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मोदी सरकार की शानदार नीतियों से अर्थव्यवस्था को मिली तेज रफ्तार, युवाओं को 63% कंपनियां जुलाई-सितंबर में करेंगी जॉब ऑफर, 51 प्रतिशत नौकरियां बढ़ने की उम्मीद

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन को साकार रूप देती रोजगारोन्मुखी नीतियों के चलते अगले कुछ माह में विभिन्न कंपनियों में बंपर नियुक्तियां होने वाली हैं। एक सर्वे के मुताबिक भारत में 2022 की जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान रोजगार परिदृश्य के अत्यधिक मजबूत रहने की संभावना है, और इस दौरान शुद्ध रोजगार परिदृश्य आठ साल के उच्च स्तर 51 प्रतिशत पर रह सकता है। सर्वेक्षण के मुताबिक जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान 63 प्रतिशत कंपनियां इस अवधि में सबसे ज्यादा नौकरियां देंगी। दुनिया भर में भारतीय आईटी पेशेवरों की मांग भी बढ़ रही है, जिस कारण भारतीय रोजगार बाजार में आईटी और टेक शीर्ष पर है।

आईटी और टेक सेक्टर की कंपनियों में युवाओं को मिलेंगी सबसे ज्यादा नौकरियां
प्रधानमंत्री मोदी के स्टार्ट-अप्स को बढ़ावा देने और मेक इन इंडिया और डिजिटल इंडिया जैसी योजनाओं के चलते आने वाले समय में सबसे ज्यादा मांग डिजिटल की भूमिका में आने वाली है। यह सर्वे बताता है कि आईटी और टेक में सबसे अच्छा परिदृश्य है। इसके बाद बैंकिंग, फाइनेंस, बीमा और रियल एस्टेट में 60 फीसदी, जबकि अन्य सेवाओं में 52 फीसदी बेहतर आउटलुक है। रेस्तरां और होटल में 48 फीसदी, विनिर्माण में 48 फीसदी बेहतर परिदृश्य है। एमडी गुलाटी ने कहा कि डिजिटाइटेशन, ऑटोमेशन और टेक वाली सेवाओं की जरूरतें बढ़ रही हैं।

अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर को बनाए रखने के लिए 63% कंपनियों को लोगों की जरूरत
देश में जुलाई-सितंबर तिमाही में जमकर नौकरियां मिलेंगी। पिछले 8 वर्षों की तुलना में इस बार ज्यादा रोजगार लोगों को मिल सकते हैं। कोरोना के बाद सामान्य होते हालातों के चलते सुधार प्रक्रिया में आ रही तेजी और अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर को बनाए रखने के लिए 63 फीसदी कंपनियों को अतिरिक्त लोगों की जरूरत होगी। जिससे कंपनियां तेजी से भर्ती करेंगी। मैनपावर ग्रुप एंप्लॉयमेंट के एमडी संदीप गुलाटी के मुताबिक बढ़ती महंगाई और वैश्विक स्तर पर बढ़ रही अस्थिरता के बाद भी देश के कई सेक्टर में रिकवरी प्रक्रिया में तेजी आ रही है।

तीसरी तिमाही में शुद्ध रोजगार इस अवधि में आठ साल में सबसे ज्यादा होगा
इस सर्वे में 3,000 कंपनियां शामिल थीं। पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले सितंबर तिमाही में भर्ती सेंटिमेंट में 46 फीसदी अंकों का सुधार देखा गया है। मैनपावर ग्रुप इंप्लॉयमेंट आउटलुक सर्वे के अनुसार, तीसरी तिमाही में शुद्ध रोजगार का परिदृश्य 51% रह सकता है, जो 2014 के बाद सबसे ज्यादा है। रोजगार परिदृश्य का मतलब कर्मचारियों में उतनी बढ़ोतरी की संभावना से है। 24% कंपनियों में किसी तरह के बदलाव की संभावना नहीं है। यानी न तो वे कर्मचारियों को निकालेंगी और न ही नए लोगों की भर्ती करेंगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का डिजिटल इंडिया मिशन रंग ला रहा है। वैश्विक महामारी कोरोना के बावजूद वर्ष 2021 में आईटी सेक्टर ने सबसे अधिक नौकरियां पैदा कीं। खुशी की यह है कि यही ट्रेंड वर्ष 2022 में भी जारी रहने वाला है। बड़ी बात यह है कि कोरोना टेक सेक्टर की नौकरियां छीन नहीं पाएगा। बिग डेटा एनालिटिक्स की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक इस साल अकेले आईटी सेक्टर में ही 4.5 लाख के अधिक नई नियुक्तियां होने की उम्मीद है। वहीं, फिनटेक,एडुटेक सोशल कामर्स और ई-कामर्स सेक्टर में भी करीब चार लाख नए स्किल्ड लोगों को नौकरी मिलेगी।इस साल अकेले आईटी सेक्टर में ही 4.5 लाख नई नियुक्तियां होने की उम्मीद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का डिजिटल इंडिया मिशन रंग ला रहा है। वैश्विक महामारी कोरोना के बावजूद वर्ष 2021 में आईटी सेक्टर ने सबसे अधिक नौकरियां पैदा कीं। खुशी की यह है कि यही ट्रेंड वर्ष 2022 में भी जारी रहने वाला है। बड़ी बात यह है कि कोरोना टेक सेक्टर की नौकरियां छीन नहीं पाएगा। बिग डेटा एनालिटिक्स की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक इस साल अकेले आईटी सेक्टर में ही 4.5 लाख के अधिक नई नियुक्तियां होने की उम्मीद है। वहीं, फिनटेक,एडुटेक सोशल कामर्स और ई-कामर्स सेक्टर में भी करीब चार लाख नए स्किल्ड लोगों को नौकरी मिलेगी।

