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जनता ने खोली केजरीवाल की पोल, कहा- आप मतलब पाप पार्टी, गुजरात में बुरी तरह हारेगी

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झूठ की बुनियाद पर टिकी दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की राजनीति के पन्ने अब ताश के पत्तों की महल की तरह ढहने लगे हैं। आम जनता अब उनकी झूठ से तंग आ गई है। दिल्ली के लोग त्रस्त हैं, अस्पताल में उचित इलाज नहीं मिल रहा है, एक जांच के लिए तीन-तीन महीने का लंबा डेट दिया जा रहा है, सड़कों का बुरा हाल है और बरसात में तो कई इलाके नर्क ही बन जाते हैं। वादा किया फ्री पानी का और कई इलाकों में पानी आता ही नहीं है, कुछ इलाकों में दिन में केवल एक बार आधे-एक घंटे के लिए पानी आता है, जिससे लोगों की जरूरतें पूरी नहीं होती। इससे आजिज आकर लोग कह रहे पैसे लो मगर पानी तो दो। बिजली सब्सिडी भी अब बंद हो चुकी है, जो मांगेगा केवल उसे ही मिलेगा। शहर में वाईफाई का वादा 2014 में किया गया था, सालों बाद इसे लगाया भी गया है तो अब लोगों की शिकायत है कि वाईफाई काम ही नहीं करता। इससे लगता है कि इसमें भी घोटाला हुआ होगा। केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में 10 लाख युवाओं को नौकरी दी और इस पर भी उनके और उनके करीबी मनीष सिसोदिया के बयान बदलते रहे। 21 फरवरी 2022 को केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में 10 लाख नौकरी दी। 24 मार्च 2022 को केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में 12 लाख युवाओं को नौकरी दी। इसके ठीक दो दिन बाद 26 मार्च 2022 को मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली में 1.78 लाख युवाओं को नौकरी दी गई। वहीं RTI से मिली जानकारी में यह सामने आया है कि दिल्ली में 7 सालों में केवल 3246 नौकरियां दी गई हैं। दिल्ली और पंजाब में जनता को ठगने के बाद केजरीवाल इन दिनों गुजरात की जनता को वही सपने दिखा रहे हैं, तमाम वादे और गारंटी दे रहे हैं। और उस पर झूठ का तड़का लगा रहे है कि IB की रिपोर्ट के मुताबिक गुजरात में आम आदमी पार्टी चुनाव जीत रही है। लेकिन अब उनकी झूठ की पोल खुल चुकी है, जनता अब उन्हें समझ चुकी है। केजरीवाल की झूठ की पोल खोलती जनता क्या कह रही है उनके बयान आप भी सुनिए-

10 लाख नौकरी देने पर केजरीवाल के बदलते बोल

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनके मंत्री दावा करते रहते हैं कि उन्होंने 10 लाख युवाओं को नौकरी दी है, लेकिन दावों में कितनी सच्चाई है इसका सबूत ये कभी नहीं पेश कर पाते हैं। इस साल हुए पंजाब विधानसभा चुनाव के दौरान भी केजरीवाल ने दिल्ली में 10 लाख नौकरियां देने का दावा किया था। अब गुजरात में चुनाव होने वाले हैं तो वहां जाकर भी उन्होंने इस तरह का दावा किया। इसके अलावा आप के तमाम नेता भी इस मामले में अपनी पीठ ठोकने से पीछे नहीं हटते, लेकिन झूठ की पोल खुल ही जाती है। RTI से मिली जानकारी में यह सामने आया है कि दिल्ली में 7 सालों में केवल 3246 नौकरियां दी गई हैं। नौकरियां देने के मुद्दे पर केजरीवाल और उनके करीबी मनीष सिसोदिया ने कब क्या कहा, इस पर गौर फरमाइए- 21 फरवरी 2022 को केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में 10 लाख नौकरी दी। 24 मार्च 2022 को केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में 12 लाख युवाओं को नौकरी दी। इसके ठीक दो दिन बाद 26 मार्च 2022 को मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली में 1.78 लाख युवाओं को नौकरी दी गई। इनके बयान आप भी सुनिए, दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।

