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तीर्थस्थलों के विकास का जीवंत उदाहरण है सौराष्ट्र का सोमनाथ मंदिर : पीएम मोदी

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गुजरात के सोमनाथ मंदिर के पास 30 करोड़ की लागत से बने सर्किट हाउस का आज यानि शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन किया। वीडियो कॉफ्रेंसिंग के माध्यम से हुए इस कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने अपने संबोधन के दैरान कहा कि भगवान सोमनाथ की आराधना को लेकर हमारे शास्त्रों में भी कहा गया है कि भक्तिप्रदानाय कृतावतारं तं सोमनाथं शरणं प्रपद्ये। यानी, भगवान सोमनाथ की कृपा अवतीर्ण होती है, कृपा के भंडार खुल जाते हैं। उन्होंने कहा कि जिन परिस्थितियों में सोमनाथ मंदिर को ध्वंस किया गया और फिर जिन परिस्थितियों में भारत के लौहपुरुष सरदार बल्लवभाई पटेल के प्रयासों से मंदिर का जीर्णोद्धार हुआ, वो दोनों ही हमारे लिए एक बड़ा संदेश हैं।सोमनाथ मंदिर से नए विचार लेकर जाते हैं श्रद्धालु      प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि अलग अलग राज्यों से, देश और दुनिया के अलग अलग कोनों से सोमनाथ मंदिर में दर्शन करने हर साल करीब करीब 1 करोड़ श्रद्धालु आते हैं। ये श्रद्धालु जब यहां से वापस जाते हैं, तो अपने साथ कईं नए अनुभव, कईं नए विचार और एक नई सोच लेकर जाते हैं। तीर्थयात्रा में तो खासकर, हमारी इच्छा होती है कि हमारा मन भगवान में लगे, यात्रा से जुड़ी अन्य परेशानियों में न उलझा रहे। सरकार और संस्थाओं के प्रयासों ने कैसे कई तीर्थों को संवारा है, सोमनाथ मंदिर इसका भी जीवंत उदाहरण है। आज यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं के लिए रुकने की अच्छी व्यवस्था हो रही है, सड़कों और ट्रांसपोर्ट की सुविधा बढ़ रही है।राष्ट्रीय एकता के प्रतीक है हमारे तीर्थाटन केंद्र             
पीएम मोदी ने कहा कि हम दुनिया के कई देशों के बारे में सुनते हैं कि उसकी अर्थव्यवस्था में पर्यटन का योगदान कितना बड़ा है। हमारे यहाँ तो हर राज्य में, हर क्षेत्र में ऐसी ही अनंत संभावनाएं मौजूद हैं। आप किसी भी राज्य का नाम लीजिये, सबसे पहले मन में क्या आता है? गुजरात का नाम लेंगे तो सोमनाथ, द्वारिका, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, कच्छ का रण, ऐसे अद्भुत स्थान मन में उभर जाते हैं। यूपी का नाम लेंगे तो अयोध्या, मथुरा, काशी, प्रयाग, कुशीनगर, विंध्यांचल जैसे अनेकों नाम आते हैं। आप जिस किसी भी राज्य का नाम लेंगे, तीर्थाटन और पर्यटन के एक साथ कई केंद्र हमारे मन में आ जाएंगे। ये स्थान हमारी राष्ट्रीय एकता का, ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना का प्रतिनिधित्व करते हैं। इन स्थलों की यात्रा, राष्ट्रीय एकता को बढ़ाती है।

देश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए चार बातें जरूरी    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा कि आज देश पर्यटन को समग्र रूप में, holistic way में देख रहा है। आज के समय में पर्यटन बढ़ाने के लिए चार बातें आवश्यक हैं। पहला स्वच्छता- पहले हमारे पर्यटन स्थल, पवित्र तीर्थस्थल भी अस्वच्छ रहते थे। आज स्वच्छ भारत अभियान ने ये तस्वीर बदली है। पर्यटन बढ़ाने के लिए दूसरा अहम तत्व है सुविधा। पर्यटन बढ़ाने का तीसरा महत्वपूर्ण पहलू है समय। लोग कम से कम समय में ज्यादा से ज्यादा स्थान कवर करना चाहते हैं। पर्यटन बढ़ाने के लिए चौथी और बहुत महत्वपूर्ण बात है हमारी सोच। हमारी सोच का innovative और आधुनिक होना जरूरी है। लेकिन साथ ही साथ हमें अपनी प्राचीन विरासत पर कितना गर्व है, ये बहुत मायने रखता है।

 

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