इस बार सीटों में भी बढ़ोतरी हो सकती है। सभी सर्वे की बात करें तो बीजेपी को 110 से लेकर 151 तक सीटें मिल सकती हैं।

गुजरात में 27 साल के शासन के बाद फिर से जनता ने बीजेपी पर ही भरोसा जताया है। वहीं कांग्रेस अपना पिछला प्रदर्शन भी दोहराने में नाकाम साबित हो रही है। कांग्रेस के सीटों का अनुमान 16 से लेकर 61 लगाया गया है। लेकिन ज्यादातर राजनीतिक विश्लेषकों का अकालन है कि कांग्रेस की सीटें घटकर आधी हो जाएंगी। यह कांग्रेस के लिए खतरे की आहट है। जनता कांग्रेस से जुड़ने की जगह और अलग होती जा रही है। गौरतलब है कि 2017 में बीजेपी ने 99 सीटों पर जीत हासिल की थी। 2012 के मुकाबले बीजेपी को 16 सीटों का नुकसान उठाना पड़ा था। वहीं, कांग्रेस ने 77 सीटों पर जीत हासिल की थी। 2012 के मुकाबले कांग्रेस को 16 सीटों का फायदा मिला था।

एग्जिट पोल से हिमाचल प्रदेश के चुनावी ट्रेंड बदलने के संकेत मिले हैं। हिमाचल प्रदेश को लेकर जितने भी एग्जिट पोल सामने आए है, उनमें ज्यादातर ने बीजेपी की सत्ता बरकरार रहने का अनुमान लगाया है। 68 विधानसभा सीटों वाले हिमाचल में बहुमत के लिए 35 सीटों की जरूरत पड़ती है। आजतक एक्सिस माय इंडिया के सर्वे को छोड़कर तमाम एग्जिट पोल के ओवरऑल आंकड़े देखें तो बीजेपी की जीत तय है। ऐसे में इस राज्य में भी कांग्रेस सत्ता में आने से चूक जाएगी।

दो राज्यों में हुए चुनाव में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन के लिए मुख्य रूप से कांग्रेस का आलाकमान जिम्मेदार है। दोनों राज्यों में कांग्रेस ने राज्य संगठन पर पूरा चुनाव छोड़ दिया था। बड़े नेता बिल्कुल भी एक्टिव नहीं दिखे। गुजरात में राहुल गांधी की मुश्किल से तीन रैलियां हुईं। इसी तरह नए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी सिर्फ दो दिन गुजरात चुनाव को दिया। हिमाचल प्रदेश में प्रियंका गांधी गईं, लेकिन राहुल नहीं गए। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ कांग्रेस नेताओं के विवादित बयानों ने आग में घी डालने का काम किया। अब कांग्रेस पर सवाल उठने लगा है। आखिर राहुल गांधी की इतनी मेहनत के बावजूद जनता कांग्रेस का साथ क्यों छोड़ रही है ? क्या भारत जोड़ो यात्रा राहुल गांधी की छवि चमकाने तक सीमित हो कर रह जाएगी ? 

 

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