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पीएम मोदी की ‘मन की बात’ से प्रेरित होकर छोड़ी नौकरी, शुरू किया स्टार्टअप, अब 70 लोगों को दे रहे रोजगार

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हर व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं। उनका मानना है कि जब व्यक्ति आत्मनिर्भर होगा, तो उससे गांव, जिला, राज्य और देश भी आत्मनिर्भर होगा। उनकी सरकार में ऐसी नीतियां और योजनाएं बन रही हैं, जिनसे विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के अधिक अवसर पैदा हो रहे हैं। उनकी सरकार युवाओं के कौशल विकास और सुधार के लिए हर संभव सहायता प्रदान कर रही है। इससे नौकरी करने वाले युवा आज रोजगार प्रदाता बन रहे हैं। उनमें बिहार के गोपालगंज जिले के राम सागर यादव भी शामिल है, जो बैंक मैनेजर की नौकरी छोड़ने के बाद एक सफल व्यवसायी बनकर दूसरों को रोजगार दे रहे हैं।

‘मन की बात’ से खादी का काम करने की मिली प्रेरणा 

दरअसल प्रधानमंत्री मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ लोगों की जिन्दगी में सकारात्मक बदलाव लाने का एक माध्यम बन गया है। राम सागर यादव भी हमेशा ‘मन की बात’ कार्यक्रम सुनते हैं। उनके मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी ने 2014 के अपने पहले ‘मन की बात’ कार्यक्रम में खादी का जिक्र किया था, उसे सुनकर ही उन्हें खादी का काम करने की प्रेरणा मिली। इसके बाद उन्होंने खादी का कारोबार करने का फैसला किया और चंपारण के एक आश्रम में जाकर खादी का काम देखा। उन्होंने नौकरी करते हुए खादी का कारोबार शुरू कर दिया।

‘कुशग्राम खादी ग्रामोद्योग संस्थान’ नाम से खोला स्टार्टअप

राम सागर यादव एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस में मैनेजर थे। उनके कारोबार में नौकरी बाधा बन रही थी। उन्होंने नौकरी छोड़ने का फैसला लिया और 2019 में इसी में पूरी तरह उतर गए। उन्होंने एक स्टार्टअप की शुरुआत की, जिसका नाम ‘कुशग्राम खादी ग्रामोद्योग संस्थान’ है। इस स्टार्टअप का कोरोबार धीरे-धीरे बढ़ने लगा। राम सागर यादव के मुताबिक हाल में रिलायंस कंपनी ने उनसे माल लेने के लिए टाईअप किया है। इसके लिए एक टीम ने उनके कारखाने का निरीक्षण किया था और फिर अपनी लैब में माल को परखने के बाद ऑर्डर दे दिया। यादव ने दावा किया है कि बिहार में उनका इकलौता कारखाना है, जिससे रिलायंस ने टाईअप किया है। वर्तमान में उनके उत्पाद की मांग इतनी है कि पूरी नहीं कर पा रहे हैं। 

स्टार्टअप के उत्पादों की मांग बढ़ने से रोगजार में वृद्धि

‘कुशग्राम खादी ग्रामोद्योग संस्थान’ के उत्पादों की मांग बढ़ने की वजह से उसकी आपूर्ति के लिए लोगों की जरूरत पड़ी। राम सागर यादव ने अपने साथ दूसरे लोगों को भी जोड़ना शुरू किया। आज वह गांव के 70 लोगों को रोजगार दे रहे हैं, जिनमें ज्यादातर महिलाएं शामिल हैं। अपने स्टार्टअप के बेहतर भविष्य को देखते हुए एक लाख महिलाओं को रोजगार देने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। अपनी सफलता से उत्साहित होकर राम सागर यादव ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा, ”आप जॉब करते हैं तो अपना और परिवार का भरण पोषण करते हैं, अगर आप स्टार्टअप चालू करते हैं तो बहुत सारे परिवारों को भोजन देते हैं। अगर आपको आता हो तो एक रोजगार करना चाहिए, एक स्टार्टअप चालू करना चाहिए।”

कपास से धागा बनाने से लेकर कपड़े की बुनाई और रंगाई तक काम

गौरतलब है कि रामसागर यादव के कारखाने में कपास से धागा बनाने से लेकर हथकरखे से कपड़े की बुनाई और फिर उसे पूरी तरह से तैयार करने का काम किया जाता है। कपड़े की रंगाई भी होती है और युवा पीढ़ी के लिए प्रिंटेड खादी का कपड़ा तैयार किया जाता है। इसके अलावा महिलाओं के लिए खादी की साड़ी भी तैयार होती है। उनके कारखाने में कुर्ता-पायजामा का कपड़ा, शर्ट-पैंट का कपड़ा और खादी की सदरी (जैकेट) तैयार की जाती है। उन्होंने बताया कि सदरी की डिमांड बिहार से ज्यादा उत्तर प्रदेश में है। राम सागर यादव ने बताया कि कपड़े के अलावा, वह ऑर्गेनिक हल्दी पाउडर, जीरा पाउडर, काली मिर्च पाउडर, अगरबत्ती, साबुन आदि रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले उत्पाद भी तैयार कर रहे हैं। 

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