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बेंगलुरू दंगा मामले की चार्जशीट में बड़ा खुलासा, अपने ही दलित विधायक के खिलाफ कांग्रेसियों ने की थी साजिश

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इस साल अगस्त महीने में बेंगलुरू में भीषण दंगा हुआ था। इस दंगे की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है और पुलिस द्वारा चार्जशीट दाखिल की जा रही है, वैसे-वैसे साजिश की परतें भी खुल रही है। कर्नाटक पुलिस की सेंट्रल क्राइम ब्रांच की चार्जशीट के मुताबिक दंगों के पीछे कांग्रेस के नेताओं का हाथ है। इस मामले में कांग्रेस पार्षद और बेंगलुरू के पूर्व महापौर संपत राज भी आरोपी हैं।

चार्टशीट में कांग्रेस नेताओं का नाम सामने आने के बाद कांग्रेस के लिए अब जवाब देना मुश्किल हो रहा है। चार्जशीट के मुताबिक कांग्रेस विधायक अखंड श्रीनिवास मूर्ति के राजनीतिक प्रतिद्वंदियों ने बेंगलुरू हिंसा की साजिश रची थी। चार्टशीट में कांग्रेस के दो पार्षदों को आरोपी बनाया गया है, जिनमें पूर्व महापौर संपत राज और अब्दुल रकीब जाकिर शामिल हैं। दंगे की साजिश में शामिल कांग्रेस पार्षद संपत राज फिलहाल फरार चल रहे हैं। 

पुलिस के मुताबिक कांग्रेस के नेताओं ने अपनी ही पार्टी के दलित विधायक अखंड श्रीनिवास मूर्ति को निशाना बनाने की साजिश की थी। जिसके तहत मूर्ति के भतीजे की सोशल मीडिया पोस्ट को आधार बनाकर दंगे की शुरुआत हुई थी। विधायक के विरोधियों ने तीन महीने पहले एक मीटिंग की थी जहां विधायक के खिलाफ बड़ी साजिश रची गई थी। इस मामले की जांच एनआईए भी कर रही है जिसने कांग्रेस विधायकों से पूछताछ की है। जिसमें शिवजी नगर विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस विधायक रिजवान अरशद और चामराज पेट के कांग्रेस विधायक जमीर अहमद शामिल है। 

दंगे की साजिश में कांग्रेस नेताओं के शामिल होने पर कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि सही तस्वीर अब सामने आई है, कांग्रेस के लोग सही मायने में जनता के रखवाले नहीं हैं वो ही मुख्य रूप से मामले में दोषी हैं। अब लोगों को सोचना है और तय करना है बेंगलुरू शहर के लिए ये सही लोग नहीं है।

बता दें कि दिल्ली की तरह बेंगलुरू के पुलाकेशी नगर में 11 अगस्त,2020 की रात दंगा भड़क उठा। विधायक के भतीजे की एक सोशल मीडिया पोस्ट के बाद दंगाई कांग्रेस पार्टी विधायक अखंड श्रीनिवास मूर्ति के आवास पर पहुंचे। दंगाइयों ने विधायक के आवास और थाने में तोड़फोड़ की। वाहनों को क्षतिग्रस्त किया। पुलिसकर्मियों पर हमला करने के साथ थाने को आग के हवाले कर दिया। हिंसा में तीन लोगों की मौत हुई थी। वहीं 50 से ज्यादा घायल हुए थे।

 

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