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लॉकडाउन के दौरान जन औषधि केंद्रों से लोगों को हुई बड़ी बचत, 300 करोड़ रुपये का हुआ फायदा

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कोरोना संकट के समय सभी आर्थिक गतिविधियां ठप हो गई हैं। लोगों को स्वास्थ्य के साथ ही आर्थिक दिक्कतों का भी सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र वरदान बनकर सामने आया है। इस केंद्र से जहां गरीब लोगों को सस्ती दवाएं मिल रही हैं, वहीं इलाज में होने वाले खर्च में काफी कमी आई है। रसायन और उर्वरक मंत्रालय के मुताबिक लॉडाउन के दौरान जन औषधि केंद्रों ने अप्रैल में 52 करोड़ रुपये की बिक्री की। इससे लोगों को 300 करोड़ रुपये की कुल बचत हुई।

दवाएं 50 से 90 प्रतिशत तक सस्ती  
जनऔषधि केंद्रों पर दवाएं औसत बाजार मूल्य की तुलना में 50 से 90 प्रतिशत सस्ती मिलती हैं। रसायन और उर्वरक मंत्रालय ने प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना के माध्यम से देश के लोगों को सस्ती दवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। अभी देश भर में 726 जिलों में 6,300 से अधिक जनऔषधि केंद्र हैं।
 

1000 से अधिक जेनरिक दवाएं उपलब्ध
मोदी सरकार की तरफ से जन औषधि केंद्रों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार की इस पहल का प्रभाव ब्रांडेड जेनरिक्स पर देखने को मिल रहा है। जन औषधि केंद्रों पर 1000 से अधिक जेनरिक दवाएं उपलब्ध हैं। इनमें एंटी कैंसर, एंटी-इंफेक्टिव, रिप्रोडक्टिव और  गैस्ट्रो इंटेस्टाइनल दवाएं शामिल हैं।

जन औषधि केंद्रों के संचालकों और लाभार्थियों से संवाद
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 7 मार्च, 2020 को जन औषधि दिवस के अवसर पर देशभर के जन औषधि केंद्रों पर संचालकों और लाभार्थियों से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बातचीत की। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जनऔषधि केंद्रों के माध्यम से लाखों गरीब और मध्यमवर्गीय लोगों को सस्ती कीमत पर जेनरिक दवाएं उपलब्ध कराई जा रही है और इससे उनका हजारों करोड़ रुपया बच रहा है।

बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए चार सूत्रीय कार्य योजना
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘ देशवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए सरकार चार सूत्रों पर काम कर रही हैं। पहला, बीमार से बचाव के लिए क्‍या किया जाए। दूसरा, बीमारी होने पर सस्‍ता और अच्‍छा इलाज हर नागरिक को कैसे मिले। तीसरा, इलाज के लिए बेहतर और आधुनिक अस्‍पताल हों, पर्याप्‍त मात्रा में डॉक्‍टर हों और चौथा, स्वास्थ्य के क्षेत्र में मिशन मोड पर काम करके चुनौतियों को समझना और उनका समाधान करना।

जेनरिक दवाओं को लेकर अफवाहों से बचें: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना यानि PMBJP, इसी चार सूत्रीय कार्य योजना की एक अहम कड़ी है। ये देश के हर व्यक्ति तक सस्ता और उत्तम इलाज पहुंचाने का संकल्प है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जेनरिक दवाओं को लेकर अफवाहें फैलाएं जाती हैं। आज 1,000 से ज्यादा जरूरी दवाओं की कीमत नियंत्रित होने से देशवासियों के करोड़ों रुपये की बचत हो रही है। 90 लाख गरीब लोगों को आयुष्मान योजना के तहत लाभ मिला है।

हेल्‍थकेयर की कीमत में कमी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जनऔषधि केंद्रों पर मिलने वाली दवाओं की कीमत बाजार में उपलब्ध दवाओं से 50 से 90 प्रतिशत तक कम है। उन्‍होंने कहा, ‘बाजार में कैसर की दवा 6,500 रुपये की कीमत पर उपलब्‍ध है, लेकिन जनऔषधि केंद्र में महज 850 रुपये की कीमत पर ये दवाएं मिल रही हैं। इस तरह से हेल्‍थकेयर की कीमत में कमी आई है। करोड़ों गरीब और मध्‍यम वर्ग के लोगों को इससे लाभ मिला है।’

जन औषधि केंद्र बन रहे जन शक्ति केंद्र- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज जनऔषधि केंद्र सच्चे अर्थ में जन शक्ति के केंद्र बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनऔषधि योजना को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए निरंतर काम चल रहा है। जरूरी यह है कि देश का हर नागिरक स्वास्थ्य के प्रति अपने दायित्व को समझे। उन्होंने कहा कि हर किसी को अपनी दिनचर्या में स्वच्छता, योग, संतुलित आहार, व्यायाम को जरूर जगह देनी चाहिए। बच्चों को पढ़ने के साथ खेलने के लिए भी उतना आग्रह करना चाहिए।

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