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भवानीपुर उपचुनाव में ममता बनर्जी के चेहरे पर दिख रहा हार का डर, भावुक अपील करने पर हुई मजबूर

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मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल की शेरनी कही जाती है। विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी टीएमसी को जबरदस्त जीत मिली। लेकिन नंदीग्राम में बीजेपी के शुभेंदु अधिकारी से मिली हार ने उनका मनोबल इतना तोड़ दिया है कि वो अब मेमना की तरह डरी हुई नजर आ रही है। वो नंदीग्राम की हार को भुलाए नहीं भूल पा रही हैं। यही वजह है कि भवानीपुर उपचुनाव में प्रचार के दौरान उनके चेहरे पर हार का डर साफ तौर पर देखा जा सकता है। बीजेपी ने भी ममता को हराने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। इसलिए अब ममता बनर्जी को जीत के लिए जनता से भावुक अपील करने पर मजबूर होना पड़ा है। 

जानकारों का कहना है कि इस बार ममता बनर्जी अपनी जीत को लेकर पहले की तरह आश्वस्त नहीं हैं। इकबालपुर की जनसभा में ममता बनर्जी ने लोगों से भावुक अपील की और कहा कि अगर वह इस उपचुनाव में हार जाएंगी तो बंगाल का मुख्यमंत्री कोई और बनेगा। उन्होंने कहा कि मुझे अपना मुख्यमंत्री बनाए रखने के लिए वोट दें। हर वोट मेरे लिए मायने रखता है। अगर आप यह सोचकर वोट नहीं करेंगे कि दीदी (ममता) तो पक्का जीतेंगी तो यह बड़ी भूल होगी। बारिश हो या तूफान आ जाए, घर पर मत बैठे रहना, वोट डालने जरूर आना।

उपचुनाव में ममता बनर्जी पर हार का डर भी साफ दिख रहा है। इसको लेकर अब बीजेपी ने फिर से ममता बनर्जी को घेरना भी शुरू कर दिया है। पार्टी के लिए प्रचार करने पहुंचे केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि यह उपचुनाव दिलचस्प होने जा रहा है। बीजेपी ने एक शानदार उम्मीदवार उतारा है। प्रियंका जी हमारी महिला कार्यकर्ता और वकील हैं। उन्होंने कहा, ‘मुझे लगा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी थोड़ी सी नर्वस हैं कि उन्होंने कहा कि आप वोट डालने नहीं आए और मैं नहीं जीत पाई तो मुख्यमंत्री नहीं रहूंगी।’ 

बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने कहा, ‘भवानीपुर में लहर वैसी नहीं है जैसा ममता बनर्जी ने सोचा था। जैसे-जैसे मतदान का दिन नजदीक आ रहा है, ममता बनर्जी इस बात को महसूस कर रही हैं कि मुकाबला कड़ा होने वाला है। मजबूरन उन्हें अब बाहर निकलकर प्रचार करना पड़ रहा है। मगर जनता की चुप्पी में ही असली कहानी छिपी है।” 

गौरतलब है कि ममता बनर्जी और बीजेपी दोनों के लिए भवानीपुर सीट बहुत मायने रखती है। एक तरफ ममता बनर्जी को सीएम की कुर्सी पर बने रहने के लिए पांच नवंबर तक निर्वाचित होना ज़रूरी है तो दूसरी तरफ बीजेपी पश्चिम बंगाल की हार के बाद लगे सवालिया निशानों को मिटाने की कोशिश में है। बीजेपी ने ममता बनर्जी से मुकाबले के लिए प्रियंका टिबरीवाल पर दांव लगाया है। नाम घोषित किए जाते ही प्रियंका ने ममता पर निशाना साधना शुरू कर दिया। प्रियंका ने दावा किया कि वह भवानीपुर में पैदा हुई हैं न कि ममता बनर्जी। टिबरीवाल से मिल रही चुनौती की वजह से ममता बनर्जी नहीं चाहती कि किसी भी हालत में पश्चिम बंगाल में टीएमसी को मिली जीत पर सवाल उठें और उनके मुख्यमंत्री बने रहने में बाधाएं आएं।

 

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