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बिहार में गुंडाराज : नीतीश से संभल नहीं रहा राज्य, बेगूसराय में दो गुंडों का तांडव, राह चलते 11 लोगों को मारी गोली, एक की मौत और 10 के घायल होने से दहशत में लोग

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बिहार में जेडीयू और आरजेडी के महागठबंधन की सरकार बनने के बाद अपराधियों के हौसले बुलंद है। राज्य में बढ़ रही आपराधिक घटनाओं के सामने नीतीश कुमार पूरी तरह लाचार नजर आ रहे हैं। उनसे राज्य संभल नहीं रहा है। उनका पूरा ध्यान प्रधानमंत्री पद के लिए उम्मीदवार बनने की जोड़-तोड़ में लगा है। इससे अपराधी बेलागम हो चुके हैं। आलम ये है कि अपराधी राह चलते लोगों पर गोलियों की बौछार कर रहे हैं। बेगूसराय में बाइक सवार दो अपराधियों ने खूब तांडव मचाया और 11 लोगों को गोली मार दी। इस गोलीबारी से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दस लोग घायल हो गए। इस घटना के बाद जहां पूरे राज्य में दहशत का माहौल है, वहीं बीजेपी ने नीतीश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

सीसीटीवी फुटेज में बाइक पर जाते दिखे हमलावर

दरअसल बेगूसराय मंगलवार (13 सितंबर, 2022) की शाम को गोलियों की बौछार से थर्रा उठा। बाइक सवार 2 अपराधियों ने जमकर तांडव मचाया। NH 28 से NH 31 तक अंधाधुंध गोलीबारी की। रास्ते में जो आया उसे शूट कर दिया। लगभग एक दर्जन से ज्यादा लोगों को घायल कर दिया। इससे एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि 10-11 लोग घायल हैं। स्थानीय लोगोंं के मुताबिक अपराधी इतने बेखौफ थे कि मल्हीपुर में 2 लोगों को, बरौनी थर्मल चौक के पास 3 लोगों को, बरौनी में 2 लोगों को, तेघड़ा में 2 और बछवाड़ा में भी 2 लोगों को गोली मारी। इस दौरान वे 30-40 किलोमीटर तक बाइक पर घुमते रहे। इसी बीच सोशल मीडिया में एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दोनों अपराधियों को बाइक पर जाते हुए दावा किया जा रहा है।

बाइक पर पीछे बैठा युवक कर रहा था गोलियों की बौछार

सीसीटीवी से मिली जानकारी के मुताबिक NH-28 पर काले रंग का हेलमेट और सफेद शर्ट पहनकर एक बदमाश बाइक चला रहा था, पीछे बैठा युवक ताबड़तोड़ फायरिंग कर रहा था। इस गोलीबारी में जहां चंदन कुमार (पिपरा गांव) की मौत हो गई, वहीं घायलों में विशाल सोलंकी (पटना), रंजीत यादव (मोकामा), नितेश कुमार (बेगूसराय), गौतम कुमार (तेयाय), अमरजीत कुमार (बरौनी), नीतीश कुमार (मंसूरचक), मोहन राजा (मरांची), प्रशांत कुमार रजक और भरत यादव शामिल है। एसपी ने इस मामले में पुलिस की लापरवाही मानी है। और 7 पुलिस वालों को सस्पेंड कर दिया है।

NH-28 पर लाश रखकर मुआवजे की मांग

समस्तीपुर की उजियारपुर पुलिस ने मंगलवार देर रात NH-28 पर बहिरा चौक के पास वाहन चेकिंग के दौरान बाइक सवार दो बदमाशों को हिरासत में लिया। दोनों के पास से पिस्टल और भारी मात्रा में कारतूस मिले है। दोनों की उम्र करीब 25-26 साल है। पुलिस को शक है कि बेगूसराय में इन्हीं दोनों ने फायरिंग की थी। हालांकि पूछताछ में दोनों ने फायरिंग की घटना से अपने को अलग बताया है। दोनों बेगूसराय के रहने वाले बताए जा रहे हैं। उधर मामले की जानकारी के बाद बेगूसराय की पुलिस उजियारपुर पहुंचकर हिरासत में लिए गए युवकों से पूछताछ करेगी। घटना के बाद मंगलवार देर रात लोगों ने NH-28 पर लाश रखकर हंगामा किया और हाईवे को करीब 3 घंटे तक जाम रखा। वे मुआवजा देने की मांग कर रहे थे।

