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मोदी सरकार का बड़ा फैसला: कोरोना से मौत पर 50,000 का मुआवजा

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देश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में कोरोना के खिलाफ जंग में मजबूती से डटा है। वैक्सीनेशन को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कोशिशों का ही नतीजा है कि भारत अभी कोरोना की तीसरी लहर के खतरे से बचा हुआ है।डब्लूएचओ से लेकर दुनिया के कई जाने माने संगठन, कोरोना को रोकने के लिए उठाए गए पीएम मोदी की कोशिशों की सराहना कर रहे हैं। अमेरिकी डेटा रिसर्च कंपनी का दावा है कि खतरनाक कोविड-19 के खिलाफ जंग में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दुनिया भर के प्रभावशाली नेताओं की लिस्ट में टॉप पर है

लोगों को राहत के लिए मोदी सरकार का बड़ा फैसला

देश में कोरोना महामारी से लोगों को राहत दिलाने के लिए, मोदी सरकार ने कई बड़े एलान किए हैं । एक बार फिर कोरोना से अपनों को खोने वालों को बड़ी मदद मिलने जा रही है। कोरोना से हुई मौत के मामलों में पीड़ितों के परिजनों को 50,000 रुपयों का मुआवजा दिया जाएगा। ये रकम स्टेट डिजास्टर रिलीफ फंड की ओर से लोगों तक पहुंचेगी। इसे लेकर एनडीएमए ने गाइडलाइंस बनाई है। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से खुद मुआवजे की रकम तय करने को कहा था, मोदी सरकार ने इस पर फैसला लेते हुए 50,000 की बड़ी रकम देने का एलान किया है। सरकार के इस फैसले से लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

देश में कोरोना वैक्सीनेशन का बना बड़ा रिकॉर्ड 

कोरोना के खिलाफ जंग में मोदी सरकार ने सख्ती के साथ, लोगों तक राहत पहुंचाने के जो प्रयास किए हैं, उसकी सारी दुनिया में चर्चा हो रही है। पीएम मोदी के नेतृत्व में वैक्सीनेशन को लेकर सरकार के प्रयासों से कई नए रिकॉर्ड बने हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 71वें जन्मदिन पर कोरोना टीकाकरण के सारे रिकॉर्ड टूट गए। एक दिन में 2.5 करोड़ लोगों को टीका लगाकर भारत ने चीन को भी पीछे छोड़ दिया। भारत में 81 करोड़ लोगो को कोरोना के टीके लगाए जा चुके हैं। अंतिम 10 करोड़ लोगों की टीकाकरण तो महज 10 दिनों के भीतर हुआ है। कोरोना टीकाकरण में मोदी सरकार की रिकॉर्ड तोड़ उपलब्धि से WHO सहित दुनिया की कई बड़े देश भी हैरान हैं । WHO ने वैक्सीनेशन को लेकर भारत की ताकत का लोहा माना है।

कोरोना के खिलाफ जंग में दुनिया की भी मदद

कोरोना के खिलाफ लड़ाई में भारत अपने मित्र देशों की भी भरपूर ख्याल रख रहा है इस साल अक्तूबर से लेकर दिसंबर तक भारत कोरोना के टीकों का निर्यात करेगा। देश में लोगों की जरूरतों को पूरा करने के बाद भारत कोवैक्स कार्यक्रम में अपना योगदान देगा। भारतीय वैक्सीन की बेहद कम साइड इफेक्ट की वजह से दुनिया में भारत में बनी वैक्सीन की बड़ी मांग है। इससे वैक्सीन हब के तौर पर दुनिया भर में भारत की साख बढ़ी है। इतना ही नहीं भारत ने 150 से ज्यादा देशों को कोरोना की महामारी से लड़ने में मदद भेजी। इसमें नेपाल, श्रीलंका, भूटान, बांग्लादेश और मालदीव जैसे पड़ोसी देश भी शामिल हैं।

