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पीएम मोदी ने दी 2 नई रेल लाइनों की सौगात, भावनगर-जेतलसर और असरवा-उदयपुर के बीच नई ट्रेन को दिखाई हरी झंडी, 10 घंटे का सफर 5.30 घंटे में होगा पूरा

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक साथ गुजरात और राजस्थान के लोगों को बड़ी सौगात दी है। उन्होंने सोमवार (31 अक्टूबर, 2022) को गुजरात के असरवा में 2900 करोड़ रुपये से अधिक की 2 रेलवे परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इनमें तीन सौ किलोमीटर लंबा असरवा-हिम्मतनगर-उदयपुर रेलमार्ग और 58 किलोमीटर लंबे लुनीधर-जेतलसर रेलमार्ग परियोजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने भावनगर-जेतलसर और असरवा से उदयपुर के बीच चलने वाली नई रेलगाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इससे जहां गुजरात और राजस्थान के बीच कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिला है, वहीं लोगों की वर्षों पुरानी मांग भी पूरी हुई है।

उदयपुर-अहमदाबाद के बीच 10 घंटे का सफर 5.30 घंटे में

उदयपुर-अहमदाबाद नई ब्रॉडगेज लाइन पर ट्रेन शुरू होने से लोगों को बड़ी राहत मिली है। इसके चलते मुख्य रूप से समय की बचत होगी। पहले मीटर गेज की वजह से उदयपुर से अहमदाबाद पहुंचने में 10 घंटे का समय लगता था, वहीं अब ब्रॉडगेज लाइन के उद्घाटन से महज 5.30 घंटे में सफर पूरा किया जा सकता है। इस ट्रेन में सामान्य टिकट महज 110 रुपये का रहेगा। इस ट्रैक से गुजरात और राजस्थान के 12 जिलों के लाखों लोगों को फायदा मिलेगा।

व्यापार, मैन्युफैक्चरिंग यूनिट, उद्योग और रोजगार को बढ़ावा

देश के अन्य भागों से संपर्क बढ़ने से इस इलाके के लोगों को आर्थिक रूप से काफी फायदा होगा। इस क्षेत्र के आसपास के पर्यटकों, व्यापारियों, मैन्युफैक्चरिंग यूनिट और उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा। रेलवे के मुताबिक हिम्मतनगर में टाइल और सिरेमिक उद्योग इस रेल परियोजना का लाभ उठा सकते हैं, क्योंकि वे अपने माल को देश भर में ग्राहकों तक पहुंचा सकते हैं। दिल्ली और मुंबई से बेहतर कनेक्टिविटी होने पर इस क्षेत्र में औद्योगीकरण में सहायता मिलेगी और स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा। इससे क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में सहायता मिलेगी।

लूनिधर-जेतलसर रेल लाइन पर माल ढुलाई और पर्यटन को बढ़ावा

गौरतलब है कि गेज परिवर्तित लूनिधर-जेतलसर ब्रॉड-गेज खंड को 425 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया गया है। 58 किलोमीटर लंबी लूनिधर-जेतलसर गेज परिवर्तित लाइन वेरावल व पोरबंदर से पिपावाव पत्तन और भावनगर के बीच एक कम दूरी का रास्ता प्रदान करेगी। यह परियोजना इस खंड पर माल ढुलाई की क्षमता को बढ़ाएगी, जिससे व्यस्त कनालुस – राजकोट – वीरमगाम मार्ग पर यातायात में कमी होगी। इसके अलावा अब यह गिर अभयारण्य, सोमनाथ मंदिर, दीव व गिरनार पहाड़ियों के साथ- साथ सहज संपर्क (कनेक्टिविटी) की सुविधा प्रदान करेगी, जिससे इस क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

उदयपुर और कच्छ के पर्यटन स्थलों के बीच सीधा रेल संपर्क

वहीं अहमदाबाद (असरवा)- हिम्मतनगर- उदयपुर गेज परिवर्तित लाइन लगभग 300 किलोमीटर लंबी है। इस रेलवे लाइन के निर्माण पर लगभग 2482 करोड़ रुपये खर्च किया गया है। इस रेलवे लाइन पर 41 बड़े और 736 छोटे पुल बनाए गए हैं। इस पर 22 क्रॉसिंग और 15 हाल्ट स्टेशन बनाए गए हैं। इस रेललाइन के शुभारंभ से उदयपुर के पर्यटन स्थल को कच्छ के पर्यटन स्थलों से सीधा रेल संपर्क प्रदान करेंगीं। राजस्थान के आदिवासी क्षेत्रों के सामाजिक और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के असवर पैदा होंगे। इसके अलावा अहमदाबाद-दिल्ली के मध्य एक अतिरिक्त वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध हो जाएगा।

आम लोगों और पर्यटकों को काफी राहत 

राजस्थान में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि असरवा से उदयपुर रेलवे लाइन के शुरू होने से आम लोगों को काफी राहत मिलेगी। अब लोग आसानी से उदयपुर से अहमदाबाद का सफर तय कर सकेंगे। वहीं उदयपुर के सांसद अर्जुन लाल मीणा ने कहा कि यह रेलवे लाइन शुरू होने से बड़ी संख्या में पर्यटक भी झीलों की नगरी की ओर रुख करेंगे। क्योंकि बड़ी संख्या में गुजराती पर्यटक उदयपुर घूमने के लिए आते हैं।

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