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पीएम मोदी अपनी विनम्रता, जमीनी अनुभव, जनता से जुड़ाव और संवाद से करते हैं कनेक्ट, यूं ही नहीं लोगों के दिलों पर करते हैं राज

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी विनम्रता से सभी को कायल बना लेते हैं। चाहे देवी-देवताओं के सामने दंडवत देना हो या किसी जनसभा में जनता का अभिभावदन इसमें उनकी सानी नहीं है। अभी 30 सितंबर को ही गुजरात के बाद उन्हें राजस्थान के आबूरोड में एक जनसभा को संबोधित करना था। लेकिन वह वहां रात 10 बजे पहुंच पाए और रात 10 बजे के बाद माइक एवं लाउडस्पीकर का प्रयोग कानूनसम्मत नहीं था इसीलिए उन्होंने कानून का सम्मान करते हुए सभा को संबोधित नहीं किया। लेकिन आबूरोड जनसभा में मौजूद जनता को उन्होंने दंडवत होकर नमन किया। प्रदेश की जनता का प्यार देखकर पीएम मोदी ने कहा कि मैं इस प्यार को सूद समेत वापस लौटाऊंगा। पीएम मोदी की यह विनम्रता उन्हें एक अलग मुकाम पर लेकर जाती है। इसी तरह जनता की सहूलियत की बात हो, जनता की नब्ज पकड़ने की बात हो, जनता के साथ कनेक्ट करने की बात हो शायद ही पीएम मोदी से बेहतर कोई जानता हो। पीएम मोदी की यह खासियत है कि जिस भी प्रदेश में वह जाते हैं वहां की भाषा और संस्कृति से एकदम ऐसे तालमेल बैठाते हैं मानों ये उनका गृहराज्य हो। और इसी की बदौलत उन्होंने गुजरात के सीएम से भारत के पीएम तक का सफर तय किया। 2014 के बाद 2019 और अब 2024 सामने है। पीएम मोदी को चुनौती देने वाला कोई नजर नहीं आता। पीएम मोदी की लोकप्रियता बढ़ती ही जा रही है। देश का विपक्ष सड़कों पर है। राहुल गांधी यात्रा कर रहे हैं। लेकिन जनता के दिल में सिर्फ मोदी राज करते हैं तो जरूर इस शख्सियत में कुछ अलग बात है। जनता से जुड़ाव, उससे संवाद, देश की नब्ज पर मजबूत पकड़, आमजन की मुश्किलों की जमीनी जानकारी से उनकी लोकप्रियता ने देश ही नहीं दुनिया में सभी नेताओं को पछाड़ दिया है। 2001 से 2014 तक गुजरात का सीएम और फिर 2014 से लगातार पीएम पद हासिल करना अपने आप में बड़ी बात है।

पीएम मोदी की लोकप्रियता की एक वजह ये भी है कि वो जनता से जुड़ने का कोई मौका नहीं छोड़ते। खास त्योहारों पर सेना के जवानों के बीच जाना हो, या दिल्ली की हुनर हाट में जाकर लिट्टी चोखा खाना हो, ओलिंपिक और पैरालिंपिक के खिलाड़ियों से मिलना हो या फिर उनका कोई विदेश दौरा हो, पीएम मोदी समय समय पर जनता के बीच आते रहे हैं और लोग भी अपने प्रधानमंत्री को अपने बीच पाकर खुश होते रहे हैं। इस स्वतंत्रता दिवस पर पीएम ने ओलिंपिक में भाग लिए खिलाड़ियों को दिल्ली के कार्यक्रम में आमंत्रित किया और अपने संबोधन के बाद सबसे मिले। इसके बाद उन्होंने सभी पदक विजेताओं को अपने आवास पर बुला कर उनके साथ भोजन भी किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता की एक बड़ी वजह उनकी प्रभावशाली वाकपटुता भी है। अमेरिकी कांग्रेस में दिया पीएम मोदी का भाषण हो या अन्य अवसरों पर जनता से सीधा संबोधन, उनके भाषणों की तासीर खुद-ब-खुद लोगों को अपनी ओर खींच लेती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भाषण देने की कला के मुरीद उनके विरोधी भी हैं। पिछले अमेरिकी दौरे में पीएम ने अमेरिकी कांग्रेस के सामने भाषण दिया था, जिसकी सराहना विश्व भर में हुई। पीएम मोदी के इस वक्तव्य में आत्मविश्वास से साथ भविष्य को लेकर स्पष्ट और सटीक नजरिया भी देखने मिला था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सादगी और विनम्रता से भरी कुछ घटनाएं-

