Home समाचार केजरीवाल सरकार का फीस घोटाला, शराब घोटाले और सत्येंद्र जैन का केस...

केजरीवाल सरकार का फीस घोटाला, शराब घोटाले और सत्येंद्र जैन का केस लड़ने के लिए महंगे वकीलों पर खर्च किए 28 करोड़ रुपये

519
SHARE

भ्रष्टाचार मुक्त दिल्ली बनाने के वादे के साथ सत्ता में आई अरविंद केजरीवाल की सरकार खुद भ्रष्टाचार और घोटाले के दलदल में धंसती चली जा रही है। केजरीवाल सरकार घोटालों को छिपाने के लिए एक के बाद एक नए-नए घोटाले कर रही है। जनता को सौ और हजार रुपये की ‘मुफ्त रेवड़ी’ थमाकर मुख्यमंत्री केजरीवाल और उनके मंत्री अपनी अय्याशी पर करोड़ों रुपये लूटा रहे हैं। घोटालों से बचने के लिए जनता के पैसे पर महंगे वकीलों की सेवाएं लेते हैं और केस लड़ने के लिए करोड़ों रुपये खर्च करते हैं। इसी कड़ी में दिल्ली राजभवन ने एक हैरान करने वाला खुलासा किया है। सूत्रों के मुताबिक शराब घोटाले और जेल में बंद सत्येंद्र जैन का केस लड़ने के लिए दिल्ली सरकार पिछले 18 महीने में वकीलों की फीस के रूप में कुल 28.10 करोड़ रुपये लूटा चुकी है।

राजभवन के सूत्रों के मुताबिक, शराब घोटाले और अन्य मामलों में घिरी दिल्ली की केजरीवाल सरकार वकीलों की फीस पर खुलकर खर्च कर रही है। दिल्ली आबकारी नीति घोटाला मामले में केजरीवाल सरकार की ओर से कोर्ट में पैरवी करने वाले वकीलों को 25.25 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। 2021-2022 के दौरान 16.09 करोड़ रुपये और 2022-2023 के आठ महीनों के दौरान 5.24 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इनमें कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ वकील डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी को 18.97 करोड़ रुपये मिले। दिल्ली सरकार की ओर से सिंघवी को 2021-22 में 14.85 करोड़ रुपये और इसके बाद 4.1 करोड़ रुपये दिए गए।

मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार मामले में तिहाड़ जेल में बंद केजरीवाल सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन के मामलों में अक्सर पेश होने वाले एक अन्य वकील राहुल मेहरा को 5.30 करोड़ रुपये मिले। दिल्ली सरकार की व्यय सूची में दिखा गया है कि 2020-21 में मेहरा को 2.4 लाख रुपये का भुगतान किया गया था। इसके बाद 2021-22 में भुगतान अचानक बढ़कर 3.9 करोड़ रुपये हो गया। 2022-23 में 1.3 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है। गौरतलब है कि सत्येंद्र जैन को 30 मई, 2022 को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद से वह तिहाड़ जेल में बंद हैं।

सूत्रों के मुताबिक शराब घोटाला सामने आने से पहले दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार ने वकीलों की फीस पर 6.70 करोड़ रुपये खर्च किया था, जिसमें मुख्य रूप से सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) और स्वास्थ्य विभाग से संबंधित मामले शामिल थे। लेकिन शराब घोटाला सामने आने के बाद सरकार के खर्च में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। केजरीवाल सरकार पर घोटाले के आरोप बढ़ने के साथ ही कानूनी मामलों और वकीलों पर खर्च में भी बढ़ोतरी हो रही है।

आइए देखते हैं, केजरीवाल सरकार ने किस तरह दिल्ली आबकारी नीति में बदलाव कर शराब माफिया को सरकारी खजाने और दिल्ली की जनता को लूटने की खुली छूट दी…

