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प्रियंका गांधी के करीबी आचार्य प्रमोद कृष्णम का गहलोत पर सीधा वार, उदयपुर केस से साबित राजस्थान सरकार का इकबाल बिल्कुल खत्म हो गया है

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यह दिलचस्प है कि राजस्थान भर में इंटरनेट इमरजेंसी लगाकर कांग्रेस के मुख्यमंत्री सोशल मीडिया पर प्रदेश की जनता से अमन-चैन की अपील कर रहे हैं !! दूसरी ओर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के करीबी वरिष्ठ नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम भी राजस्थान के मुख्यमंत्री गहलोत से अपील कर रहे हैं कि उदयपुर की आतंककारी घटना के दोषियों के खिलाफ दबंगई से कार्रवाई की जाए। चाहे वह अराजक तत्व हों या फिर सिस्टम में बैठे अफसर हों। कृष्णम ने जोर देकर कहा कि अभी के हालात तो चीख-चीखकर कह रहे हैं कि राजस्थान में सरकार का इकबाल ही खत्म हो गया है?
धमकी मिलने के बावजूद सरकार ने कन्हैया को सुरक्षा उपलब्ध क्यों नहीं कराई ?
उदयपुर में कन्हैयालाल के तालिबानी मर्डर के बाद देश-प्रदेश की सियासत गर्माई हुई है। बीजेपी तो सरकार की विफलताओं, इंटेलिजेंस फेल्योर आदि के लिए उसे घेर ही रहे हैं, लेकिन अब कांग्रेस के भीतर से ही राज्य सरकार के खिलाफ बगावती बोल उठने लगे हैं। प्रमोद कृष्णम ने गहलोत सरकार पर निशाना साधते हुए अपने ट्वीट में लिखा- धमकी मिलने के बावजूद कन्हैया को सुरक्षा उपलब्ध क्यों नहीं कराई गई? कातिलों के साथ-साथ पुलिस प्रशासन भी बराबर का दोषी है। SSP DIG के खिलाफ अभी तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई? क्या राजस्थान में सरकार का इकबाल बिलकुल खत्म हो गया है? हालांकि इस बीच एसपी और डीआईजी के तबादले हो गए।

अब समय आ गया है कि राजस्थान का सीएम सचिन पायलट को बनाएः प्रमोद
दिलचस्प यह भी है कि प्रमोद कृष्णम ने अशोक गहलोत के ट्वीट को ही रि-ट्वीट करते हुए अपनी टिप्पणी दी थी। इस रि-ट्वीट को 19 हजार से ज्यादा लोगों ने लाइक किया, जबकि गहलोत के जघन्य ‘हत्या’ की भर्त्सना के मूल ट्वीट को 19 सौ लाइक भी नहीं मिल पाए। कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के करीबी कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम पहले भी सचिन पायलट की तरफदारी करते हुए गहलोत को निशाने पर ले चुके हैं। कृष्णम ने हाल ही में कहा था कि अब समय आ गया है जबकि गहलोत को राज्य का मोह छोड़कर राष्ट्रीय राजनीति में अहम भूमिका निभानी चाहिए। राजस्थान का मुख्यमंत्री सचिन पायलट को बनाया जाना चाहिए। वरिष्ठ नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस की बहुत सेवाएं की हैं।

गहलोत राज्य का मोह त्यागें, राष्ट्रीय राजनीति में पार्टी के हाथ मजबूत करें,
वरिष्ठ नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बहुत वरिष्ठ नेता हो चुके हैं। पूरे देश में उनका सम्मान है। अब उन्हें राज्य का मोह छोड़कर राष्ट्रीय भूमिका निभानी चाहिए। पूरे देश को मोबेलाइज करने के लिए राहुल गांधी के हाथ मजबूत करने चाहिए। प्रमोद कृष्णम ने कहा – ‘यह सृष्टि का नियम है, जिसको हम कहते हैं कि परिवर्तन संसार का नियम है। एक साइकलिंग है। युवाओं को सत्ता देना, युवाओं को नेतृत्व देना यह तो हमेशा कांग्रेस की की आइडियोलॉजी में शामिल रहा है।’

सचिन को 2018 में ही सीएम बनाना चाहिए था, पर सीएम बन गए गहलोत
प्रमोद कृष्णम ने कहा कि खुद अशोक गहलोत ने कहा था कि युवाओं को मौका मिलना चाहिए। अब उन्हें भी मुख्यमंत्री के तौर पर सचिन पायलट को मौका देना चाहिए। उन्होंने कहा- ‘राजस्थान की जनता यह मानती है कि 2018 में ही चुनाव जीतने के बाद सचिन पायलट को ही मुख्यमंत्री होना चाहिए था, लेकिन कांग्रेस नेतृत्व और बड़े नेताओं ने आपसी सलाह से फैसला लिया कि परिवार के सीनियर अशोक गहलोत को मुखिया बनाया जाएगा। अब राजनीति में उथल-पुथल स्वाभाविक है। अब वक्त आ गया है, जब बुजुर्ग नेताओं को नौजवानों को सत्ता देनी चाहिए।

सरकार का इकबाल खत्म होने को लेकर कृष्णम और जयराम रमेश आमने-सामने
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच सियासी खींचतान रह-रहकर बाहर आती रहती है। अब इसमें प्रमोद कृष्णम और जयराम नरेश ने भी एंट्री ले ली है। सरकार का इकबाल खत्म होने के मुद्दे पर कांग्रेस के दो नेताओं के बीच ही लड़ाई छिड़ गई है। कांग्रेस कम्युनिकेशन सेल के प्रभारी महासचिव जयराम रमेश और कांग्रेस नेता प्रमोद कृष्णम के बीच ट्विटर पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है। उदयपुर मर्डर को लेकर प्रमोद कृष्णम के राजस्थान सरकार पर हमला बोलने के बाद जयराम रमेश ने भी आचार्य को लक्ष्मण रेखा नहीं लांघने की नसीहत दे डाली है।

यहां पर सच बोलने वालों को यहां सूली पर चढ़ाया जाता है
प्रमोद कृष्णम ने जयराम रमेश पर पलटवार करते हुए कई ट्वीट किए। आचार्य प्रमोद ने लिखा- बेरहमी और बर्बरता से कत्ल किए गए कन्हैया के लिए आवाज उठाना राष्ट्र धर्म है प्रभु। और राष्ट्र धर्म का निर्वहन करने से किसी को रोकने की चेष्टा राष्ट्र द्रोह कहलाता है। जयराम रमेश ने जवाबी ट्वीट किया- दूसरी बार लक्ष्मण रेखा पार करने से पहले एक बार तो सोचना चाहिए था। प्रमोद कृष्णम ने जयराम रमेश पर निशाना साधते हुए आगे लिखा- सत्य बोलने वालों को यहां सूली पर चढ़ाया जाता है। ये नास्तिक लोग हैं। ये धर्म का मर्म क्या जानें। तुम दुखी मत हो। ये दंड के नहीं, दया के पात्र हैं। मेरे भाग्य की विडम्बना यही है। मैं कांग्रेसी हूं और ये महाशय मेरा अपमान इसलिए कर रहे हैं कि मैं एक हिंदू धर्माचार्य भी हूं।

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