Home समाचार प्रधानमंत्री मोदी 14 फरवरी को करेंगे तमिलनाडु और केरल में कई परियोजनाओं...

प्रधानमंत्री मोदी 14 फरवरी को करेंगे तमिलनाडु और केरल में कई परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित

509
SHARE
फाइल फोटो

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 14 फरवरी को तमिलनाडु और केरल में कई परियोजनाओं का उद्घाटन करने के साथ-साथ विभिन्न परियोजनाओं की आधारशिला भी रखेंगे। प्रधानमंत्री मोदी रविवार सुबह चेन्नई में कई परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे और आधारशिला रखेंगे। प्रधानमंत्री मोदी 3770 करोड़ रुपये की लागत से बने चेन्नई मेट्रो रेल फेज-1 एक्सटेंशन का उद्घाटन करेंगे और वाशरमेनपेट से विम्को नगर तक यात्री सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। चेन्नई मेट्रो का 9.05 किमी लंबा यह एक्सटेंशन नॉर्थ चेन्नई को एयरपोर्ट और सेंट्रल रेलवे स्टेशन से जोड़ेगा।

प्रधानमंत्री ‘चेन्नई बीच और अट्टिपट्टु’ के मध्य चौथी रेलवे लाइन का उद्घाटन करेंगे। 293.40 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 22.1 किलोमीटर का यह खंड चेन्नई और तिरुवल्लूर ज़िलों से होकर गुजरता है। इसके बनने से चेन्नई बंदरगाह और इसके आसपास ट्रैफिक कम होगा। रेलवे का यह खंड चेन्नई बंदरगाह और एन्नोर बंदरगाह को आपस में जोड़ता है।

प्रधानमंत्री यहां विल्लुपुरम- कुड्डालोर- मयिलादुथुरई- थंजावुर और मयिलादुथुरई- थिरुवरुर में सिंगल लाइन रेलवे खंड के विद्युतीकरण का उद्घाटन भी करेंगे। 423 करोड़ रुपये की लागत से पूरा हुए 228 किलोमीटर लंबे इस मार्ग के विद्युतीकरण से चेन्नई एग्मोर और कन्याकुमारी के बीच ट्रैक्शन बदले बिना ही सुचारू रूप से यातायात सुनिश्चित होगा। इससे प्रतिदिन करीब 14.61 लाख रुपये के ईंधन की बचत होगी।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री भारतीय सेना को अर्जुन मेन बैटल टैंक (एमके-1ए) सौंपेंगे। इस स्वदेशी युद्ध टैंक का डिजाइन, विकास और निर्माण सीवीआरडीई, डीआरडीओ ने 15 अकादमिक संस्थानों, 8 प्रयोगशालाओं और कई एमएसएमई के साथ मिलकर किया है।

प्रधानमंत्री तमिलनाडु में ग्रैंड एनीकट नहर प्रणाली के विस्तार, नवीनीकरण और आधुनिकीकरण की आधारशिला भी रखेंगे। यह नहर डेल्टा वाले जिलों में सिंचाई व्यवस्था के लिए काफी महत्वपूर्ण है। इस नहर का आधुनिकीकरण 2,640 करोड़ रुपये की लागत से होगा, जिससे नहरों में जल वहन करने की क्षमता बढ़ेगी।

प्रधानमंत्री आईआईटी मद्रास के डिस्कवरी कैंपस की आधारशिला भी रखेंगे। यह कैंपस चेन्नई के पास थय्युर में बनाया जाएगा। पहले चरण में 2 लाख वर्ग मीटर से अधिक एरिया में बनने वाले इस कैंपस के निर्माण में 1000 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस अवसर पर तमिलनाडु के राज्यपाल और मुख्यमंत्री भी उपस्थित रहेंगे।

