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चीन और पाकिस्तान को मिलेगा करारा जवाब: पैंगोंग झील समेत लद्दाख में बनेंगे 4 नए एयरपोर्ट, 37 हेलीपैड को भी मिली मंजूरी

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मोदी सरकार ने चीन और पाकिस्तान को एक साथ करारा जवाब देने और देश की हवाई सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए बड़ा फैसला किया है। सरकार ने लद्दाख में चार नए एयरपोर्ट बनाने की मंजूरी दी है। इनमें से एक एयरपोर्ट लद्दाख की पैंगोंग झील के पास भी बनाया जाएगा। इसी पैंगोंग झील के इलाके में चीनी सैनिकों ने घुसपैठ की कोशिश भी की थी। इसके साथ ही वास्‍तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के पास भी 37 हेलीपैड तैयार किए जाएंगे। 

लेह-लद्दाख के भौगोलिक क्षेत्र और रणनीतिक महत्व को देखते हुए यहां वायुसेना को अधिक मजबूत करने पर बल दिया जा रहा है। इसीलिए लद्दाख में 4 और नए एयरपोर्ट बनाए जाएंगे। अभी लेह में सिर्फ एक ही एयरपोर्ट है। इनके अलावा एलएसी के पास 37 हेलीपैड भी तैयार किए जाएंगे। सूत्रों के अनुसार यह हेलीपैड चिनूक हेलिकॉप्टरों की लैंडिंग के लिहाज से तैयार किए जाएंगे। ताकि किसी सैन्‍य इमरजेंसी के दौरान इनका बेहतर ढंग से इस्तेमाल किया जा सके। साथ ही सीमा की निगरानी की जा सके।

इन एयरपोर्ट पर क्रमबद्ध तरीके से वायु सेना को मजबूती के साथ तैनात किया जाएगा। ताकि दुश्मन की किसी भी नजर और किसी भी हरकत को सेकेंड्स में न सिर्फ पकड़ा जा सके बल्कि उसको नेस्तनाबूद भी किया जा सके। सरकार के सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के लद्दाख दौरे के दौरान ही इस क्षेत्र को सैन्‍य नजरिये से विकसित किए जाने की सहमति बन गई थी।

लद्दाख केंद्र शासित राज्य बनने के बाद से स्थानीय प्रशासन ने भी सुरक्षित सीमा और बेहतर पर्यटन के लिहाज से कई प्रस्ताव भेजे हैं। जबकि स्थानीय सांसद जामयांग सेरिंग नामग्याल ने भी कई प्रस्ताव न सिर्फ स्थानीय प्रशासन बल्कि केंद्र सरकार को दिए हैं। सांसद नामग्याल के मुताबिक लद्दाख की सीमाओं पर मौजूद हमारी सेनाएं बहुत मजबूती से डटी हुई हैं। अपनी सीमाओं को और मजबूत करने के लिए हमारी सरकार हमेशा से मजबूती से खड़ी है। 

ब्रिगेडियर हरबंस के मुताबिक भौगोलिक दृष्टिकोण से इस पूरे इलाके में वायु सेना के माध्यम से ही सबसे बेहतरीन तरीके से नजर रखी जाती रही है। इस लिहाज से हमें अपनी ताकत को हमेशा पहचानते हुए उसको और मजबूत करते रहना चाहिए। चंडीगढ़ एयरबेस से रिटायर्ड वायु सेना के विंग कमांडर ओपी शर्मा कहते हैं सैन्य दृष्टिकोण से यह फैसला अहम है। अभी लेह लद्दाख के इलाके में चंडीगढ़ एयरवेज से ही ज्यादातर ऑपरेशनल एक्टिविटीज होती हैं। नई संस्थाओं और सुविधाओं के शुरू होने से लेह लद्दाख के इलाके को और ज्यादा मजबूती मिलेगी। 

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