दिल्ली के सबसे बड़े शराब घोटाले से जुड़े पुख्ता सुबूत सीबीआई के हाथ लगते जा रहे हैं। इससे न सिर्फ सिसोदिया का बचना मुश्किल है, बल्कि उसके बेहद करीबी भी एक के बाद एक्सपोज हो रहे हैं। आबकारी नीति 2021-22 को तैयार करने और इसके क्रियान्वयन में भ्रष्टाचार पर अपनी प्राथमिकी में सीबीआई ने कहा कि इंडोस्पिरिट्स के एमडी समीर महेंद्रू ने नई दिल्ली के राजेंद्र प्लेस में स्थित यूको बैंक की शाखा में राधा इंडस्ट्रीज के खाते में 1 करोड़ रुपये की रकम भेजी थी। राधा इंडस्ट्रीज का प्रबंधन दिनेश अरोड़ा कर रहे हैं, जो दिल्ली के डिप्टी सीएम सिसोदिया के करीबी सहयोगी हैं। इसके अलावा मुख्य सचिव नरेश कुमार की एलजी को सौंपी गोपनीय रिपोर्ट से यह खुलासा हुआ कि दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने कोरोना की आड़ में शराब ठेकेदारों की 144.36 करोड़ रुपये की लाइसेंस फीस ही माफ कर दी।

मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के लिए करोड़ों के शराब घोटाले में जल्द होगी ED की एंट्री
दिल्ली की एक्साइज पॉलिसी में गड़बड़ी-घोटाले के आरोप में सीबीआई ने डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया समेत 15 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। इससे साथ ही सीबीआई ने सिसोदिया के घर समेत 31 जगहों पर छापेमारी भी की थी। सीबीआई पड़ताल में सामने आया कि अरुण रामचंद्र पिल्लई, विजय नायर के माध्यम से समीर महेंद्रू से आरोपी लोक सेवकों को आगे स्थानांतरित करने के लिए अनुचित धन एकत्र करता था। अर्जुन पांडे नाम के एक व्यक्ति ने विजय नायर की ओर से समीर महेंद्रू से लगभग 2-4 करोड़ रुपये की बड़ी नकद राशि एकत्र की।सिसोदिया के करीबी शराब लाइसेंसधारियों से एकत्रित करते थे अनुचित आर्थिक लाभ
सीबीआई के मुताबिक मनोरंजन और इवेंट मैनेजमेंट कंपनी ‘ओनली मच लाउडर’ के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) विजय नायर, पर्नोड रिकार्ड के पूर्व कर्मचारी मनोज राय, ब्रिंडको स्पिरिट्स के मालिक अमनदीप ढल तथा इंडोस्पिरिट्स के मालिक समीर महेंद्रू सक्रिय रूप से नवंबर 2021 में लाई गई आबकारी नीति का निर्धारण और क्रियान्वयन में अनियमितताओं में शामिल थे। एजेंसी ने आरोप लगाया कि गुरुग्राम में बडी रिटेल प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अमित अरोड़ा, दिनेश अरोड़ा और अर्जुन पांडे, सिसोदिया के ‘करीबी सहयोगी’ हैं और आरोपी लोक सेवकों के लिए ‘शराब लाइसेंसधारियों से एकत्र किए गए अनुचित आर्थिक लाभ के प्रबंधन और स्थानांतरण करने में सक्रिय रूप से शामिल थे।दिल्ली सरकार ने नई एक्साइज पॉलिसी में 100 प्रतिशत दुकानें निजी हाथों में सौंप दीं
दरअसल, दिल्ली सरकार के शराब घोटाले का खेल 2021 में ही शुरू हो गया था। सरकार ने 17 नवंबर 2021 को दिल्ली में नई एक्साइज पॉलिसी लागू की। इसके तहत राजधानी में 32 जोन बनाए गए। हर जोन में 27 दुकानें खुलनी थीं। इस तरह कुल मिलाकर 849 दुकानें खोलने की नीति थी। नई नीति लागू होने से पहले तक दिल्ली में शराब की 60% दुकानें सरकारी और 40% प्राइवेट थीं, लेकिन नई नीति लागू होने के बाद 100% दुकानें निजी हाथों को सौंप दी गई। आरोप लगे तो दिल्ली सरकार ने खोखला तर्क गढ़ा कि इससे रेवेन्यू 3,500 करोड़ रुपये बढ़ने की उम्मीद है। अब 1 सितंबर से फिर से पुरानी एक्साइज पॉलिसी लागू हो जाएगी। इसके बाद शराब की दुकानें सरकारी एजेंसियां ही चलाएंगी।मुख्य सचिव कुमार की गोपनीय रिपोर्ट पर एलजी ने की थी सीबीआई जांच की सिफारिश
आपको बता दें कि दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया और अन्य के खिलाफ ये पूरी कार्रवाई मुख्य सचिव नरेश कुमार की उस रिपोर्ट पर हो रही है, जिसमें एक्साइज पॉलिसी में गड़बड़ी होने का आरोप लगाया गया था। ये रिपोर्ट लेफ्टिनेंट गवर्नर वीके सक्‍सेना को सौंपी गई थी। मुख्य सचिव कुमार की रिपोर्ट पर एलजी ने सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। इस रिपोर्ट में GNCTD एक्ट 1991, ट्रांजेक्शन ऑफ बिजनेस रूल्स 1993, दिल्ली एक्साइज एक्ट 2009 और दिल्ली एक्साइज रूल्स 2010 के नियमों का उल्लंघन पाया गया था। सीबीआई ने अब 8 आरोपियों के खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी किया. यानी, ये लोग अब देश छोड़कर नहीं जा सकते।

