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दिल्ली से लेकर पंजाब, हिमाचल तक क्यों लग रहे ‘केजरीवाल मुर्दाबाद’ के नारे, दिल्ली में वादे याद दिलाने गई आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से AAP कार्यकर्ताओं ने की मारपीट

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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के झूठे वादों की कलई अब खुलती जा रही है। यही वजह है कि जनता अब इनके झूठे वादों से आजिज आकर विरोध पर उतर आई है। दिल्ली से लेकर, हिमाचल और गुजरात तक जनता केजरीवाल मुर्दाबाद के नारे लगा चुकी है। दिल्ली में एमसीडी (नगर निगम) चुनाव होने जा रहा है। केजरीवाल इन दिनों दिल्ली में चुनाव प्रचार कर रहे हैं। रविवार (20 नवंबर 2022) को केजरीवाल की सभा दिल्ली के पहाड़गंज इलाके में थी। वहां आंगनवाड़ी कार्यकर्ताएं केजरीवाल को उनसे किए गए वादे याद दिलाने पहुंच गई। केजरीवाल ने अस्थायी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को स्थायी करने के साथ ही मानदेय बढ़ाने का वादा किया था। लेकिन यह वादा पूरा नहीं किया गया। मांगें पूरी नहीं होने पर इसी साल फरवरी में जब आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूटा तो उन्होंने सीएम केजरीवाल के घर के पास विरोध मार्च निकाला था और अपना विरोध जताया था। इसके बाद भी जब मांग पूरी नहीं की गई तो आंगनवाड़ी कार्यकर्ता केजरीवाल की सभा में पहुंच गई, लेकिन वहां AAP कार्यकर्ताओं ने उनके साथ बदसलूकी की और मारपीट किया। इसके बाद नाराज आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने केजरीवाल मुर्दाबाद के नारे लगाए। इससे केजरीवाल और आम आदमी पार्टी का चरित्र उजागर होता है। इसी तरह इस महीने की शुरुआत में केजरीवाल हिमाचल प्रदेश में जब एक सभा में पहुंचे तो वहां पंजाब के टीचर अपनी मांगें पूरी नहीं होने पर उन्हें याद दिलाने पहुंचे तो वहां भी AAP कार्यकर्ताओं ने टीचरों के साथ मारपीट की थी। उसके बाद टीचरों ने केजरीवाल मुर्दाबाद के नारे लगाए थे और सभा में इस कदर हंगामा हो गया कि केजरीवाल को अपना भाषण बीच में ही खत्म करना पड़ा और वे बैरंग दिल्ली लौट आए।

दिल्ली में पहाड़गंज की सभा में लगे केजरीवल मुर्दाबाद के नारे

केजरीवाल का दोहरा चरित्र देखिए कि पंजाब में चुनाव के दौरान उन्होंने कहा कि हमने दिल्ली में सभी आशा वर्कर और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय डबल कर दिया है। वहीं दूसरी तरफ पहाड़गंज की सभा में पहुंची आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को देखिए जिनके साथ आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता बदसलूकी पर उतर आए। इसके बाद केजरीवाल की पहाड़गंज रैली में मुर्दाबाद के नारे लगने लगे। महिला आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने झूठे वादों के खिलाफ नारा लगाया। केजरीवाल ने महिला आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को जो वादे किये थे जब उसको याद दिलाने वो कार्यकर्ता पहाड़गंज सभा में पहुंची तो उन महिलायों का स्वागत केजरीवाल के गुंडों ने लात घूसों से किया। इसे वीडियो में देखा जा सकता है। जनता अब समझ चुकी है कि केजरीवाल भ्रष्ट हैं, आम आदमी पार्टी भ्रष्ट है जिसने दिल्ली का हाल बेहाल कर दिया है। यही कारण है कि से लेकर पंजाब और हिमाचल तक केजरीवाल मुर्दाबाद के नारे लगने शुरू हो गए हैं।

आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का फूटा गुस्सा, केजरीवाल के घर के पास निकाला विरोध मार्च

