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“मुस्लिम अधिक बच्चे पैदा नहीं करेंगे, तो कैसे हमारी कौम भारत पर राज करेगी, ओवैसी कैसे प्रधानमंत्री बनेंगे ?” AIMIM नेता का विवादित बयान

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भारत में करीब 80 प्रतिशत हिन्दू है। लेकिन हिन्दू राष्ट्र की बात होते ही तथाकथित सेक्युलर गैंग मुखर हो जाता है। हिन्दू राष्ट्र से भारत की धर्मनिरपेक्षता खतरे पड़ जाती है, लेकिन देश में 14 प्रतिशत की आबादी वाले मुसलमानों के नेता मुस्लिम राष्ट्र का सपना देख रहे हैं। इस सपने को साकार करने के लिए वे सुनियोजित तरीके से लव जिहाद के बाद जनसंख्या जिहाद चला रहे हैं। इसका खुलासा ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) पार्टी के अलीगढ़ जिलाध्यक्ष गुफरान नूर के एक विवादित बयान से हुआ है। गुफरान का बयान सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। 

“क्यों बंद करें बच्चे? यह शरीयत के खिलाफ है”

उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए जहां असदुद्दीन ओवैसी मंच से परोक्ष रूप से मुसलमानों को भड़काते हैं, वहीं उनके समर्थक, उनकी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता मुस्लिम समाज के बीच खुलकर मुस्लिम शासन की तरकीबें बता रहे हैं। वायरल वीडियो में AIMIM के नेता गुफरान नूर कह रहे हैं, ‘हमें कम बच्चे करने को कहा जाता है। जब तक बच्चे न होंगे तब तक कैसे हम राज करेंगे, कैसे ओवैसी साहब प्रधानमंत्री बनेंगे? कैसे शौकत साहब मुख्यमंत्री बनेंगे? हमें डराया जा रहा, क्यों बंद करें बच्चे? यह शरीयत के खिलाफ है।’

अधिक बच्चे पैदा करने की अपील

ओवैसी की पार्टी के नेता जनसंख्या नियंत्रण के लिए ‘हम दो हमारे दो’ वाली अपील तक की धज्जियां उड़ा रहे हैं। गुफरान नूर कह रहे हैं, ”वैसी साहब कहते हैं अल्लाह से डरो, लेकिन जब कांग्रेस, बसपा और सपा की स्पीच शुरू होती ही तो वो डराते हैं भाजपा से। पहले तो यही फर्क कर लीजिए। अच्छा हम लोग मुस्लमान कौम है ना, ईमान से भी नीचे चली गई और हर तरीके से नीचे चली गई है। हमारे इस्लाम में लोगों ने कि बच्चे पैदा मत करो, एक बच्चा, दो बच्चा करो।”

“जितनी कुर्बानी दी, उतनी हिस्सेदारी नहीं”

जब वायरल वीडियो के बारे में गुफरान नूर से बात की गई तो वह अपने बयान पर अडिग रहे। गुफरान नूर ने बताया कि हम अलीगढ़ में एक कमरे में बैठ कर आपस में दीन की चर्चा कर कर रहे थे। तभी न जाने किस ने ये वीडियो बना कर वायरल कर दिया। गुफरान नूर ने कहा, “जितनी हिस्सेदारी हमारी कुर्बानी में रही है, उतनी भागीदारी पैदावार में नहीं रही है। तो वो चीज चली भी थी कि हर आदमी चाहता है कि मेरा पर्सनल व्यू थे कि मेरे सदर ओवैसी साहब प्रधानमंत्री बनें, तो कैसे, इस तरीके की चर्चा चली थी और इसमें कोई गलत बयानबाजी भी नहीं थी।” गौरतलब है कि AIMIM से पहले गुफरान नूर की नजदीकी आम आदमी पार्टी के नेताओं से रही है। पहले वो आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता भी रह चुके हैं। उनके आप पार्टी के कई बड़े नेताओं के साथ तस्वीरें भी हैं।

“जनसंख्या बढ़ाओ और संसाधन पर कब्जा करो”

वीडियो वायरल होने के बाद अयोध्या के साधु संतों की भी तीखी प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने इस बयान को विक्षिप्त मानसिकता वाला बताया। हनुमानगढ़ी के पुजारी राजूदास ने कहा कि नूर देश के 75 प्रतिशत मुस्लिमों की भाषा बोल रहे हैं। अल्लाह की देन बच्चे नहीं हैं। इनकी मानसिकता जनसंख्या बढ़ाओ और संसाधन पर कब्जा करो की है। उन्होंने कहा कि हिंदुओं को जातिवादी मानसिकता को छोड़कर जागरूक होने की जरूरत है। ऐसी भाषा शैली बोलने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। जो संविधान को माने वह ठीक, जो संविधान को नहीं मानेगा वह देश में रहने लायक नहीं।

ओवैसी और उनकी पार्टी उड़ा रही धर्मनिरपेक्षता की धज्जियां

गौरतलब है कि ओवैसी खुद को सेक्युलर नेता बताते हैं। चुनावी मंच और टीवी बहस में धर्मनिरपेक्षता को लेकर खूब दलीलें देते हैं। लेकिन चुनावी मैदन में अपनी दलीलों के ठीक उलट काम करते हैं और खुद धर्मनिरपेक्षता की धज्जियां उड़ाते नजर आते हैं। वो मुसलमानों का सबसे बड़ा नेता होने का दावा भी करते हैं। उन्हीं सीटों पर चुनाव लड़ते हैं, जहां मुसलमानों की आबादी ज्यादा होती है। यूपी में 19 प्रतिशत मुस्लिम वोटर्स है। ओवैसी की पार्टी मुस्लिम बहुल सीटों पर चुनाव लड़ने की योजना बना रही है।

 

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