शराब घोटाले में चीफ सेक्रेटरी नरेश कुमार की विस्तृत जांच में मिलीं ये सात ‘खामियां’

1. मनीष सिसोदिया के निर्देश पर एक्साइज विभाग ने एयरपोर्ट जोन के एल-1 बिडर को 30 करोड़ रुपये रिफंड करने का निर्णय लिया। बिडर एयरपोर्ट अथॉरिटीज से जरूरी एनओसी नहीं ले पाया था। ऐसे में उसके द्वारा जमा कराया गया सिक्योरिटी डिपॉजिट सरकारी खाते में जमा हो जाना चाहिए था, लेकिन बिडर को वह पैसा लौटा दिया गया।
2. सक्षम अथॉरिटीज से मंजूरी लिए बिना एक्साइज विभाग ने 8 नवंबर 2021 को एक आदेश जारी करके विदेशी शराब के रेट कैलकुलेशन का फॉर्मूला बदल दिया और बियर के प्रत्येक केस पर लगने वाली 50 रुपए की इंपोर्ट पास फीस को हटाकर लाइसेंसधारकों को अनुचित लाभ पहुंचाया, जिससे सरकार को रेवेन्यू का भारी नुकसान हुआ।
3. टेंडर दस्‍तावेजों के प्रावधानों को हल्का करके L7Z (रिटेल) लाइसेंसियों को वित्‍तीय फायदा पहुंचाया गया, जबकि लाइसेंस फी, ब्‍याज और पेनाल्‍टी न चुकाने पर ऐक्‍शन होना चाहिए था।
4. सरकार ने दिल्ली के अन्य व्यवसायियों के हितों को दरकिनार करते हुए केवल शराब कारोबारियों को फायदा पहुंचाने के लिए कोविड काल में हुए नुकसान की भरपाई के नाम पर उनकी 144.36 करोड़ रुपये की लाइसेंस फीस माफ कर दी, जबकि टेंडर दस्तावेजों में ऐसे किसी आधार पर शराब विक्रेताओं को लाइसेंस फीस में इस तरह की छूट या मुआवजा देने का कहीं कोई प्रावधान नहीं था।5. सरकार ने बिना किसी ठोस आधार के और किसी के साथ चर्चा किए बिना नई पॉलिसी के तहत हर वॉर्ड में शराब की कम से कम दो दुकानें खोलने की शर्त टेंडर में रख दी। बाद में एक्साइज विभाग ने सक्षम अथॉरिटीज से मंजूरी लिए बिना नॉन कन्फर्मिंग वॉर्डों के बजाय कन्फर्मिंग वॉर्डों में लाइसेंसधारकों को अतिरिक्त दुकानें खोलने की इजाजत दे दी।
6. सोशल मीडिया, बैनरों और होर्डिंग्‍स के जरिए शराब को बढ़ावा दे रहे लाइसेंसियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। यह दिल्‍ली एक्‍साइज नियमों, 2010 के नियम 26 और 27 का उल्‍लंघन है।
7. लाइसेंस फीस में बढ़ोतरी किए बिना लाइसेंसधारकों को लाभ पहुंचाने के लिए उनका ऑपरेशनल पीरियड पहले 1 अप्रैल 2022 से बढ़ाकर 31 मई 2022 तक किया गया और फिर इसे 1 जून 2022 से बढ़ाकर 31 जुलाई 2022 तक कर दिया गया। इसके लिए सक्षम अथॉरिटी यानी कैबिनेट और एलजी से भी कोई मंजूरी नहीं ली गई। बाद में आनन फानन में 14 जुलाई को कैबिनेट की बैठक बुलाकर ऐसे कई गैरकानूनी फैसलों को कानूनी जामा पहनाने का काम किया गया। शराब की बिक्री में बढ़ोतरी होने के बावजूद रेवेन्यू में बढ़ोतरी होने के बजाय 37.51 पर्सेंट कम रेवेन्यू मिला।कैसे फंसे सिसोदिया… कोरोना के बहाने शराब ठेकेदारों के 144.36 करोड़ रुपये माफ कराए
जनमानस की यह जानने में दिलचस्पी जरूर होगी कि आखिर शातिर खिलाड़ी मनीष सिसोदिया इस सारे खेल में कैसे घिर गए। दरअसल, मुख्य सचिव की रिपोर्ट बताती है कि एक्साइज डिपार्टमेंट के प्रभारी होने के नाते मनीष सिसोदिया ने जानबूझकर ऐसे फैसले लिए। इसके आधार पर एलजी ने पाया कि आबकारी नीति को लागू करने में किस प्रकार की वित्तीय गड़बड़ियां हुईं। सिसोदिया पर एक्साइज पॉलिसी के नियमों का उल्लंघन करने का आरोप है। मुख्य सचिव की रिपोर्ट में कहा गया था कि सिसोदिया ने कथित तौर पर टेंडर दिए जाने के बाद भी शराब लाइसेंसधारियों को अनुचित लाभ पहुंचाया, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान हुआ। इसी रिपोर्ट में बताया गया कि शराब कारोबारियों को लाभ पहुंचाने के लिए सिसोदिया के आदेश पर एक्साइज पॉलिसी के जरिए कोरोना के बहाने शराब ठेकेदारों के 144.36 करोड़ रुपये माफ किए गए।