मोदी सरकार चला रही बेहद सफल वैक्सीन कार्यक्रम

मोदी सरकार के ताकतवर वैक्सीन कार्यक्रम का ही नतीजा है कि सितंबर में भारत सरकार को कंपनियों की ओर से 26 करोड़ वैकेसीन के डोज मिले। अक्तूबर में सरकार को कोरोना वैक्सीन के 30 करोड़ से अधिक टीके मिलने की उम्मीद है। कोरोना काल में मोदी सरकार हर पल देश के लोगों के साथ खड़ी रही। वंदे भारत मिशन के तहत लाखों भारतीयों को मदद पहुंचाई गई, खाड़ी सहित दूसरे देशों से लौटने वाले लोगों के लिए स्वदेश योजना शुरू की गई। वहीं ऑपरेशन समुद् सेतु के तहत भारतीय नौसेना की मदद से ऑक्सीजन कंटेनरों को देश में लाने का काम पूरा किया गया।

कोरोना काल में तेजी से बढ़ी देश की आर्थिक ताकत 

कोरोना काल में जहां दुनिया भर के देश आर्थिक मंदी और महंगाई की मार से जूझ रहा थे, आर्थिक मोर्चे पर मोदी सरकार के सही फैसलों की वजह से भारत की अर्थव्यवस्था और मजबूत होती चली गई। अनुमान है कि वित्त वर्ष 2021-22 में भारत 10 प्रतिशत की रफ्तार से विकास के रास्ते पर दौड़ लगा सकता है। भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था पर अलग-अलग रेटिंग एजेंसियां एक ही सुर में बोलती नजर आ रही है।

अन्नदाता तक भी पहुंची मोदी सरकार की मदद

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार किसानों की आय बढ़ाने को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसके लिए मोदी सरकार ने अपने स्तर पर कई बड़े कदम उठाए हैं। इनमें खेती की लागत में कमी लाने और उसकी उपज का उचित मूल्य दिलाने का प्रयास शामिल है। मोदी सरकार के प्रोत्साहन और किसानों की कड़ी मेहनत का परिणाम है कि कोरोना महामारी के बावजूद कृषि क्षेत्र का प्रदर्शन अन्य क्षेत्रों के मुकाबले बेहतर रहा। सरकार कृषि उत्पादों के निर्यात में वृद्धि पर जोर दे रही है। भारत ने 2021-22 (अप्रैल-अगस्त) में कृषि संबंधी और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात में पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 21.8 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की। कृषि उत्पादों का समग्र निर्यात 2020 के अप्रैल-अगस्त के 6,485 मिलियन डॉलर की तुलना में 2021 के अप्रैल-अगस्त के दौरान बढ़कर 7,902 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया।

रोजगार के मोर्चे पर मिली युवाओं को खुशखबरी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में देश में कारोबार का माहौल बेहतर हुआ है। मोदी सरकार की नीतियों के कारण देश में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़े हैं। रोजगार के मोर्चे पर भी खुशखबरी सामने आई है। मई के मुकाबले जुलाई महीने में ईपीएफओ के खातों की संख्या दोगुना बढ़ी है। जुलाई में ईपीएफओ से 14.65 लाख नए सदस्य जुड़े हैं।

स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने में जुटी मोदी सरकार

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार देशवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में जुटी है। मोदी राज में चिकित्सा के क्षेत्र में व्यापक सुधार किया गया है। इसी क्रम में राष्ट्रीय टेलीमेडिसिन सेवा ई-संजीवनी ने 1.2 करोड़ से अधिक परामर्श पूरे कर लिए हैं। ई-संजीवनी से देश भर में प्रतिदिन लगभग 90,000 रोगियों को इलाज मुहैया कराया जा रहा है। ई-संजीवनी राष्ट्रीय टेलीमेडिसिन सेवा से अस्पतालों का बोझ कम हो रहा है। साथ ही जमीनी स्तर पर डॉक्टरों और विशेषज्ञों की कमी को दूर करने का काम किया जा रहा है ।

मोदी सरकार के बड़े फैसलों से काबू में कोरोना

दुनिया में कोरोना महामारी की दस्तक के साथ ही मोदी सरकार ने कई बड़े फैसले लिए , इसमें लॉकडाउन से लेकर, लोगों को महामारी की बारे में जागरूक करना और महामारी से लड़ने लिए दवाओं के साथ आधुनिक उपकरणों के इंतजाम तक शामिल थे। इसके साथ ही पीपीई किट से लेकर सेनेटाइजर और मास्क देश में ही तेजी से बनाने के इंतजाम किए गए। यही वजह है कि भारत कोरोना को काबू करने में कामयाब रहा है और दुनिया कोरोना से जंग में मोदी सरकार के फैसलों को हैरत भरी निगाह से देख रही है ।

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