इस साल फरवरी 2022 में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के घर के पास आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का हड़ताल और प्रदर्शन कई दिनों तक चला। लेकिन केजरीवाल के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने न्यूनतम मजदूरी न मिलने की मांग पर सीएम केजरीवाल के घर के निकट सिविल लाइंस में विरोध मार्च निकाला। दिल्ली स्टेट आंगनबाड़ी वर्कर्स यूनियन एंड हेल्पर यूनियन के अध्यक्ष का कहना है कि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में 22 हजार से ज्यादा वर्कर और हेल्पर काम कर रही हैं। उनको मिलने वाला मानदेय न्यूनतम रोजगार भत्ता के अंतर्गत भी नहीं है। दिहाड़ी मजदूरों को भी इससे ज्यादा मानदेय मिलता है। लेकिन आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों, गर्भवती महिलाओं की देखरेख, पोषण, स्वास्थ्य के लिए काम करनेवालों को काफी कम मानदेय दिया जाता है। उन्होंने बताया कि साल 2017 में हड़ताल के बाद वर्कर और हेल्पर का मानदेय थोड़ा बढ़ा था। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मांग है कि वर्कर का मानदेय कम से कम 25 हजार और हेल्पर का 20,000 होना चाहिए। महिलाओं को बढ़ती महंगाई और कोरोना के चलते आई आर्थिक समस्याओं से कुछ निजात दिलाया जाए।

दिल्ली संभल नहीं रहा, पंजाब में भी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से वादे कर आए

अरविंद केजरीवाल ने दिसंबर 2021 में पंजाब की आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं से मुलाकात की और आगामी विधानसभा चुनाव में राज्य में उनकी पार्टी के सत्ता में आने पर आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं की समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन दिया। केजरीवाल ने कहा कि आप एकमात्र ऐसी पार्टी है जो लोगों के पास जाकर उनके मुद्दों को जानने का प्रयास करती है, ताकि सत्ता में आने के बाद उन मुद्दों का समाधान किया जा सके। उन्होंने वादा किया कि दिल्ली की तरह पंजाब की व्यवस्था से भ्रष्टाचार को खत्म किया जाएगा और आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की सभी मांगों को पूरा किया जाएगा। दिल्ली के मुख्यमंत्री ने ‘अरविंद केजरीवाल की आंगनवाड़ी और आशा (मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता) कार्यकर्ताओं के साथ संवाद’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की कठिनाइयों जैसे कम वेतनमान, कोई छुट्टी नहीं और कोविड-19 महामारी के दौरान मारे गए आशा कार्यकर्ताओं के परिवारों को कोई मुआवजा नहीं, जैसे मामले उनकी दुर्दशा के कारण बने।’’

हिमाचल में केजरीवाल मुर्दाबाद के नारे लगे, भाषण छोड़ बैरंग लौटना पड़ा

हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में प्रचार के लिए सोलन पहुंचे अरविंद केजरीवाल के रोड शो में खूब हंगामा हुआ। यहां पंजाब से आए कुछ शिक्षक आम आदमी पार्टी के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे, जिनके साथ मारपीट की गई। आम आदमी पार्टी सोलन के कार्यकर्ता उनके साथ उलझ गए व दोनों पक्ष में मारपीट हुई। केजरीवाल के रोड शो में विरोध जताने पर जिन लोगों से AAP के कार्यकर्ताओं ने मारपीट की, उनमें से ज्यादातर पंजाब की ETT TET पास अध्यापक संघ के मेंबर थे। पंजाब में भगवंत मान की अगुवाई वाली AAP सरकार द्वारा सुनवाई नहीं किए जाने पर यह लोग सोलन में केजरीवाल से मिलने पहुंचे थे। यहां जब इन लोगों ने रोड शो के दौरान अपनी बात रखने की कोशिश की तो आम आदमी पार्टी के वर्कर बदसलूकी पर उतर आए। रोड शो में मारपीट के बाद केजरीवाल भाषण बीच में ही खत्म कर दिल्ली लौट गए। पंजाब की ETT-TET पास अध्यापक संघ के अध्यक्ष कमल ठाकुर कहा कि आम आदमी पार्टी के वर्करों ने उन लोगों के साथ जिस तरह की धक्कामुक्की की, वह किसी भी सूरत में बर्दाश्त करने लायक नहीं है।

AAP कार्यकर्ताओं ने सिख टीचरों की पगड़ियां उतार दी

हिमाचल में AAP सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल के रोड शो में जिन लोगों से AAP कार्यकर्ताओं ने मारपीट की, उनमें से ज्यादातर पंजाब की ETT TET पास अध्यापक संघ के मेंबर थे। इनमें कई सिख भी थे। ETT TET पास अध्यापक संघ के प्रधान कमल ठाकुर का आरोप है कि आम आदमी पार्टी के वर्करों ने बदसलूकी करते हुए उनकी पगड़ियां उतार दी और केश की बेअदबी की। कमल ठाकुर ने कहा कि प्रदर्शन में उनके संघ के कई सिख मेंबर भी शामिल थे। आम आदमी पार्टी के वर्करों ने मारपीट में उनकी पगड़ियां उतार दी। AAP वर्करों ने प्रदर्शनकारियों के केश की बेअदबी की। सिख समुदाय इसे बर्दाश्त नहीं करेगा।

