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महामारी पर घटिया राजनीति करते पकड़े गए केजरीवाल, पीएम मोदी ने प्रोटोकॉल तोड़ने पर लगाई जमकर फटकार, दिल्ली के मुख्यमंत्री ने हाथ जोड़कर मांगी माफी

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देश में कोरोना महामारी के कारण ऑक्सीजन की मांग बढ़ गई है। अस्पतालों में अफरा-तफरी मची हुई है। महाराष्ट्र के बाद दिल्ली की हालत सबसे ज्यादा खराब है। ऐसी स्थिति में संवेदनहीन दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल महामारी पर भी राजनीति से बाज नहीं आ रहे हैं। उनकी इंसानियत इतनी मर चुकी है कि लोगों की जान बचाने के लिए हो रही अहम बैठक को भी अपना चेहरा चमकाने और राजनीति का मंच बना लिया और बैठक का लाइव प्रसारण कर दिया। हालांकि उनकी इस घटिया राजनीति को खुद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पकड़ लिया और उन्हें जमकर फटकार लगाई। इसके बाद केजरीवाल को अपनी गलती का एहसास हुआ और सार्वजनिक रूप से हाथ जोड़कर माफी मांगनी पड़ी।

दरअसल, शुक्रवार यानि 23 अप्रैल, 2021 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित 10 राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाई थी। इस बैठक में महाराष्ट्र, उतर प्रदेश, मध्य प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, गुजरात, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, केरल के मुख्यमंत्री शामिल हुए। बैठक में केजरीवाल ने प्रधानमंत्री मोदी के सामने अपनी बात रखी, इस दौरान अपनी राजनीति के चक्कर में प्रोटोकॉल का ध्यान रखना भी भूल गए। वे बैठक के दौरान अपनी बात को चुपके से रिकॉर्ड करने लगे। यहां तक कि उसे लीक भी कर दिया। उन्हें लगा कि प्रधानमंत्री को इसका अंदाजा नहीं है, लेकिन जब प्रधानमंत्री ने उनकी चालाकी पकड़ ली तो केजरीवाल हक्का-बक्का रह गए। 

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के इस व्यवहार से खासे नाराज दिखे। उन्होंने मीटिंग के दौरान ही केजरीवाल के लिए कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री से कहा कि आपने एक बहुत महत्वपूर्ण प्रॉटोकॉल तोड़ा है। ऐसे निजी बातचीत का कभी प्रचार-प्रसार नहीं किया जाता है। प्रधानमंत्री मोदी की इस फटकार से केजरीवाल सकते में आ गए और उन्होंने हाथ जोड़ लिया।

केजरीवाल जब आगे बोल रहे थे तो प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें टोकते हुए कहा, ‘यह हमारी जो परंपरा है, हमारा जो प्रोटोकॉल है यह उसके बहुत खिलाफ हो रहा है कि कोई मुख्यमंत्री ऐसी इनहाउस मीटिंग को लाइव टेलिकास्ट करे। यह उचित नहीं है। हमें हमेशा से संयम का पालन करना चाहिए।’ इस पर केजरीवाल ने माना की उनसे गलती हो गई है। उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा, ‘ठीक है सर इसका ध्यान रखेंगे आगे से। अगर सर मेरी तरफ से कोई गुस्ताखी हुई है, मैंने कुछ कठोर बोल दिया, या मेरे आचरण में कोई गलती है, तो उसके लिए मैं माफी चाहता हूं।’

ऐसा पहली बार हुआ है, जब मुख्यमंत्रियों के साथ प्रधानमंत्री की इनहाउस मीटिंग को लाइव टीवी पर दिखाया गया। अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ जो बातें कही वे राजनीति से प्रेरित और जिम्मेदारी से भागने वाली थीं। बैठक में केजरीवाल ने जो कुछ कहा, उसका मसकद सिर्फ राजनीति चमकाना था। केजरीवाल ने वैक्सीन के दामों पर झूठा बोला यह जानते हुए भी कि सरकार वैक्सीन का एक भी डोज अपने पास नहीं रखती है। सभी डोज राज्यों को भेज दिए जाते हैं। केजरीवाल ने ऑक्सीजन की एयरलिफ्ट करने की बात कही, जबकि सरकार ऐसा कर रही है। सरकारी सूत्रों ने कहा कि केजरीवाल एकदम निचले स्तर पर गिर गए हैं। उनका पूरा भाषण किसी समाधान के लिए नहीं बल्कि राजनीति खेलने और जिम्मेदारी से बचने के लिए था।

उधर सोशल मीडिया पर लोगों ने केजरीवाल की इस हरकत पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। लोगों का कहना है कि केजरीवाल की यह हरकत काफी शर्मनाक है। केजरीवाल को संवैधानिक मूल्यों, आधिकारिक प्रोटोकॉल और स्थापित मानदंडों के लिए कोई सम्मान नहीं है। महामारी के समय भी राजनीतिक करने की कोशिश कर रहा है। केजरीवाल के शासन का मॉडल ड्रामा और थिएटर पर आधारित है। वे ऐसे घटिया व्यक्ति है, जो महामारी के बीच भी नीचले स्तर का तमाशा करने से बाज नहीं आता है। एक ट्वीटर यूजर ने तो केजरीवाल को प्रचार का भूखा राखी सावंत करार दिया।

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