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PM MODI ने जिस करतारपुर कॉरिडोर को देश को समर्पित किया था, वह बंटवारे में 74 साल पहले बिछड़े भाईयों के ‘भरत-मिलाप’ का सबब बना

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 550वें प्रकाश पर्व के मौके पर जिस ऐतिहासिक करतारपुर कॉरिडोर को देश को समर्पित किया था, वह कॉरिडोर 74 साल पहले बिछड़े दो सगे भाइयों को मिलाने का साक्षी बना। तब प्रधानमंत्री ने कहा था कि मैं देश को करतारपुर कॉरिडोर समर्पित करता हूं और ऐसा करना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। संगत को कार सेवा करते हुए जैसी अनुभूति होती है, वैसा ही अनुभव मुझे हो रहा है। इस भरत मिलाप में भी दोनों भाई ऐसा फूट-फूटकर रोए कि वहां मौजूद बाकी लोगों की आंखें भी नम हो गईं और भाइयों से मिलन से सबको आंतरिक खुशी ही अनुभूति हुई।

नेहरू के स्वार्थ के चलते 1947 में भारत दो टुकड़ों में बंटा
कांग्रेस और जवाहर लाल नेहरू के स्वार्थ के चलते 1947 में भारत तो टुकड़ों में बंट गया। आजाद होने की खुशियों पर बंटवारे के स्याह खून के धब्बे लग गए। करोड़ों लोग दो मुल्क बनने के चलते दरबदर हुए। लाखों लोगों से उनके परिवार और परिजन बिछुड़ गए। बाद की पीढ़ियों ने नेहरू की जिद का खामियाजा भुगता।पाक के सदीक और भारत के हबीब मिले तो फूट-फूटकर रोए
इसी भारत-पाकिस्तान बंटवारे के समय 74 साल पहले बिछड़े दो सगे भाइयों का ऐतिहासिक करतारपुर कॉरिडोर में मिलन हुआ। पाकिस्तान के फैसलाबाद में रहने वाले मोहम्मद सदीक और भारत में रहने वाले मोहम्मद हबीब आका उर्फ शैला पाकिस्तान स्थित श्री करतारपुर साहिब में मिले। इस दौरान वे दोनों ऐसा फूट-फूटकर रोए कि वहां मौजूद बाकी लोगों की आंखें भी नम हो गईं।

रू-ब-रू मिलने का प्लेटफॉर्म श्री करतारपुर कॉरिडोर ही बना
इससे पहले दोनों भाई सोशल मीडिया के जुड़े,दोनो भाई बरसों बाद पहले सोशल मीडिया पर मिले, लेकिन रू-ब-रू मिलने का प्लेटफॉर्म श्री करतारपुर कॉरिडोर ही बना। कॉरिडोर में एक-दूसरे को देखते ही पहले तो दोनों गले लगकर खूब रोए, फिर एक-दूसरे के आंसू पोंछे। हबीब ने अपने पाकिस्तानी भाई सदीक से कहा- चुप कर जा, शुकर है ऐस पाक जगह ते मिल तां लिए…।भारतीय भाई ने मां की देखभाल के कारण शादी भी नहीं की
हबीब ने भाई को यह भी बताया कि उन्होंने सारा जीवन मां की सेवा में लगा दिया। मां की परवरिश के कारण शादी भी नहीं की। श्री करतारपुर कॉरिडोर के लिए पहली हिदायत दी जाती है कि कोई भी भारतीय- पाकिस्तानी आपस में बातचीत नहीं करेगा और न ही नंबर एक्सचेंज करेगा। कॉरिडोर पर अगर कोई भारतीय, पाकिस्तानी से बातचीत करता दिख भी जाता है तो पाक रेंजर्स टोक देते हैं, लेकिन इस मंजर के बाद तो पाक रेंजर्स का भी दिल पसीज गया और इन दोनों भाइयों को जुदा करने की हिम्मत शाम 4 बजे तक किसी की भी नहीं हुई।