तमिलनाडु के बाद प्रधानमंत्री मोदी केरल की यात्रा पर रहेंगे। प्रधानमंत्री यहां भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के प्रॉप्लिन डेरिवेटिव पेट्रोकेमिकल प्रोजेक्ट (पीडीपीपी) को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। यह परिसर एक्राइलैट्स, एक्राइलिक एसिड और ऑक्सो-एल्कोहल का उत्पादन करेगा, जिसे वर्तमान में बाहर से आयात किया जाता है। इससे करीब 3700 से 4000 करोड़ रुपये के विदेशी मुद्रा की बचत होगी। करीब 6000 करोड़ रुपये की लागत से बने PDPP कॉम्प्लेक्स को फीडस्टॉक आपूर्ति, यूटिलिटीज, ऑफ-साइट और अन्य सुविधाओं को एकीकृत करने के लिए रिफाइनरी के करीब स्थापित किया गया है।

प्रधानमंत्री मोदी केरल में कोचीन के विलिंगडन द्वीप पर आरओ-आरओ जहाज देश को समर्पित करेंगे। भारतीय अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग प्राधिकरण राष्ट्रीय जलमार्ग-3 पर बोलगाटी और विलिंगडन के बीच दो नए रॉल-ऑन/रॉल-ऑफ जहाज तैनात करेगा। एमवी आदि शंकरा और एमवी सीवी रमण नाम के दोनों आरओ-आरओ जहाजों में प्रत्येक जहाज में 20 फीट के 6 ट्रक, 20 फीट के 3 ट्रेलर ट्रक, 40 फीट के 3 ट्रेलर ट्रक और 30 यात्रियों को एक साथ ढोने की क्षमता है। इस सेवा से परिवहन लागत और पारगमन समय घटेगा, जिससे व्यापार को फायदा होगा। साथ ही कोचि की सड़कों पर ट्रैफिक जाम भी कम होगा।

प्रधानमंत्री कोचीन बंदरगाह पर अंतरराष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल “सागरिका” का उद्घाटन करेंगे। विलिंग्डन द्वीप के एर्नाकुलम घाट पर स्थित यह भारत का पहला पूर्ण अंतरराष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल है। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इस टर्मिनल का निर्माण 25.72 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। यह टर्मिनल पर्यटन को बढ़ावा देगा। इससे विकास को एक गति मिलेगी और यह टर्मिनल रोज़गार सृजन, राजस्व और विदेशी मुद्रा अर्जित करने की दिशा में एक प्रभावी साधन के रूप में काम करेगा।

प्रधानमंत्री समुद्र इंजीनियरिंग प्रशिक्षण संस्थान, विज्ञान सागर, कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड का उद्घाटन भी करेंगे। यह एक प्रमुख समुद्री अध्ययन केन्द्र है, और समुद्री जहाज के भीतर काम करने वाला भारत का एकमात्र समुद्री संस्थान है, जिसके पास प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण देने के लिए निर्माणाधीन या मरम्मत योग्य विभिन्न जहाजों की व्यापक सुविधाएं हैं। 27.5 करोड़ रुपये की लागत से बने इस संस्थान में 114 स्नातकों के प्रवेश की क्षमता है। यह संस्थान भारत और विदेशों में समुद्र उद्योग की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए प्रतिभाशाली समुद्री इंजीनियरों और कर्मियों की लंबी श्रंखला तैयार करेगा।

प्रधानमंत्री कोचीन बंदरगाह पर साउथ कोल बर्थ के पुनर्निर्माण की आधारशिला भी रखेंगे। इसका पुनर्निर्माण सागरमाला योजना के तहत करीब 19.19 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। इसके पूरा होने पर कोचीन बंदरगाह पर रसायनिक पदार्थों को संभालने के लिए एक समर्पित बर्थिंग सुविधा उपलब्ध होगी। इसके पुनर्निर्माण से सामान को बेहतर तरीके से रखना एवं एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाना और लागत में कमी लाना सुनिश्चित होगा।

Leave a Reply