केजरीवाल सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जेल में बंद है। जैन पर जेल में ऐशो-आराम के साथ रहने और जेल स्टाफ को धमकाने के आरोप लग रहे हैं। ऐसे में आज हम आपको बताएंगे कि मनी लॉल्ड्रिंग से लेकर अब तक सत्येंद्र जैन पर कौन-कौन से आरोप लग चुके हैं? जेल से कितने वीडियो जारी हुए? 

सत्येंद्र जैन की धमकी – बाहर निकलकर सबको देख लूंगा 

दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद कैबिनेट मंत्री सत्येंद्र जैन ने जेल अधिकारियों को धमकी दी है कि सबको बाहर निकलकर देख लूंगा। सत्येंद्र ने जेल अधिकारियों को गाली देते हुए उनके खिलाफ कुछ भी करने वालों को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी। जैन ने कहा कि चाहे सर्विंग हो या फिर रिटायर्ड किसी को नहीं छोड़ेंगे। जेल अधिकारियों एआईजी जेल (तिहाड़), जेल नंबर 7 के अधीक्षक, तिहाड़ जेल के उपाधीक्षक, सहायक अधीक्षक और लॉ ऑफिसर ने लिखित में जैन के खिलाफ डीजी जेल से शिकायत की है। शिकायत में अधिकारियों ने कहा है कि जेल में बंद मंत्री सत्येंद्र जैन उनके साथ दुर्व्यवहार कर रहे हैं और जेल से बाहर आने पर उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देते हैं। इन अधिकारियों ने जेल में उनकी मालिश, भव्य भोजन और अन्य वीआईपी उपचारों की सुविधाओं का लाभ उठाने से रोकने की कोशिश की थी, जिसके बाद उन्होंने धमकी दी है। 

