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राज्यसभा की कार्यवाही का एक वीडियो आया सामने, कांग्रेस की महिला सांसदों के आरोप निकले झूठे, खुद की थी महिला मार्शल्स के साथ हाथापाई, 8 केंद्रीय मंत्रियों ने विपक्ष पर बोला हमला

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संसद का मानसून सत्र पूर्व निर्धारित समय से दो दिन पहले बुधवार (11 अगस्त, 2021) को खत्म हो गया, लेकिन आखिरी दिन विपक्षी दलों के सांसदों ने जमकर हंगामा किया। इस दौरान विपक्ष ने कुछ महिला सुरक्षाकर्मियों पर विपक्षी महिला सांसदों के साथ धक्कामुक्की करने और उनको अपमानित करने का आरोप लगाया था। हालांकि सरकार ने उनके आरोप को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि यह सत्य से परे है। अब सदन में हुई धक्‍कामुक्‍की और मारपीट का सीसीटीवी फुटेज सामने सामने आया है। इससे पता चलता है कि आरोप लगाने वाली महिला सांसद खुद मार्शल के साथ मारपीट करती नजर आ रही है।  

न्यूज एजेंसी एएनआई द्वारा शेयर किए गए इस सीसीटीवी फुटेज को गौर से देखने पर पता चलता है कि कांग्रेस सांसद पी देवी नेताम और छाया ने महिला मार्शल (सफेद साड़ी में) को खींचा और उनके साथ मारपीट की। वीडियो में देखा जा सकता है विपक्षी सांसद राज्यसभा के वेल में प्रदर्शन कर रहे थे। तभी वहां बड़ी संख्या में मार्शल इन प्रदर्शनकारी सांसदों को रोकने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान सांसदों और मार्शल के बीच लगातार धक्का-मुक्की हुई। वीडियो में कुछ सांसद मेज पर चढ़ते भी दिखे। वहां कुछ महिला सांसदों और लेडी मार्शल के बीच भी धक्का-मुक्की हुई। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भी जानकारी दी कि महिला मार्शल से हाथापाई के प्रयास हुए हैं जबकि विपक्ष लगातार इसका खंडन कर रहा है। राज्यसभा की कार्यवाही का एक और वीडियो सामने आया है, जिसमें विपक्षी सांसदों को मार्शल्स के साथ बदतमीजी करते हुए देखा जा सकता है।

सदन में हुए इस हंगामे और सीसीटीवी फुटेज आने के बाद मोदी सरकार के आठ मंत्रियों ने गुरुवार को प्रेस कान्फ्रेंस कर विपक्ष पर हमला बोला। इसमें केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, धर्मेंद्र प्रधान, प्रह्लाद जोशी, भूपेंद्र यादव और अनुराग सिंह ठाकुर शामिल हुए। अनुराग ठाकुर ने जहां विपक्ष को देश से माफी मांगने को कहा, वहीं प्रह्लाद जोशी ने राज्यसभा अध्यक्ष से विपक्षी सांसदों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। वहीं पीयूष गोयल ने विपक्ष पर सदन की गरिमा गिराने का आरोप लगाया।

48 मिनट में सरकार के विपक्ष पर 8 बड़े हमले
1. संसद में मानसून सत्र के दौरान विपक्ष के अलोकतांत्रिक और हिंसक व्यवहार ने भारतीय लोकतंत्र के काले अध्याय की कहानी लिखी।

2. सरकार ने कई मौकों पर विपक्ष को चर्चा करने का प्रस्ताव भेजा, लेकिन हर बार हमारी अपील को सुना नहीं गया।

3. विपक्ष का चर्चा में कोई इंट्रेस्ट नहीं था और उन्होंने पहले से ही तय कर रखा था कि संसद को बाधित करना है।

4. विपक्षी सदस्यों का दुर्व्यवहार भारत के संसदीय इतिहास के लिए शर्मनाक है और उन्हें देश से इसके लिए माफी जरूर मांगनी चाहिए।

5. शर्मनाक और रुकावट डालने वाले व्यवहार के लिए विपक्ष के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हैं।

6. पूरे देश ने संसद में विपक्ष का ड्रामा देखा है। विपक्ष ये पचा नहीं पा रहा है कि देश उनसे हार मान चुका है। माई वे या हाईवे वाली सोच की निंदा करते हैं। देश भी इस तरह की सोच की निंदा करता है।

7. राहुल गांधी कहते हैं कि ये देश में लोकतंत्र की हत्या है। राष्ट्र देख रहा है कि उन्होंने संसद में क्या किया। अगर उन्हें अपनी जिम्मेदारी का जरा सा भी अहसास है तो उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए। सभापति भी इस पर सख्त एक्शन लें ताकि इस तरह की हरकतें दोहराई न जाएं।

8. विपक्ष ने आम जनता और टैक्स देने वालों की फिक्र नहीं की। घड़ियाली आंसू बहाने की जगह विपक्ष को देश से माफी मांगनी चाहिए।

 

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