Home नरेंद्र मोदी विशेष क्यों अभूतपूर्व है पीएम मोदी का इजरायल दौरा… जानिए दस महत्त्वपूर्ण बातें

क्यों अभूतपूर्व है पीएम मोदी का इजरायल दौरा… जानिए दस महत्त्वपूर्ण बातें

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इजरायल दौरा हर मायने में ऐतिहासिक है। उनके इस दौरे पर पूरे विश्व की नजर है, खासकर उन देशों की जो विश्व मंच पर ताकतवर माने जाते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले ही हफ्ते अमेरिका की यात्रा की जिसमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उनका जोरदार स्वागत किया, दोनों के गर्मजोशी से गले मिलने का वाकया भी विश्व जगत की सुर्खियां बना। अब पीएम मोदी के इजरायल दौरे से कई अभूतपूर्व पहलू जुड़े हुए हैं।

नजर डालते हैं ऐसे ही दस पहलुओं पर:

1. इजरायल में ट्रंप से भी बड़े जलसे की तैयारी! 
इजरायल में पोप और अमेरिकी राष्ट्रपति का सबसे भव्य स्वागत किये जाने की परंपरा रही है। लेकिन पीएम मोदी की यात्रा में सबसे गौर करने वाली बात ये देखी जा रही है कि इजरायल ट्रंप से भी ज्यादा उनकी इस यात्रा को तवज्जो दे रहा है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का निजी तौर पर भव्य स्वागत करने एयरपोर्ट जाएंगे। इजरायल में पीएम मोदी के दौरे को लेकर जोश कुछ ऐसा है कि उनके स्वागत में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से भी बड़े जलसे करने की तैयारी कर रहा है।

2. नेतन्याहू कर रहे पीएम मोदी का बेसब्री भरा इंतजार   
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को अब इंतजार है तो बस उस पल का जब पीएम मोदी उनके देश की जमीन पर कदम रखेंगे। नेतन्याहू के इंतजार की ये बेसब्री पिछले कई दिनों से उनके ट्वीट से भी जाहिर हो रही है। इजरायल के लिए पीएम मोदी का ये दौरा किस कदर महत्त्वपूर्ण है इसकी बानगी इजरायली पीएम नेतन्याहू के उस ट्वीट में कई दिन पहले ही दिख चुकी थी जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदर्भ में लिखा..’’जागो, सबसे अहम प्रधानमंत्री आ रहे हैं।‘’ पीएम मोदी की यात्रा से ठीक एक दिन पहले उन्होंने ट्वीट कर कहा..’’भारत दुनिया में सबसे बड़ा लोकतंत्र है और कल मेरे दोस्त, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इजरायल पहुंचेंगे।‘’ उन्होंने यह भी लिखा कि यह यात्रा कई क्षेत्रों में सहयोग को गहराई देगा।

3. शक्तिशाली ग्लोबल लीडर को इजरायल का सम्मान
पीएम मोदी का ये दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब वो एक शक्तिशाली ग्लोबल लीडर के रूप में जाने जाते हैं। पीएम मोदी के इस दौरे के बाद दोनों देशों के संबंधों के और भी अधिक बुंलदियों को छूने की उम्मीदें की जा रही हैं। इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू भी कह चुके हैं कि भारतीय प्रधानमंत्री के दौरे से दोनों देशों के बीच सैन्य, आर्थिक और राजनयिक संबंधों में नई मजबूती आएगी। अपनी यात्रा के अवसर पर पीएम मोदी इजरायली पीएम नेतन्याहू के अलावा वहां के राष्ट्रपति रियुवेन रिवलिन से भी मुलाकात करेंगे और कई मुद्दों पर परस्पर चर्चा करेंगे।

4. फिलीस्तीन नहीं जाएंगे प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कूटनीतिक रणनीति का सबसे अहम पहलू ये है कि वो इस यात्रा के दौरान फिलीस्तीन नहीं जाएंगे। इससे ये भी साफ हो गया है कि भारत अंतर्राष्ट्रीय कूटनीति में भी तुष्टिकरण की नीति का सहारा नहीं लेने जा रहा। इससे पहले भारत ही नहीं, दुनिया के बड़े राजनेताओं का भी जब इजरायल दौरा हुआ है वो एक बैलेंस बनाने की नीति के तहत फिलीस्तीन भी जाते रहे हैं। लेकिन मोदी सरकार ने इस परंपरा से अलग लाइन लेकर ये जाहिर किया है उसके रुख में कोई दुविधा नहीं। यानी इस दौरे पर पूरा फोकस रहेगा इजरायल के साथ द्विपक्षीय संबंधों को एक नई ऊंचाई देने का।

5. मोदी-नेतन्याहू मुलाकात को लेकर ‘जिहादियों’ में खलबली
वहीं भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू की मुलाकात के बारे में सोच-सोचकर ‘जिहादियों’ के पांव कांप रहे होंगे। उनके लिए ये बड़े कौतुहल का विषय होगा कि इस यात्रा से आखिर क्या निकलकर आता है? पीएम मोदी से पहले ट्रंप की इजरायल यात्रा के चलते ‘जिहादियों’ में और भी खलबली होगी। इस समीकरण को सरलता से ऐसे समझा जा सकता है कि पहले ट्रंप और नेतन्याहू की मुलाकात, फिर ट्रंप और मोदी की मुलाकात जिसके बाद अब मोदी की नेतन्याहू से मुलाकात। 

