Home समाचार भारत के best cm के उड़ गए चिथड़े… उद्धव ठाकरे की सच्चाई...

भारत के best cm के उड़ गए चिथड़े… उद्धव ठाकरे की सच्चाई देखिए

1499
SHARE

महाराष्ट्र में कोरोना का कहर कम होने का नाम नहीं ले रहा है। महाराष्ट्र में बढ़ते कोरोना केस ने तो देश के बेस्ट सीएम की छवि बनाने में अकूत पैसा खर्च करने वाले उद्धव ठाकरे के चिथड़े उड़ा दिए हैं। मुंबई में पिछले 15 दिनों के अंदर एक्टिव केसों में आए 20 प्रतिशत के उछाल ने प्रदेश के सीएम उद्धव ठाकरे की सच्चाई देश के सामने ला दी है। प्रदेश की सच्चाई और तथ्य को छिपाकर मुख्यमंत्री कोरोना वायरस रिलीफ फंड में जमा हुए पैसों को पीआर एजेंसियों पर खर्च करने की उनकी सच्चाई सामने आ गई है। महाराष्ट्र में कोरोना आपदा को लेकर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की विफलता का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि 4 सितंबर 2020 के आंकड़ों के मुताबिक कल 92 हजार लोगों के हुए टेस्ट में 19218 लोग पॉजिटिव मिले। इतना ही नहीं अभी भी प्रदेश में करीब 2.11 लाख एक्टिव केस है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि पिछले 15 दिनों में केस घटने की बजाए 20 प्रतिशत की उछाल आई है।

बिहार की स्थिति महाराष्ट्र से लाख गुना बेहतर

जबकि हमेशा बिहार को हेय दृष्टि से देखने के साथ वहां की सरकार की आलोचना करने वाले सीएम उद्धव ठाकरे और उनकी सरकार को वहां की स्थिति को देखना चाहिए और वहां की सरकार से कुछ सीखना चाहिए। 4 सितंबर 2020 के आंकड़े के मुताबिक बिहार में जहां महाराष्ट्र से करीब 60 हजार ज्यादा यानि डेढ़ लाख लोगों का टेस्ट किया गया बल्कि महाराष्ट्र की तुलना में 17 हजार कम महज 1978 पॉजिटिव केस मिले। इतना ही नहीं अभी बिहार में करीब 17 हजार एक्टिव केस है। अगर मृतकों की संख्या की बात करें तो बिहार में जहां अभी तक 741 लोगों की मौत हुई है वहीं महाराष्ट्र में मृतकों की संख्या 26 हजार के पास पहुंच गई है।

उद्धव ठाकरे की विफलता पर खामोश मीडिया

कोरोना को लेकर महाराष्ट्र खासकर मुंबई की हो रही दुर्दशा को मीडिया काफी खामोशी के साथ देख रही है। मुख्यमंत्री कोरोना वायरस रिलीफ फंड में 400 करोड़ रुपये से अधिक की रकम जमा होने के बाद प्रदेश की जनता को कोरोना से निजात दिलाने पर मुख्यमंत्री चुप्पी साध रखी है। कोरोना से निपटने के मामले में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे फिसड्डी साबित हो चुके हैं। लेकिन देश का पेड मीडिया उनकी आलोचना करने को आगे नहीं आ रहा है। हद तो यह है कि पेड मीडिया उद्धव ठाकरे की इतनी बड़ी विफलता के बावजूद उन्हें देश का बेस्टी सीएम घोषित करने में जुटा है। इतना ही नहीं उद्धव ठाकरे के बेस्ट सीएम के नैरेटिव को सेट करने में जुटा है। क्या आपने कभी बिकाऊ मीडिया को उद्धव ठाकरे की आलोचना करते देखा या सुना है? आखिर क्यों? क्योंकि उद्धव ठाकरे की सरकार अपने मुख्यमंत्री की छवि चमकाने में पानी की तरह पैसा बहा रही है।           

Leave a Reply