यह मिलन जिगर चीर देने वाला था: प्रोजेक्ट सीईओ
करतारपुर कॉरिडोर प्रोजेक्ट के CEO मोहम्मद लातिफ ने बताया कि जब दोनों भाई एक-दूसरे के गले मिले तो दोनों की ऊंची-ऊंची रोने की आवाज सुनाई दी। यह मंजर जिगर को चीर गया। श्री करतारपुर साहिब में 5 हजार के करीब भारतीयों को एक दिन में लाने का इंतजाम है, लेकिन अभी यह गिनती 200 से भी कम है।

वीजा में दिक्कत के कारण मिलने वाले आते हैं यहां
प्रधानमंत्री मोदी की देन करतारपुर में यह पहला मौका नहीं था, जब विभाजन में बिछड़ों का यहां पर मिलन हुआ हो। इससे पहले अज्जोवाल होशियारपुर से सुनीता देवी अपने परिवार के साथ करतारपुर जाकर अपने रिश्तेदारों से मिली थीं। बंटवारे के समय सुनीता के पिता भारत में ही रह गए थे और बाकी परिवार पाकिस्तान चला गया था। इसी तरह अमृतसर का जतिंदर सिंह और हरियाणा की मनजीत कौर श्री करतारपुर साहिब अपने ऑनलाइन दोस्तों से मिलने पहुंच गए थे। हालांकि पाकिस्तानी रेंजर्स ने दोनों को वापस भेज दिया था।

550वें प्रकाश पर्व के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को ऐतिहासिक करतारपुर कॉरिडोर देश को समर्पित कर दिया। इस कॉरिडोर के उद्घाटन के बाद अब सिख संगत श्री गुरु नानक देव जी के पाकिस्तान के नरोवाल जिले के गांव करतारपुर स्थित गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के दर्शन करने जा सकेंगे।

पीएम मोदी ने किया था करतारपुर कॉरिडोर समर्पित

इस अवसर पर जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि मैं देश को करतारपुर कॉरिडोर समर्पित करता हूं और ऐसा करना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। संगत को कार सेवा करते हुए जैसी अनुभूति होती है, वैसा ही अनुभव मुझे हो रहा है। गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व से पहले करतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन होना बहुत खुशी की बात है। मैं देश और दुनिया में बसे सभी सिखों को करतारपुर कॉरिडोर के उद्घाटन के मौके पर हार्दिक बधाई देता हूं।

उन्होंने कहा कि करतारपुर साहिब के कण-कण में गुरु नानक देव जी की खुशबू समाहित है। इसी धरती पर उन्होंने जीवन के आखिरी पल बिताए। यहीं पर उन्होंने आखिरी सांस ली। यहीं पर उन्होंने इक ओंकार और मिल बांटकर खाने का संदेश दुनिया को दिया। गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व से ठीक पहले करतारपुर कॉरिडोर का खुलना हम सभी के लिए दोहरी खुशी लेकर आया है। कॉरिडोर के शुरू होने से सिखों की सालों पुरानी मुराद पूरी हुई है।

पीएम मोदी ने यह ऐतिहासिक पल देने के लिए, करतारपुर साहिब के दर्शनों का मौका देने के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का आभार व्यक्त किया। उन्होंने भारत व पाकिस्तान के उन श्रमिकों का भी आभार व्यक्त किया, जिन्होंने दिन-रात लगकर कड़ी मेहनत करके कॉरिडोर का निर्माण कार्य पूरा किया।प्रधानमंत्री मोदी ने कॉरिडोर का उद्घाटन करने के साथ ही एक जत्थे को कॉरिडोर के रास्ते पाकिस्तान जाने के लिए रवाना किया। इस जत्थे में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह, मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के अलावा सांसद, मंत्री, विधायक और देश के तमाम राज्यों से एक-एक प्रतिनिधि शामिल है।

 

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