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बंगाल चुनाव में दिखा चीन और ममता का कनेक्शन, चीनी भाषा में प्रचार कर रही है टीएमसी

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस चीनी भाषा में प्रचार कर रही है। तृणमूल कांग्रेस की ओर से टेंगरा इलाके में चीनी भाषा में दीवार लेखन कर चुनाव प्रचार किया जा रहा है। क्षेत्र के टीएमसी उम्मीदवार जावेद खान चीनी भाषा में दीवार लेखन कर यहां रहने वाले लोगों से वोट मांग रहे हैं। चीनी भाषा में टीएमसी के नारों और वोट मांगने के स्लोगन से यहां की दीवारें रंगी हुई हैं।

उधर सोशल मीडिया पर भी टीएमसी के समर्थकों द्वारा चीनी भाषा में प्रचार किया जा रहा है। दक्षिण कोलाकात के टेंगरा इलाके को चाइना टाउन कहा जाता है। जहां कुछ चीन मूल के लोग रहते हैं, जो बांग्ला और अंग्रेजी समझते हैं। सवाल उठाए जा रहे हैं कि जब कोलकाता में रहने वाले चीनी मूल के लोग बांग्ला, हिंदी और अंग्रेजी बोलने और समझते हैं, तो आखिर टीएमसी को चीनी भाषा में प्रचार करने की जरूरत क्यों हो रही है।

सोशल मीडिया पर लोगों का कहना है कि इससे पश्चिम बंगाल चुनाव में चीन का प्रभाव स्पष्ट दिखाई दे रहा है। चीन बीजेपी के खिलाफ टीएमसी, कांग्रेस और वाम दलों की मदद कर रहा है। टीएमसी के नेता चीन के साथ मिलकर सोशल मीडिया पर बीजेपी के खिलाफ ‘खेला होबे’ और ‘No vote to BJP’ अभियान चला रहे हैं।

गौरतलब है कि चीन और पश्चिम बंगाल के बीच गहरी समानता रही है। पश्चिम बंगाल में लंबे समय तक वामपंथियों की सरकार रही है। वाममोर्चा का संबंध अक्‍सर चीन से जोड़ा जाता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वर्ष 1960 और 1970 के समय में कोलकाता की दीवारों पर ‘चीन का चेयरमैन ही हमारा चेयरमैन है’ के नारे दिखाए देते थे, जिन्हें माओवादियों ने लिखा होता था। हालांकि यह नारे बंगाली में लिखे होते थे। अब वामपंथियों की जगह टीएमसी ने ले ली है।

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