Home झूठ का पर्दाफाश ओमिक्रॉन में देश में चौथे नंबर पर राजस्थान, फिर भी गहलोत सरकार...

ओमिक्रॉन में देश में चौथे नंबर पर राजस्थान, फिर भी गहलोत सरकार को कोरोना के बढ़ते मामलों से ज्यादा होटल मालिकों के नुकसान की चिंता, खूब करो न्यू ईयर सेलिब्रेशन

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राजस्थान की गहलोत सरकार को प्रदेश में लगातार बढ़ रहे कोरोना और ओमिक्रॉन से ज्यादा चिंता होटल-सिनेमा मालिकों के बिजनेस और स्कूल-कालेज संचालकों की फीस की है। प्रदेश में 22 जून के बाद पहली बार 100 प्लस कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। ओमिक्रॉन 27 दिन में सात जिलों में फैल चुका है और कुल 69 केसों के साथ राजस्थान देश में चौथे नंबर पर है। डेल्टा के रोगी पिछले 24 घंटे में 35 प्रतिशत बढ़ें हैं। इस सबके बावजूद गहलोत सरकार ने होटल मालिकों को नुकसान न हो इसके लिए न्यू ईयर सेलिब्रेशन की अनुमति दे दी है।

तीसरी लहर से बचाने के लिए कई राज्यों ने किए इंतजाम
देशभर में कोरोना और ओमिक्रॉन से हालात दिन-ब-दिन खराब हो रहे हैं। पॉजिटिव केसों की बढ़ती संख्या को देखते हुए कई राज्यों ने क्रिसमस और न्यू ईयर सेलिब्रेशन पर एहतियात के तौर पर रोक लगा दी। इसमें दिल्ली, महाराष्ट्र, कर्नाटक जैसे बड़े राज्य शामिल हैं। इसके अलावा दिल्ली-महाराष्ट्र समेत कुछ राज्यों ने स्कूल-कालेजों में सर्दी की छुट्टियां घोषित कर दीं। ताकि कोरोना की तीसरी लहर के प्रभाव से बच्चों के बचाया जा सके।

कोरोना प्रबंधन बैठक लाइव की, पर कोरोना के प्रवेश द्वार बंद नहीं किए
अन्य राज्यों की देखा-देखी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी कोरोना प्रबंधन के लिए मंत्री परिषद और अधिकारियों की बैठक भी ली। इसमें लाइव बैठक का तड़का भी लगाया। ताकि जनता को भी पता चले कि सरकार कोरोना से बचाव के लिए क्या कर रही है ? लेकिन इसका परिणाम ढाक के तीन पात जैसा ही रहा। जहां से ओमिक्रॉन और कोरोना का प्रवेश हो सकता है, प्रसार हो सकता है, उन सारे प्रवेश द्वारों को गहलोत सरकार ने खुला ही रखा है।

कोरोना केस बढ़ने के बावजूद होटलों में न्यू ईयर सेलिब्रेशन की अनुमति
सबसे पहले बात न्यू ईयर सेलिब्रेशन की। कई राज्यों ने न्यू ईयर सेलिब्रेशन ही नहीं, बल्कि इससे पहले क्रिसमस सेलिब्रेशन पर ही रोक लगा दी थी। ताकि एक जगह पर ज्यादा लोग एकत्रित न हों और कोरोना के प्रसार को रोका जा सके। राजस्थान सरकार क्रिसमस सेलिब्रेशन तक तो कान में तेल डालकर बैठी रही। न्यू ईयर सेलिब्रेशन से पहले कोरोना प्रबंधन बैठक की भी तो उसमें कहा गया कि नए साल के कार्यक्रमों पर रोक लगा दी जाएगी तो होटल मालिकों को प्री-बुकिंग के मद में काफी नुकसान होगा। इसलिए नाइट कर्फ्यू लगा होने के बावजूद रात्रि साढ़े बारह बजे तक सरकार ने कोरोना केसों के तेजी के बढ़ने के बाद भी इजाजत दे दी।

स्कूल-कालेजों में पढ़ाई आफलाइन, नहीं लग रही आनलाइन क्लास
डेल्टा और ओमिक्रॉन के डबल खतरे को देखते हुए दिल्ली और मुंबई ने स्कूलों में सर्दियों कि छुट्टियां कर दी हैं। कोरोना प्रबंधन बैठक में स्कूल-कालेजों, कोचिंग संस्थानों के बारे में कोई नया निर्णय नहीं लिया गया। सरकार ने पहले की गाइडलाइन में ही 18 वर्ष से अधिक उम्र के विद्घार्थियों के लिए टीके की दोनों डोज और आनलाइन क्लास की अनिवार्यता का प्रावधान किया था, लेकिन ज्यादातर स्कूल-कालेज फीस के लालच में आफलाइन ही पढ़ा रहे हैं और उन्होंने आनलाइल क्लास शुरू नहीं की है। स्कूल-कालेजों का फीस का नुकसान न हो इसी के चलते कोरोना के मामले बढ़ने के बावजूद अन्य राज्यों की तरह इनमें छुट्टियां नहीं की हैं।

तो क्या ओमिक्रॉन तीसरी लहर ला सकता है?
• ओमिक्रॉन की वजह से तीसरी लहर नहीं आने के पीछे एक वजह बताई जा रही है कि इससे संक्रमित ज्यादातर मरीजों में गंभीर लक्षण नहीं है। लेकिन समझने वाली बात ये है कि ज्यादा लोगों का संक्रमित होना भी अपने आप में चिंता का विषय है।
• दूसरे देशों और भारत में ओमिक्रॉन ने जिस तरह से रफ्तार पकड़ी है उससे ये कहा जा सकता है। 24 नवंबर को डिटेक्ट हुआ ओमिक्रॉन अब तक 120 से ज्यादा देशों में फैल चुका है और धीरे-धीरे ये डॉमिनेंट वैरिएंट बनता जा रहा है।
• ओमिक्रॉन के स्पाइक प्रोटीन में 26-32 म्यूटेशन और रिसेप्टर बाइंडिंग डोमेन में 10 म्यूटेशन है। इन दोनों पैमानों पर डेल्टा के लिहाज से ओमिक्रॉन खतरनाक है। डेल्टा के स्पाइक प्रोटीन में 18 और रिसेप्टर बाइंडिंग डोमेन में 2 ही म्यूटेशन थे।
• 5 से ज्यादा स्टडी में ये बात सामने आई है कि ओमिक्रॉन वैक्सीन इम्यूनिटी को बाइपास कर सकता है। यानी इस पर वैक्सीन इतनी असरदार नहीं रहेगी जितनी डेल्टा या ओरिजिनल स्ट्रेन पर थी।
• ओमिक्रॉन से की स्टडी कहती है कि रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट में ओमिक्रॉन डेल्टा या ओरिजिनल स्ट्रेन के मुकाबले 70 गुना ज्यादा तेजी से फैलता है। हालांकि, लंग संक्रमित लोगों में गंभीर मरीजों का शेयर भले ही कम हो लेकिन ज्यादा लोग संक्रमित होंगे तो गंभीर मरीज भी उसी अनुपात में बढ़ेंगे।
• ओमिक्रॉन पर नीति आयोग ने कहा है कि अगर भारत में ब्रिटेन की तरह ही केसेज बढ़े, तो भारत में रोजाना 13-14 लाख नए केसेज आ सकते हैं।
• ओमिक्रॉन पर हॉन्ग-कॉन्ग यूनिवर्सिटी टिश्यू में ये डेल्टा के मुकाबले 10 गुना कम तेजी से फैल रहा है।

 

 

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