ठग सुकेश से 10 करोड़ वसूलने का आरोप 

जेल में बंद ठग सुकेश चंद्रशेखर ने जैन पर 10 करोड़ रुपये वसूलने का आरोप लगाया। सुकेश ने दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर वीके सक्सेना को चिट्ठी लिख कर कहा कि जेल में सुरक्षा और सहूलियत के नाम पर जैन ने 10 करोड़ रुपए वसूले। ये रकम उनके एक करीबी के जरिए ली गई। सुकेश ने दावा किया कि उसने आम आदमी पार्टी को भी 50 करोड़ रुपए दिए थे और बदले में पार्टी ने दक्षिण भारत में जिम्मेदारी सौंपने का वादा किया था। सुकेश चंद्रशेखर 2017 से मंडोली जेल में बंद है। उसे बीच में तिहाड़ भी शिफ्ट किया गया था। सुकेश ने हाईकोर्ट में भी सत्येंद्र जैन के खिलाफ शिकायत की है।

सत्येंद्र जैन ने जेल में रेप के आरोपी से कराया मसाज 

पिछले दिनों सत्येंद्र जैन के एक के बाद एक कई वीडियो सामने आए। इसमें सत्येंद्र जैन कथित तौर पर जेल की बैरक में मसाज लेते हुए दिख रहे हैं। आम आदमी पार्टी ने इन आरोपों को खारिज कर दिया था। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा था कि जैन बीमार चल रहे हैं। डॉक्टर ने उन्हें रेगुलर फिजियोथेरेपी की सलाह दी है। जेल की बैरक में भी उन्हें थेरेपी दी जा रही है। हालांकि, बाद में खुलासा हुआ कि जो शख्स सत्येंद्र जैन की मसाज कर रहा था, वो रेप के मामले में बंद है। उसपर पास्को एक्ट के तहत मुकदमा चल रहा है।

जेल में वीवीआईपी सुविधाएं मिलने का आरोप 

जैन के कई वीडियो ऐसे भी आए हैं, जिनमें वह बैरक में रहते हुए लोगों से मिल रहे हैं। उनके बैरक में तीन-चार लोग बैठे दिखाई देते हैं। इसपर बीजेपी ने आरोप लगाया कि सत्येंद्र जैन को जेल में वीवीआईपी सुविधाएं मिल रहीं हैं। वह सारे नियमों को तोड़ रहे हैं। सीसीटीवी फुटेज में एक अज्ञात व्यक्ति सत्‍येंद्र जैन के साथ बैठा है और सेल के अंदर ही बातचीत करता हुआ दिखाई दे रहा है। एक वीडियो में वह तिहाड़ जेल के सुपरिंटेंडेंट अजीत कुमार के साथ बातचीत करते नजर आ रहे हैं। बीजेपी नेता हरीश खुराना ने इस वीडियो को ट्विटर पर शेयर किया। कैप्शन में लिखा- लो जी नया वीडियो ईमानदार मंत्री जैन का। जेल मंत्री के दरबार में रात 8 बजे हाजिरी देते जेल सुपरिटेंडेंट। 

सत्येंद्र जैन पर होटल का खाना खाने का आरोप 

जेल में मसाज और वीवीआईपी सुविधाएं मिलने के आरोपों के बीच सत्येंद्र जैन का एक नया वीडियो सामने आया। इसमें वह जेल के अंदर होटल से मंगाया गया खाना खाते हुए दिख रहे हैं। इससे पहले जैन ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि उन्हें जेल के अंदर खाना नहीं दिया जा रहा है। इसके चलते 28 किलो तक उनका वजन भी घट गया है। इसका जवाब देते हुए बीजेपी ने होटल के मंगाए खाने को खाते हुए जैन का नया वीडियो जारी कर दिया। दावा किया गया है कि जेल में रहने के दौरान जैन का वजन बढ़ गया है।

Leave a Reply