Home समाचार पीएम मोदी की बिहार को सौगात, तीन पेट्रोलियम परियोजनाओं का किया उद्घाटन

पीएम मोदी की बिहार को सौगात, तीन पेट्रोलियम परियोजनाओं का किया उद्घाटन

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पीएम मोदी ने बिहार के लिए एक बार फिर खजाना खोल दिया है। राज्‍य में विभिन्न योजनाओं-परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास कार्यक्रमों का दौर जारी है। इसी सिलसिले में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को पारादीप-मुजफ्फरपुर एलपीजी पाइपलाइन परियोजना के तहत हरसिद्धि पूर्वी चंपारण में हिंदुस्‍तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड और दुर्गापुर-बांका क्षेत्र में इंडियन ऑयल के नवनिर्मित बांका एलपीजी बॉटलिंग प्लांट का उद्घाटन किया। उन्‍होंने पारादीप-हल्दिया-दुर्गापुर पाइपलाइन के दुर्गापुर-बांका खंड के 634 करोड़ की लागत से 193 किमी लंबी पाइपलाइन का भी उद्घाटन किया। कार्यक्रम की शुरुआत में प्रधानमंत्री ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और बिहार के दिग्गज नेता रघुवंश प्रसाद सिंह के निधन को लेकर संवेदना प्रकट की। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी कोशिश यह है कि बिहार विकास की नई उड़ान भरे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुए कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी समेत कई केंद्रीय मंत्री भी मौजूद थे। 

पाइपलाइन परियोजना का दुर्गापुर-बांका खंड

इंडियन ऑयल निर्मित 193 किलोमीटर लंबा दुर्गापुर-बांका पाइपलाइन खंड पारादीप-हल्दिया-दुर्गापुर पाइपलाइन विस्तार परियोजना का भाग है। प्रधानमंत्री मोदी ने 17 फरवरी, 2019 को इसका शिलान्यास किया था। दुर्गापुर-बांका खंड वर्तमान 679 किलोमीटर लंबी पारादीप-हल्दिया-दुर्गापुर एलपीजी पाइपलाइन का बिहार में बांका में स्थित नए एलपीजी बॉटलिंग संयंत्र तक विस्तार है। यह पाइपलाइन तीन राज्यों पश्चिम बंगाल (60 किमी), झारखंड (98 किमी) और बिहार (35 किमी) से होकर गुजरती है। पारादीप रिफाइनरी, हल्दिया रिफाइनरी और आईपीपीएल हल्दिया से पाइपलाइन व्यवस्था में एलपीजी डाली जा सकती है। इस परियोजना का निर्माण पूरा होने से पारादीप इम्पोर्ट टर्मिनल और बरौनी रिफाइनरी से भी एलपीजी इंजेक्शन सुविधा मिलने लगेगी।

दुर्गापुर-बांका खंड में पाइपलाइन बिछाने के दौरान कई प्राकृतिक और मानव निर्मित बाधाएं सामने आईं। इसमें 13 नदियों (जिनमें अजय नदी पर 1077 मीटर लंबा पुल शामिल), 5 राष्ट्रीय राजमार्गों और 3 रेलवे क्रॉसिंग सहित कुल 154 क्रॉसिंग पुल का निर्माण करना पड़ा। पाइपलाइन अनूठी होरिजोंटल डायरेक्शनल ड्रिलिंग तकनीक से नदी के भीतर से गुजारी गई, जिसके पानी के प्रवाह को बाधित नहीं करना पड़ा।

एलपीजी बॉटलिंग संयंत्र, बांका, बिहार

इंडियन ऑयल के बांका स्थित एलपीजी बॉटलिंग संयंत्र से राज्य में एलपीजी की बढ़ती मांग को पूरा करने में बिहार की आत्म निर्भरता बढ़ेगी। बिहार के भागलपुर, बांका, जमुई, अररिया, किशनगंज और कटिहार जिलों को सेवाएं देने के लिए 131.75 करोड़ रुपये के निवेश से इस बॉटलिंग संयंत्र का निर्माण किया गया है। इससे झारखंड के गोड्डा, देवघर, दुमका, साहिबगंज और पाकुड़ जिलों को भी आपूर्ति होगी। 1800 एमटी की एलपीजी भंडारण क्षमता और प्रति दिन 40,000 सिलिंडरों की बोटलिंग क्षमता के साथ यह संयंत्र बिहार में बड़ी संख्या में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा करेगा।

पूर्वी चंपारण (हरसिद्धि), बिहार में एलपीजी संयंत्र

136.4 करोड़ रुपये के निवेश से पूर्वी चम्पारण जिले के हरसिद्धि में एचपीसीएल के 120 टीएमटीपीए एलपीजी बॉटलिंग संयंत्रण का निर्माण किया गया है। इस संयंत्र का निर्माण 29 एकड़ जमीन पर किया गया है और प्रधानमंत्री ने 10 अप्रैल, 2018 को इसका शिलान्यास किया था। बॉटलिंग संयंत्र से बिहार के पूर्वी चम्पारण, पश्चिमी चम्पारण, मुजफ्फरपुर, सिवान, गोपालगंज और सीतामढ़ी जिलों की एलपीजी की आवश्यकताएं पूरी की जाएंगी।