कुल्लू दशहरा उत्सव में प्रोटोकॉल तोड़कर रघुनाथ जी के रथ तक पहुंचे

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू दशहरा उत्सव में शामिल होने 5 अक्टूबर 2022 को पहुंचे पीएम मोदी प्रोटोकॉल तोड़कर रघुनाथ जी के रथ तक पहुंचे और उनका आशीर्वाद लिया। मोदी कुल्लू दशहरा उत्सव में शामिल होने वाले देश के पहले प्रधानमंत्री हैं। देवलुओं ने रघुनाथ जी के रथ से निकालकर सम्मान व आशीर्वाद के रूप में प्रधानमंत्री को पवित्र दुपट्टा दिया। प्रधानमंत्री को कुल्लवी टोपी में रघुनाथ जी सेवा में पहुंचने पर एक दुपट्टा बांधा गया। प्रधानमंत्री इस दौरान एक पहाड़ी व्यक्ति व देवलू के रूप में नजर आए। प्रोटोकॉल तोड़कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के साथ हजारों लोगों की भीड़ के बीच गए और सभी देवी-देवताओं से आशीर्वाद लिया। प्रधानमंत्री ने रघुनाथ जी के रथ की डोर को भी खींचा। रघुनाथजी की रथयात्रा के साथ ही इंटरनेशनल कुल्लू दशहरा उत्सव 7 दिनों तक चलती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उन्हें कई साल बाद कुल्लू दशहरे में शामिल होने का मौका मिला है। इससे पहले जब वह भाजपा में हिमाचल के प्रभारी हुआ करते थे, तब कुल्लू दशहरे में शामिल हुए थे।

पीएम मोदी ने हेलिकॉप्टर से बनाया कुल्लू का VIDEO, पहाड़ों की खूबसूरती ने जीता लोगों का दिल

पीएम मोदी ने 5 अक्टूबर 2022 को हिमाचल को बिलासपुर एम्स समेत कई परियोजनाओं की सौगात दी। इसी दौरान पीएम मोदी ने हेलिकॉप्टर से कुल्लू की खूबसूरती को शूट किया और इसका वीडियो फेसबुक पर शेयर किया है। वीडियो के साथ पीएम मोदी ने कैप्शन में लिखा, कुल्लू की सुंदरता देखते ही बनती है। इस वीडियो को लाखो लोग देख चुके हैं और पहाड़ों की खूबसूरती की तारीफ कर रहे हैं।

एंबुलेंस को रास्ता देने के लिए PM मोदी ने रोका काफिला

गुजरात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 सितंबर 2022 को एक एंबुलेंस को रास्ता देने के लिए अपना काफिला रोक दिया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। अहमदाबाद की सभा खत्म करके वापस लौटते वक्त अहमदाबाद से गांधीनगर के रास्ते में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना काफिला एक एंबुलेंस को रास्ता देने के लिए रोक दिया। एंबुलेंस के गुजर जाने के बाद ही काफिला आगे बढ़ा।

राजस्थान की जनता के सामने दंडवत हो गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 सितंबर 2022 को आबूरोड में राजस्थान की जनता को दंडवत होकर नमन किया। पीएम मोदी शुक्रवार देर रात आबूरोड आए। प्रदेश की जनता का प्यार देखकर पीएम मोदी ने कहा कि मैं इस प्यार को सूद समेत वापस लौटाऊंगारात के 10 बजने की वजह से पीएम मोदी ने लाउडस्पीकर पर लोगों को संबोधित नहीं किया। जनसभा में शामिल जनता को उन्होंने घुटनों के बल बैठकर तीन बार नमन किया। पीएम मोदी के इस अभिवादन से जनता भावविभोर हो उठी। पीएम मोदी के जनसभा में पहुंचने पर पंडाल मोदी मोदी के नारों से गूंज उठा।

हाथ में छाता लिए जब संसद पहुंचे पीएम मोदी, तस्वीर देख बोले लोग- आप हो सादगी की मिसाल

पिछले साल 19 जुलाई 2021 को मॉनसून सत्र के लिए जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहुंचे उस वक्त बारिश हो रही थी। संसद परिसर में खुद हाथ में छाता लिए हुए पीएम मोदी मीडिया के सामने आए। इस तस्वीर पर भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि सादा जीवन उच्च विचार के सिद्धांत को चरितार्थ करते देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। सोशल मीडिया पर वरुण रस्तोगी नाम के एक यूजर ने लिखा कि दिल जीत लिया मोदी जी। एक अन्य यूजर पूनम वर्मा ने लिखा कि विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने छाता अपने हाथों से पकड़ कर रखा है और मीडिया से रूबरू हो रहे हैं। इसीलिए तो हम कहते हैं कि हर कोई नरेंद्र मोदी नहीं बन सकता। विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के प्रधानमंत्री का बारिश के दौरान स्वयं छाता पकड़कर खड़े होना सरल व्यक्तित्व को प्रदर्शित करता है।