जिहाद के नाम पर आतंक जब दुनिया में सिर उठाने से बाज नहीं आ रहा है ऐसे समय में मोदी-नेतन्याहू मुलाकात के बड़े मायने निकाले जा रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत में उन्हें जितनी सफलत मिली उतनी शायद किसी ने उम्मीद भी ना की हो। आतंकवाद के मसले पर अब भारत, अमेरिका और इजरायल के त्रिकोण से आतंकवादी राष्ट्रों और उनके सहयोगियों के पैरों के नीचे की जमीन खिसकने के आसार हैं।

6. पीएम मोदी का ‘आतंकवाद विरोधी स्वच्छता अभियान’
चर्चा ये भी हो रही है कि अपने देश में जारी सफाई अभियान के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक और स्वच्छता अभियान छेड़ सकते हैं जिसका लक्ष्य होगा आतंक का सफाया। विश्व स्तर पर मानवता को आतंक से मुक्ति दिलाने के अभियान की रणनीति पर पीएम मोदी नेतन्याहू के साथ मिलकर विचार कर सकते हैं। अपनी इस कोशिश से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विश्व में शांति स्थापना के प्रयास में अग्रणी भूमिका निभा सकते हैं जहां आतंक और उसे बढ़ावा देने वाले देशों के लिए कोई जगह नहीं होगी। यही वजह है कि आतंक के पालनहार पाकिस्तान और पाकिस्तान के सरपरस्त चीन की धुकधुकी लगी हुई है।

7. इजरायल की चीन को ‘ना’ भारत को ‘हां’
चीन ये भी देख चुका है कि कैसे इजरायल ने उसे एयरबॉर्न वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम-यानी अवाक्स बेचने से मना कर दिया था लेकिन भारत को उसने ये सिस्टम मुहैया कराया था। इसके अलावा इजरायल ने भारत को मिसाइल, एंटी मिसाइल सिस्टम, यूएवी और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम जैसी तकनीक मुहैया कराई है। वहीं, पीएम मोदी की इस यात्रा से पहले इजरायली कैबिनेट ने भारत से होने वाले कारोबार में 517 करोड़ रुपये की बढ़ोत्तरी की मंजूरी दी है। इसके साथ ही भारत चीन को पीछे छोड़ते हुए इजरायल का बड़ा पार्टनर बन गया है।

8. मोदी सरकार में तवज्जो मिलने से इजरायल उत्साहित
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार भी डिफेंस डील में इजरायल को तरजीह देती आई है। मोदी सरकार ने 965 करोड़ में इजरायली एयरोस्पेस इंडस्ट्री की बराक-एंटी मिसाइल डिफेंस सिस्टम खरीदने के सौदे को मंजूरी दी, जबकि पिछली यूपीए सरकार इस समझौते से पीछे हट गई थी। इसके अलावा भारत इजरायल से 2,680 करोड़ रुपए की 10 हेरॉन टीपी यूएवी भी खरीद रहा है। पाकिस्तान सीमा पर बाड़ लगाने से जुड़ी तकनीक का भी भारत इजरायल से आयात कर रहा है। जाहिर है इजरायल आज मोदी सरकार के दौर में भारत से नजदीकी महसूस कर रहा है, तो इसके पीछे वजहें भी कम नहीं। इसी नजदीकी के साये में दोनों देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा को ऐतिहासिक रूप से यादगार बनाने जा रहे हैं।

9. तब वाजपेयी सरकार ने तोड़ी थी इजरायल पर जारी परंपरा 
नरेंद्र मोदी इजरायल का दौरा करने वाले भारत के पहले प्रधानमंत्री हैं। 1990 के दशक में इजरायल के साथ राजनयिक संबंध शुरू तो हो गया था लेकिन भारत इजरायली प्रधानमंत्री को अपने यहां बुलाने से परहेज करता रहा। परंपरा तब टूटी जब अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में तत्कालीन प्रधानमंत्री एरियल शेरॉन को भारत दौरे के लिए आमंत्रित किया गया था। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इजरायल यात्रा से भी दोनों देशों के बीच एक नई परंपरा कायम होने जा रही है। गौर करने वाली बात ये ये ऐतिहासिक यात्रा भारत और इजरायल के कूटनीतिक संबंधों के 25 साल पूरे होने के मौके पर हो रही है।

10. पीएम मोदी के दौरे से साबित होगा ‘देर आये दुरुस्त आये’
नरेंद्र मोदी ने 2006 में इजरायल का दौरा तब किया था जब वो गुजरात के मुख्यमंत्री थे।  प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी सितंबर 2014 में अमेरिका में इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से मिले थे। बेंजामिन नेतन्याहू और नरेंद्र मोदी संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठकों के दौरान दो बार मिल चुके हैं साथ ही दोनों नेताओं के बीच फोन पर अक्सर बात होती रही है। अब इजरायल दौरा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री के रूप में मोदी के इजरायल दौरे पर आपसी संवाद से इस दोस्ती में एक नये युग की शुरुआत होने जा रही है।

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