कुर्सी के लालच में न जाने कितने घरों के चिराग़ बूझेंगे- गिरिराज

इस घटना के विरोध बीजेपी ने आज बेगूसराय बंद बुलाया है। केंद्रीय मंत्री और बेगूसराय के सांसद गिरिराज सिंह ने नीतीश कुमार का इस्तीफा मांगा है। इस घटना को लेकर गिरिराज सिंह ने कहा कि बिहार में न सरकार है और न अपराधियों में कानून का डर है। अपराधियों ने निडर होकर कई लोगों पर गोलियां चलाईं और चार थानों में 30 किलोमीटर की यात्रा की, लेकिन वे पुलिस द्वारा नहीं पकड़े गए। मुख्यमंत्री पर इस पर बयान दें। गिरिराज सिंह ने ट्वीट कर नीतीश कुमार पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा, “कुर्सी के लालच में न जाने कितने घरों के चिराग़ बूझेंगे। टूटते उम्मीदों का बोझ कभी अपने कंधे पर उठाकर देखें नीतीश बाबू ..तभी दर्द महसूस होगा। चंदन कुमार के पैतृक गांव ठकुरीचक जाके उन्हें कंधा दिया।”

संभवत: देश के इतिहास में यह पहली घटना- सुशील मोदी

बिहर बीजेपी के नेता व राज्यसभा सांसद सुशील मोदी ने महागठबंधन की सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि इस समय बिहार में अपराधियों की बहार है। अपराधियों को लग रहा है कि अब उनका शासन आ गया है। बेगूसराय की घटना ने तो सरकार को बेनकाब कर दिया है। राज्यसभा सांसद ने ये भी कहा कि संभवत: देश के इतिहास में यह पहली घटना होगी कि दो मोटरसाइकिल सवार अपराधी घूम-घूमकर लोगों को गोली मारते रहे और पुलिस मूकदर्शक बनी रही।

सत्ता के लालच में बिहार को जंगलराज में धकेला-अश्विनी चौबे

केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने भी सीएम नीतीश पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने सत्ता के लालच में बिहार की जनता को जंगलराज में धकेल दिया है। जनता ने उनपर भरोसा दिखाकर उन्हें मुख्यमंत्री की कुर्सी दिलाई, लेकिन अब वे लोगों की सुरक्षा नहीं कर पा रहे हैं। नीतीश कुमार को शर्म आनी चाहिए और उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। अश्विनी चौबे ने कहा कि बिहार में ये पहली घटना नहीं है। ऐसी कई घटना लगातार सामने आ रही है, लेकिन मुख्यमंत्री इसपर कोई एक्शन नहीं ले रहे हैं। बेगूसराय में जो घटना घटी है, उसके बाद से लोग सहमे हुए हैं। खासकर महिलाओं में सबसे ज्यादा दहशत देखा जा रहा है।

बिहार संभल नहीं रहा, देश संभालने के सपने देख रहे हैं- विजय सिन्हा

वहीं, नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि बिहार में अपराधी तांडव मचा रहे हैं। अपराधियों का मनोबल बढ़ गया। पुलिस-प्रशासन कहीं नजर नहीं आता। कहीं भी अब पुलिस नजर नहीं आती। समझ लीजिए बिहार में क्या हो रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कहते हैं कि जनता राज है। लेकिन ये जनता राज नहीं, गुंडाराज है। नीतीश कुमार से कानून व्यवस्था संभल नहीं रहा है। विजय कुमार सिन्हा ने नीतीश कुमार पर तंज कसा कि बिहार संभल नहीं रहा है और देश संभालने के सपने देख रहे हैं।

लालू-राबड़ी के जंगलराज की दिलाई याद

जब से बिहार में महागठबंधन की सरकार बनी है, तब से अपराधियों ने एक के बाद एक बड़ी घटना को अंजाम देकर लालू-राबड़ी राज की याद दिला दी है। जब 1990 से 2005 तक लालू-राबड़ी का शासन था। इनके 15 साल के कार्यकाल में हत्या और अपहरण एक ‘उद्योग’ बन चुका था। यहीं पैसे कमाने का एक जरिया था। राजनेताओं, अधिकारियों और माफियाओं का ऐसा गठजोड़ इसके पहले कहीं देखा ही नहीं गया। बिहार में बढ़ते अपराध और अराजकता की वजह से 5 अगस्त, 1997 को पटना हाईकोर्ट ने तब एक मामले की सुनवाई के दौरान कहा था, “बिहार में सरकार नहीं है। बिहार में जंगलराज कायम हो गया है।”

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