एआई व मिशन लर्निंग की 45 प्रतिशत कंपनियों में रोजगार के बड़े अवसर खुलेंगे
रिपोर्ट के मुताबिक 2022 में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मिशन लर्निंग में सबसे अधिक नौकरियों के अवसर खुलेंगे। रिपोर्ट के मुताबिक अगले एक साल में एआई व मिशन लर्निंग क्षेत्र में 33 प्रतिशत ग्रोथ की उम्मीद है और इस क्षेत्र की 45 प्रतिशत कंपनियों में रोजगार के बड़े अवसर खुलेंगे । रिपोर्ट के मुताबिक, आईटी, फिनटेक, एडुटेक, रिटेल मार्केट, ई-कॉमर्स, सोशल कॉमर्स से जुड़ी कंपनियों में सबसे ज्यादा स्किल्ड युवाओं की जरूरत होगी।साल 2022 में छोटे शहरों में भी टेक और स्किल्ट नौकरियों के अवसर भी बढ़ेंगे। कंपनियां बेहतर सर्विस देने के लिए छोटे शहरों में भी अपने कार्यालय खोलने की तैयारी में है। वर्ष 2021 में आखिरी तीन माह में भी छोटे शहरों में भी नौकरियों के अवसर बढ़े हैं। दरअसल, स्किल्ड युवाओं की जबरदस्त मांग है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में सबसे अधिक जाब्स के मौके बन रहे हैं।वर्क फ्राम होम कल्चर के चलते कोरोना नहीं छीन सका नौकरियां
रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना महामारी की तीसरी लहर का भी टेक, स्किल्ड नौकरियों पर कोई असर नहीं होगा। नौकरियां छीनने के बजाए और बढ़ेंगी। इसकी एक बड़ी वजह यह भी है कि टेक फील्ड में वर्क फ्राम होम कल्चर बढ़ रहा है। कई टेक कंपनियों ने अभी से अपने आधे से ज्यादा कर्मियों को जून 2022 तक वर्क फ्राम होम की इजाजत दे दी है। एआई और मिशन लर्निंग के अलावा डेटा साइंस, क्लाइड कम्पयूटिंग, ब्लाक चैन में भी नौकरियां बढ़ेंगी।

टीसीएस, विप्रो, इन्फोसिस को एक लाख से ज्यादा फ्रेशर्स की जरूरत
आईटी कंपनी टीसीएस, इन्फोसिस और विप्रो को एक लाख से ज्यादा फ्रेशर्स की जरूरत है। कंपनियां खुद ट्रेनिंग देकर इन फ्रेशर्स को तैयार कर रही हैं। छात्रों का ज्यादा से ज्यादा प्लेसमेंट हो, इसके लिए दोनों कंपनियों ने मध्य प्रदेश सरकार के साथ 12 यूनिवर्सिटी से एमओयू साइन किया है। कुछ और सरकार से एमओयू की बात चल रही है। दोनों कंपनियां स्टूडेंट को ऑनलाइन कनेक्ट कर स्किल डेवलप पर काम कर रही हैं। इसके अलावा छठी से आठवीं तक के बच्चों को टीसीएस ट्रेनिंग देगी, जबकि नौवीं से कॉलेज तक के स्टूडेंट को इन्फोसिस के एक्सपर्ट ट्रेनिंग देंगे। उधर, विप्रो 33 हजार फ्रेशर्स को हायर करने की तैयारी में है।

 

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