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पंजाब में सिद्धू और कांग्रेस की मुश्किलें कम नहीं हो रहीं, नए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को बताया भ्रष्ट और नौसिखिया, सिद्धू के वफादार पूर्व विधायक को कांग्रेस ने पार्टी से निकाला

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पंजाब में विधानसभा चुनाव बहुत बुरी तरह हारने के बावजूद यहां कांग्रेस और पूर्व प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। कांग्रेस हाईकमान द्वारा नई बनाई गई प्रदेश कांग्रेस कमेटी में सिद्धू को कोई जिम्मेदारी नहीं दी है। सिद्धू के लिए यह बड़ा झटका तो था ही, इसके साथ ही सिद्धू को उसके समर्थकों ने एक और झटका दे दिया है। सिद्धू के करीबी और वफादार रहे पूर्व विधायक सुरजीत धीमान अमरगढ़ ने आलाकमान के फैसले को गलत ठहराते हुए नव-नियुक्त प्रदेश प्रधान अमरिंदर राजा वड़िंग को भ्रष्ट और अनाड़ी बता दिया। सिद्धू अपने समर्थक सुरजीत धीमान का कुछ बचाव कर पाते इससे पहले ही उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए कांग्रेस से निष्कासित किया गया।

बीजेपी ने शानदार वापसी की, सिद्धू ने खुद के साथ कांग्रेस की भी लुटिया डुबोई
पंजाब में पांच साल सत्ता में होने के बावजूद विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की ऐसी हार हुई है, जैसी इतिहास में कभी नहीं हुई। दूसरी ओर पंजाब के साथ ही चार अन्य राज्यों में भी चुनाव हुए। इन चारों राज्यों में न सिर्फ बीजेपी की सरकार थी, बल्कि चुनाव के बाद चारों राज्यों में बीजेपी ने शानदार वापसी भी की। पंजाब में कांग्रेस की हार का जिम्मेवार मानते हुए प्रदेश प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू से तत्काल इस्तीफा ले लिया गया। पार्टी को चुनाव जिताना तो दूर, सिद्धू खुद अपना चुनाव ही नहीं जीत पाए। सिद्धू ने अपने साथ चरणजीत सिंह चन्नी की भी लुटिया डुबो दी। सिद्धू समर्थकों को उम्मीद थी कि नई कार्यकारिणी में उन्हें सम्मानजनक स्थान मिलेगा, लेकिन इसकी भी उम्मीद जाती रही।

पंजाब की नई कांग्रेस कमेटी में सिद्धू और उनके समर्थकों की अनदेखी
कांग्रेस आलाकमान ने पंजाब चुनाव में पार्टी के दयनीय प्रदर्शन के बाद राज्य में कांग्रेस संगठन को नए सिरे से गठित किया है। अमरिंदर राजा वड़िंग को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। सिर्फ सिद्धू ही नहीं, बल्कि उनके करीबी सुखपाल सिंह खैरा जैसे कई अन्य नेताओं की पार्टी ने अनदेखी की है। ये सभी पंजाब विधानसभा में नेता विपक्ष पद के लिए आलाकमान से अपनी पैरवी कर रहे थे। कांग्रेस ने प्रताप सिंह बाजवा को विधानसभा में नेता विपक्ष बनाया है और भारत भूषण आशु को कार्यकारी अध्यक्ष घोषित किया है, जो एक हिंदू चेहरा हैं। दलित चेहरे राज कुमार चब्बेवाल को विधानसभा में उप नेता बनाया गया है।

नए प्रदेशाध्यक्ष वड़िंग पर यूथ कांग्रेस के समय लगे थे टिकट बेचने के आरोप
पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी में नई नियुक्तियों के साथ ही नवजोत सिंह सिद्धू के कट्टर समर्थक पूर्व विधायक सुरजीत धीमान अमरगढ़ ने नए पीपीससीसी चीफ की नियुक्ति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। धीमान ने कहा है कि इंडियन नेशनल यूथ कांग्रेस का अध्यक्ष रहने के दौरान अमरिंदर राजा वड़िंग को भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना करना पड़ा था। तब उन पर दूसरे राज्यों में टिकट बेचने का आरोप लगा था। इसलिए हम उनसे ज्यादा उम्मीद नहीं कर सकते हैं। सिद्धू समर्थकों ने वड़िंग को नौसिखिया भी करार दिया है। धीमान के इस आरोप पर बवाल मचना ही थी। वड़िंग समर्थक नेताओं ने इसे पार्टी विरोधी गतिविधि और आलाकमान की नाफरमानी करार देते हुए दिल्ली तक शिकायत कर डाली और धीमान के खिलाफ एक्शन लेने की मांग की, ताकि सिद्धू समर्थक और कांग्रेसी इस तरह की बयानबाजी से बाज आएं।

कांग्रेस आलाकमान ने सिद्धू के वफादार सुरजीत धीमान को पार्टी से निकाला
नव-नियुक्त पंजाब कांग्रेस प्रधान की खिलाफत के चलते आलाकमान ने पंजाब के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के वफादार सुरजीत धीमान को पार्टी से निकाल दिया है। उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए कांग्रेस से निष्कासित किया गया है। अमरिंदर राजा वड़िंग को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमिटी का अध्यक्ष नियुक्त किए जाने का सुरजीत धीमान ने विरोध किया था। उन्होंने अमरिंदर राजा वड़िंग को नौसिखिया और भ्रष्ट बताया था। इस निष्कासन को पार्टी के फरमान का पालन नहीं करने वाले नेताओं के लिए चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है।

धीमान ने वड़िंग को बताया था अनाड़ी, भ्रष्ट और मौकापरस्त
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने आने वाले दिनों में दूसरों के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई से इनकार नहीं किया है। सुरजीत धीमान ने नए पीपीससीसी चीफ की नियुक्ति पर सवाल खड़े करते हुए कहा था कि इंडियन नेशनल यूथ कांग्रेस का अध्यक्ष रहने के दौरान अमरिंदर राजा वड़िंग को भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना करना पड़ा था। धीमान ने कहा था कि ऐसे में राजा वड़िंग को पीपीसीसी अध्यक्ष नियुक्त करने का पार्टी आलाकमान का फैसला ठीक नहीं है। वह अनाड़ी, भ्रष्ट और मौकापरस्त हैं। धीमान ने इस फैसले को पंजाब के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा था कि नए अध्यक्ष के पास जन समर्थन नहीं है। पंजाब के कांग्रेस कार्यकर्ता राजा वड़िंग को अध्यक्ष के तौर पर स्वीकार नहीं करेंगे।

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