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मोदी सरकार के प्रयास से दिल्ली के निजी अस्पतालों में कोरोना इलाज का खर्च दो-तिहाई कम

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कोरोना महामारी संकट के मद्देजनर दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने बढ़ चढ़ कर दावे किए। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि दिल्ली में कोरोना मरीजों के लिए 30,000 बेड तैयार हैं, लेकिन केजरीवाल सरकार के तमाम दावों के बावजूद दिल्ली में स्थिति बिगड़ती गई और कोरोना मरीजों की संख्या में काफी इजाफा होने लगा। मोदी सरकार के हस्तक्षेप के बाद दिल्ली में स्थिति नियंत्रण में है और दिल्लीवासियों को कई प्रकार से राहत मिल रही है।

मोदी सरकार ने दिल्ली के निजी अस्पताओं में कोरोना के इलाज का खर्च दो तिहाई तक कम किया है। दिल्ली में आइसोलेशन बेड के रेट पहले 24 से 25 हजार थे। अब 8,000 से 10,000 रु में बेड उपलब्ध हैं। बिना वेंटिलेटर के ICU के रेट 34 से 35 हजार थे, अब 13,000 से 15,000 रु में उपलब्ध हैं। वेंटिलेटर सहित ICU के रेट 44 से 45 हजार रु थे, वो हमने घटाकर 15,000 से 18,000 रुपए किए हैं।

न्यूज एजेंसी से बात करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि दिल्ली के लोगों की शिकायत थी कि निजी अस्पताल कोरोना इलाज के भारी रकम वसूल रहे हैं। इस संबंध में डॉ पॉल के नेतृत्व में एक कमेटी गठित की गई है और फिर निजी अस्पतालओं में इलाज के खर्च की सीमा तय की गई। 

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि 30 जून तक 30,000 बेड बन जाएंगे। रेलवे कोच में 8,000 बेड बन चुके हैं। डीआरडीओ एक विशेष अस्पताल बना रही है। जिसमें 250 आईसीयू बेड वेंटिलेटर के साथ होंगे। राधा स्वामी सत्संग न्यास के कैंपस में 10,000 बेड का अस्पताल बनाया है, इसे आईटीबीपी संचालित करेगी। हमने एनजीओ को भी कोरोना से लड़ाई में जोड़ा है। एनजीओ, एनसीसी, एसएसएस और स्काउट से हमें करीब 6000 वॉलेंटियर मिले हैं। 14 जून को दिल्ली में कुल 9,937 बेड्स उपलब्ध थे आज दिल्ली में लगभग 30 हजार बेड्स की व्यवस्था हो चुकी हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि हमने दिल्ली सरकार को तत्काल 550 ऑक्सीन सिलेंडर, 440 वेंटिलेटर दिए हैं। एंबुलेंस के लिए दिल्ली सरकार को हाहै कि प्राइवेट कंपनियों के साथ मिलकर इनकी जरूरत को पूरी कर सकते हैं। आने वाले समय में और मदद भी दिल्ली सरकार को दी जाएगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने कहा कि दिल्ली के बाहर के लोगों का यहां इलाज नहीं होगा, इस निर्णय को केंद्र सरकार ने बदला। अमित शाह ने कि दिल्ली में 30 जून तक कंटेनमेंट जोने के हर घर का सर्वेक्षण हो जाएगा। हमने टेस्टिंग को काफी बढ़ाया है। बाद में दिल्ली में घर-घर सर्वेक्षण किया जाएगा।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने न्यूज एजेंसी से बात करते हुए कहा कि कल तक के आंकड़ों के अनुसार प्रति 10 लाख आबादी में भारत में 357 लोग कोरोना संक्रमित हैं और विश्व में 1250 लोग संक्रमित हैं। अमेरिका में 7569, ब्रिटेन में 4537, ब्राजील में 5802 लोग, प्रति 10 लाख की आबादी में संक्रमित हैं।  उन्होंने कहा कि कोरोना में रिकवरी रेट जो 25 मार्च को 7.1 प्रतिशत था, वो आज के अनुसार 57 प्रतिशत है। ये बहुत अच्छी स्थिति है। विकसित देशों की तुलना में भारत ने इस लड़ाई को बहुत अच्छे से लड़ा है।

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