विश्व की सबसे लंबी परियोजनाओं में से एक

इस कार्यक्रम के अवसर पर पीएम मोदी ने कहा कि बेस्ड इंडस्ट्री और पेट्रो-कनेक्टिविटी, ये सुनने में बड़े टेक्नीकल से टर्म लगते हैं लेकिन इनका सीधा असर लोगों के जीवन पर पड़ता है, जीवन स्तर पर पड़ता है।गैस बेस्ड इंडस्ट्री और पेट्रो-कनेक्टिविटी रोजगार के भी लाखों नए अवसर बनाती है। आज जब देश के अनेकों शहरों में CNG पहुंच रही है, PNG पहुंच रही है, तो बिहार के लोगों को, पूर्वी भारत के लोगों को भी ये सुविधाएं उतनी ही आसानी से मिलनी चाहिए। इसी संकल्प के साथ हम आगे बढ़े। प्रधानमंत्री ऊर्जा गंगा योजना के तहत पूर्वी भारत को पूर्वी समुद्री तट के पारादीप और पश्चिमी समुद्री तट के कांडला से, जोड़ने का भागीरथ प्रयास शुरु हुआ। करीब 3 हज़ार किलोमीटर लंबी इस पाइपलाइन से 7 राज्यों को जोड़ा जा रहा है जिसमें बिहार का भी प्रमुख स्थान है। पारादीप-हल्दिया से आने वाली लाइन अभी बांका तक पूरी हो चुकी है। इसको आगे पटना, मुजफ्फरपुर तक विस्तार दिया जा रहा है। कांडला से आने वाली पाइपलाइन जो गोरखपुर तक पहुंच चुकी है, उसको भी इससे जोड़ा जा रहा है। जब ये पूरा प्रोजेक्ट तैयार हो जाएगा तो ये विश्व की सबसे लंबी पाइपलाइन परियोजनाओं में से एक हो जाएगी। 

उन्होंने कहा कि इस गैस पाइपलाइन की वजह से अब बिहार में ही सिलिंडर भरने के बड़े-बड़े प्लांट्स लग पा रहे हैं। बांका और चंपारण में ऐसे ही 2 नए Bottling Plants का आज लोकार्पण किया गया है। इन दोनों प्लांट्स में हर साल सवा करोड़ से ज्यादा सिलेंडर भरने की क्षमता है। इन प्लांट्स से आपके बिहार के बांका, भागलपुर, जमुई, अररिया, किशनगंज, कटिहार, पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, मुज़फ़्फ़रपुर, सिवान, गोपालगंज और सीतामढ़ी जिलों को सुविधा मिलेगी। वहीं झारखंड के गोड्डा, देवघर, दुमका, साहिबगंज, पाकुड़ जिलों और उत्तर प्रदेश के कुछ क्षेत्रों की LPG से जुड़ी ज़रूरतों को ये प्लांट पूरा करेंगे। इस गैस पाइपलाइन को बिछाने से लेकर इससे जो नए उद्योगों को ऊर्जा मिल रही है, उससे बिहार में हज़ारों नए रोज़गार बन रहे हैं और आगे भी अनेक रोजगारों के लिए संभावना बन रही है।

पीएम मोदी ने कहा कि उज्ज्वला योजना के महत्व के बारे में प्रकाश डालते हुए पीएम मोदी ने कहा कि उज्जवला योजना की वजह से आज देश के 8 करोड़ गरीब परिवारों के पास भी गैस कनेक्शन मौजूद है। इस योजना से गरीब के जीवन में क्या परिवर्तन आया है, ये कोरोना के दौरान हम सभी ने फिर महसूस किया है। आप कल्पना कीजिए, जब घर में रहना ज़रूरी था, तब अगर इन 8 करोड़ परिवारों के साथियों को, हमारी बहनों को, लकड़ी या दूसरा ईंधन जुटाने के लिए बाहर निकलना पड़ता तो क्या स्थिति होती? कोरोना के इस दौर में उज्जवला योजना की लाभार्थी बहनों को करोड़ों सिलेंडर मुफ्त में दिए गए हैं। इसका लाभ बिहार की भी लाखों बहनों को हुआ है, लाखों गरीब परिवारों को हुआ है। मैं पेट्रोलियम और गैस से जुड़े विभाग और कंपनियों के साथ-साथ डिलिवरी से जुड़े उन लाखों साथियों को, उनको कोरोना वॉरियर्स की प्रशंसा करता हूं।

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