पीएम मोदी की सादगी की दुनिया दीवानी, रूस में सोफे की जगह कुर्सी पर बैठना पसंद किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सादगी की दुनिया कायल हो गई। वर्ष 2019 में रूस की यात्रा के दौरान व्लादिवोस्तोक में एक फोटो सेशन के लिए विशेष रूप से रखे गए एक सोफे पर बैठने से पीएम मोदी ने मना कर दिया। उन्होंने इसके बजाय दूसरों के साथ एक कुर्सी पर बैठने का विकल्प चुना। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने ट्विटर पर एक वीडियो पोस्ट किए है, जिसमें दिख रहा है कि पीएम मोदी का फोटो सत्र में अधिकारी स्वागत कर रहे हैं। प्रधानमंत्री को सोफे की बजाय कुर्सी का चयन करते हुए देखा गया। इसके बाद अधिकारियों ने आरामदायक सोफे की जगह एक साधारण कुर्सी रख दी और मोदी ने उस पर बैठकर तस्वीर खिंचवाई। पीयूष गोयल ने वीडियो के साथ ट्वीट किया- पीएम नरेंद्र मोदी की सादगी को आज देखा गया। उन्हें अपने लिए किए गए विशेष इंतजाम को हटवाकर रूस में अन्य लोगों के साथ कुर्सी में बैठने के विकल्प को चुना।

ताजा चने खाने के लिए खेत में ही चले गए पीएम मोदी, सादगी देखकर लोगों ने बांधे तारीफ के पुल

इसी साल फरवरी में पीएम मोदी ने हैदराबाद में आईसीआरआईएसएटी (ICRISAT) की 50वीं वर्षगांठ समारोह में हिस्सा लिया। हैदराबाद के इंटरनेशनल क्रॉप्स रिसर्च इंस्टीट्यूट फॉर सेमी-एरिड ट्रॉपिक्स (ICRISAT) परिसर का पीएम मोदी ने पैदल ही भ्रमण किया। इसी दौरान पीएम मोदी परिसर के अंदर ही एक चने के खेत में चले गए और चने तोड़कर बड़े चाव से उन्हें खाने लगे, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर देखा गया। लोगों पीएम मोदी की सादगी की जमकर तारीफ की।

वाराणसी में पप्पू की चाय दुकान पर मोदी क्या पहुंचे, बन गया सेल्फी प्वाइंट

इसी साल मार्च में वाराणसी के अस्सी स्थित पप्पू की अड़ी एक बार फिर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चाय पीने से चर्चा में आ गई है। रोजाना दो शिफ्ट में 10 घंटे खुलने वाली पप्पू की दुकान को 15 घंटे तक लगातार खोलना पड़ा। भाजपा के सांसद, मंत्री और कार्यकर्ताओं में तो पप्पू के दुकान पर चाय पीने और फोटो खिंचवाने की तो होड़ सी मची रही। अस्सी स्थित पप्पू के चाय की दुकान शनिवार की सुबह मनोज और मनीष ने खोली तो उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि पीएम के चाय की चुस्की के बाद उनकी दुकान की शोहरत और ज्यादा बढ़ गई है। दुकान खुलने के साथ ही पूरी दुकान ग्राहकों से भर गई, अंदर की बेंच कुर्सी जहां खाली होती फिर से भर जाती। दुकान के बाहर खड़े होकर चाय पीने वालों की भी अच्छी खासी तादाद थी। हर किसी के जबान पर पीएम के चाय की चर्चा और दुकान में फोटो खिंचवाने की होड़ रही।

वाराणसी में गोपाल की दुकान पर बढ़ी मीठे पान की मांग

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पान खाने के बाद गोपाल चौरसिया की दुकान पर मीठे पान की मांग सबसे अधिक रही। प्रधानमंत्री द्वारा पान खाने के बाद इस दुकान पर पान खाने वालों की भीड़ बढ़ गई। कई दिनों तक ये नजारा रहा कि दुकान खुलने के पहले ही लोग दुकान पर पान खाने का इंतजार कर रहे थे। गोपाल ने बताया कि अब लोग मोदी पान की डिमांड ज्यादा करते हैं। खुशी हुई कि पीएम ने पान खाकर रातों रात उनके दुकान को देश भर में मशहूर कर दिया। पीएम के पान खाने के बाद उनके दुकान का भाव चढ़ गया है। गोपाल चौरसिया के छोटे पुत्र पवन ने बताया कि अन्य दिनों में दोपहर में दुकान बंद होती थी लेकिन, पीएम मोदी के पान खाने के बाद भीड़ इतनी बढ़ी कि हम दुकान बंद ही नहीं कर पाए। गोपाल चौरसिया ने बताया कि प्रधानमंत्री ने उनसे आम आदमी की तरह पान मांगा। उनको देखकर आशीर्वाद लेने के लिए झुकना चाहा तो पीएम ने मना कर दिया। पीएम ने कहा कि मेरा आशीर्वाद आप हैं, आप बैठिए। उन्होंने पीएम को हीरा-मोती, लौंग, गरी, गुलकंद, इलायची, कत्था लगाकर पान खिलाया।