विधायकों को तोड़ने का केजरीवाल का ड्रामा, हकीकत नहीं केवल फसाना

दिल्ली में नई आबकारी नीति पर दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल बुरी तरह से फंस गए। उनके डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के जेल जाने की नौबत आ गई। इससे बौखलाए केजरीवाल झूठ पर झूठ बोलते रहे। खुद को बचाने के लिए केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (AAP) बीजेपी पर अपने विधायकों को खरीदने, पार्टी तोड़कर सरकार बनाने की कोशिश करने का आरोप लगा दिया। मुख्यमंत्री केजरीवाल ने दावा किया कि आम आदमी पार्टी के विधायक को पार्टी तोड़कर बीजेपी में शामिल होने के लिए 20-20 करोड़ रुपये का ऑफर दिया गया। उन्होंने कहा कि उनके 40 विधायकों को तोड़ने का ऑफर दिया गया। जब से सिसोदिया के यहां छापे मारे गए, तब से AAP के ज्यादातर विधायक यहीं राग अलाप रहे हैं। बस मुद्दे को भटकाने के लिए झूठ का सहारा ले रहे हैं।

पंजाब चुनाव से पहले कहा- 24 घंटे पानी का इंतजाम करेंगे, चुनाव बाद कहा- यह केंद्र सरकार की जिम्मेदारी

झूठ बोलने और यूटर्न में रिकार्ड बनाने वाले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नाम अनगिनत झूठ हैं। उन्हें वचन देना आता है और जब पूरा करने की बारी आती है तो पीएम नरेंद्र मोदी की याद आ जाती है। पंजाब चुनाव से पहले उन्होंने कहा था पंजाब के कई जिलों में पानी की किल्लत है। हम सत्ता में आएंगे तो 24 घंटे पानी का इंतजाम करेंगे। लेकिन अब चुनाव के बाद कह रहे हैं पानी की समस्या दूर करना केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है। सतलुज-यमुना लिंक (SYL) नहर के मुद्दे पर बुरी तरह घिर चुकी आम आदमी पार्टी के मुखिया ने अब पीएम नरेंद्र मोदी से मांग की कि वह इसका समाधान करें।

गुजरात के पत्रकारों से मिलने की बात भी झूठी निकली

केजरीवाल ने झूठ बोलते हुए गुजरात के पत्रकारों को भी नहीं छोड़ा। उन्होंने 14 अगस्त को कहा था कि आज गुजरात के पत्रकारों से मुलाकात हुई। उन्होंने कहा, ”आज गुजरात से कई पत्रकार बंधु दिल्ली आए। दिल्ली के स्कूल, मोहल्ला क्लिनिक और अस्पताल देख कर आए। आज मुझसे मुलाक़ात में बोले “सर, विरोधी चाहे जो बोलें, पर आपने स्वास्थ्य और शिक्षा में शानदार काम किया है।” लेकिन RTI से मिली जानकारी में केजरीवाल की पोल खुल गई। सीएम ऑफिस में की गई RTI से ज्ञात हुआ कि 14 अगस्त को मुख्यमंत्री ने ऐसी कोई भी मुलाकात नहीं की। यानी की गुजरात के पत्रकारों से मुलाकात की बात एक सफेद झूठ साबित हुई।

कोरोना काल में दिल्ली के सरकारी स्कूलों में कितने बच्चे प्राइवेट स्कूल से आए?

कोरोना काल में साल 2021-22 में दिल्ली के सरकारी स्कूलों में करीब 1.60 लाख बच्चे प्राइवेट स्कूल से आए। अब इस मुद्दे पर केजरीवाल का झूठ देखिए। पहले केजरीवाल की करीबी नेता आतिशी ने कहा कि 2 लाख बच्चे प्राइवेट स्कूलों से सरकारी स्कूलों में आए। उसके बाद केजरीवाल ने पांच बार इस मुद्दे पर चर्चा की और उन्होंने जो आंकड़े दिए वह चौंकाने वाले हैं। पहले उन्होंने कहा कि 2.5 लाख बच्चे प्राइवेट स्कूलों से सरकारी स्कूलों में आए। फिर कहा 2.7 लाख, उसके बाद 3.7 लाख, फिर 3.75 और उसके बाद 4 लाख बता दिया। इसके बाद मैदान में उतरे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और उन्होंने कहा कि 4.5 लाख बच्चे प्राइवेट स्कूलों से सरकारी स्कूलों में आए।

अपनी हर बात में झूठ का तड़का लगाने वाले केजरीवाल की हकीकत अब लोग जान गए हैं। उनकी झूठ की पोल खुल चुकी है, जनता अब उन्हें समझ चुकी है। इसीलिए अब जनता अपनी नाराजगी खुलेआम व्यक्त कर रही है।

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