आम आदमी पार्टी ने दिया था अध्यापकों को स्थायी करने का आश्वासन

अध्यापक संघ के अध्यक्ष कमल ठाकुर ने कहा कि पंजाब में अकाली-भाजपा सरकार के दौरान वर्ष 2016 में ETT-TET पास 4500 अध्यापकों की एक साथ भर्ती हुई। 6 साल की नौकरी पूरी करने के बाद, पिछली कांग्रेस सरकार ने उनमें से 180 अध्यापकों की सैलरी अचानक आधी कर दी। साथ ही उनकी 6 साल की नौकरी खत्म करते हुए नए सिरे से ज्वाइनिंग लेटर थमा दिए गए। इसके बाद भी ETT-TET पास अध्यापकों ने अपना प्रोबेशन पीरियड पूरा किया। कमल ठाकुर ने बताया कि इसके बाद उन पर फिर से 3 साल का प्रोबेशन थोप दिया गया। पंजाब में इसी साल फरवरी में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान आम आदमी पार्टी के नेता हरपाल चीमा ने उन्हें रेगुलर करने का भरोसा दिया था जो अभी तक पूरा नहीं हुआ। अपनी यही मांग लेकर वह AAP सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल से मिलने दिल्ली गए तो केजरीवाल उनसे मिले तक नहीं। दिल्ली में केजरीवाल के घर के बाहर पुलिस ने उनके साथ धक्कामुक्की की। महिला टीचरों से दुर्व्यवहार किया गया।

AAP कार्यकर्ताओं ने ही लगाए केजरीवाल मुर्दाबाद के नारे

उत्तर पूर्वी दिल्ली में आम आदमी पार्टी के नेता, विधायक और केजरीवाल पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा कर पार्टी छोड़ रहे है! वहां पोस्टरों पर कालिख भी पोती गई और भ्रष्टाचार आदमी पार्टी मुर्दाबाद से लेकर केजरीवाल मुर्दाबाद के नारे भी लगे।

केजरीवाल बना रहे रोहिंग्याओं के लिए कॉलोनी, एक सप्ताह से हो रहा विरोध प्रदर्शन

केजरीवाल दिल्ली के एक गांव में एक स्कूल तोड़कर रोहिंग्याओं के लिए कॉलोनी बना रहा है और वहां महिलाएं, बहनें, बेटियां उस बस्ती का विरोध कर रही हैं। पिछले एक सप्ताह से यह विरोध-प्रदर्शन चल रहा है लेकिन इसे लेकर मीडिया में कोई खबर नहीं है। इससे यह जाहिर होता है कि केजरीवाल की टीम मीडिया को किस तरह से मैनेज कर रही है।

केजरीवाल का युवाओं ने किया विरोध, गाड़ी के आगे आकर लगाए मुर्दाबाद के नारे

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सितंबर 2021 में लुधियाना पहुंचे थे। इससे पहले कि उनका काफिला लुधियाना के एक होटल के अंदर पहुंच पाता कुछ युवा उनकी गाड़ी के आगे आ गए। हाथ में बैनर लेकर युवाओं ने उनकी गाड़ी को रोकने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने उन्हें किसी तरह पीछे धकेल दिया। युवाओं ने केजरीवाल मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए पंजाब के पानी और खेती कानूनों पर अपना स्टैंड स्पष्ट करने की मांग की। युवाओं का आरोप था कि वीआईपी कल्चर का विरोध करने वाले केजरीवाल खुद अपने साथ निजी बाउंसर लेकर चल रहे हैं। युवाओं ने कहा कि अरविंद केजरीवाल दोहरा स्टैंड अपनाए हुए हैं। पंजाब में आकर कहते हैं कि पंजाब का पानी बाहर नहीं जाना चाहिए लेकिन जब हरियाणा जाते तो वहां जाकर पानी लाने की बात करते हैं। धान की कटाई के बाद उठने वाले धुएं को लेकर भी केजरीवाल पंजाब के किसानों को बदनाम करते हैं। दिल्ली में होने वाले प्रदूषण के लिए पंजाब के किसानों को जिम्मेदार बताया जाता है। इन मुद्दों को लेकर ही वह विरोध करने पहुंचे थे।

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