पीएम मोदी ने हुनर हाट में जहां खाया ‘लिट्टी-चोखा’, उसके तो आ गए अच्छे दिन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्ष 2020 में दिल्ली में आयोजित ‘हुनर हाट’ में अचानक पहुंच गए थे, वहां लिट्टी-चोखा खाया था जिसका भुगतान उन्होंने खुद किया था, इसके बाद से ही वो लिट्टी वाला खासी सुर्खियों में आ गया है और बताया जा रहा है कि उसकी सेल में खासा इजाफा हो गया है और हुनर हाट में आने वाले अधिकतर लोग उससे लिट्टी-चोखा की डिमांड कर रहे हैं क्योंकि देश के पीएम ने यहां इसका लुत्फ उठाया था। हुनर हाट के इस लिट्टी विक्रेता का नाम रंजन राज है और वो बिहार का रहने वाला है, पीएम ने उसके स्टाल पर लिट्टी क्या खाई उसकी तो मानों चांदी ही हो गई है, बताया जा रहा है कि उसके बाद से हुनर हाट में आने वाला करीब करीब हर शख्स वहां की लिट्टी-चोखा खाना चाह रहा है। इससे उत्साहित रंजन ने कहा था कि एक विक्रेता होने के नाते उसका उद्देश्य यही है कि कैसे उसका माल ज्यादा बिके वो दिक्कत अब खत्म हो गई है क्योंकि उसकी लिट्टी की डिमांड जो खासी बढ़ गई।

प्रधानमंत्री मोदी के भोजन पर नहीं होता सरकारी खर्च

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपना जीवन बड़ी सादगी से जीते हैं। आम तौर पर प्रधानमंत्री पद पर आसीन व्यक्ति का सारा खर्च केंद्र सरकार ही वहन करती है। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी इस मामले में अलग सोच रखते हैं। उनका मानना है कि सक्षम व्यक्ति न केवल अपना खर्च खुद वहन करें, बल्कि जरूरतमंदों की मदद के लिए भी आगे आएं। इसलिए प्रधानमंत्री मोदी अपने भोजन और कपड़ा के लिए भारत सरकार के पैसे का इस्तेमाल नहीं करते हैं। वो अपने भोजन का खर्च खुद उठाते हैं। दरअसल हाल ही में एक आरटीआई में प्रधानमंत्री मोदी के ऊपर होने वाले भोजन के खर्च को लेकर सवाल पूछा गया था। इस बारे में प्रधानमंत्री कार्यालय के केंद्रीय सूचना अधिकारी ने विस्तार से जवाब दिया है। आरटीआई के जवाब में अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी अपने खाने का खर्च खुद उठाते हैं। उनके खाने पर सरकार का कोई खर्च नहीं होता है। यहां तक कि देश या विदेश में यात्रा के दौरान भी विमान में घर का बना खाना पैक कराकर ले जाते हैं और खाते हैं। इसमें अधिकतर खिचड़ी होती है।

कपड़ों के खर्च का भुगतान स्वयं करते हैं पीएम मोदी

एक आरटीआई प्रधानमंत्री मोदी के कपड़ों पर होने वाले खर्च को लेकर भी लगाई गई थी, तब पीएमओ ने बताया कि प्रधानमंत्री अपने कपड़ों के खर्च का भुगतान स्वयं करते हैं। प्रधानमंत्री मोदी के निजी कपड़ों पर होनेवाला खर्च प्रधानमंत्री अपनी सैलरी से ही उठाते हैं। इसके लिए सरकारी कार्यालय की तरफ से कोई रकम खर्च नहीं की जाती है। सूचना के अधिकार के तहत इस जवाब के बाद आरटीआई कार्यकर्ता सब्बरवाल ने कहा था, ‘बहुत से लोगों को अब तक ऐसा लगता है कि प्रधानमंत्री मोदी के कपड़ों पर सरकारी खजाने से बड़ी रकम खर्च की गई है। आरटीआई से मिली जानकारी से लोगों का यह भ्रम दूर होगा।’

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