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उत्पादन क्षेत्र से कारोबार जगत में फिर लौटी रौनक, दिसंबर में मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों में आयी मजबूती

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश की अर्थव्यवस्था के लिए कोरोना काल में भी हर तरफ से अच्छी खबर आ रही है। दिसंबर में भी मैन्युफैक्चरिंग ऐक्टिविटीज में तेजी का रुख रहा। नये ऑर्डरों और उत्पादन में तेज बढ़ोतरी के दम पर देश के विनिर्माण क्षेत्र ने दिसंबर में तेज उड़ान भरी और इसका निक्कई पीएमआई सूचकांक 56.4 पर रहा। यह लगातार पांचवां महीना है जब मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई 50 से ऊपर है। पीएमआई 50 से ज्यादा होने पर गतिविधियों में तेजी का पता चलता है। पीएमआई 50 से कम रहने का मतलब सुस्ती होता है। आईएचएस मार्किट के अनुसार दिसंबर में भारतीय वस्तुओं की अंतरराष्ट्रीय मांग बढ़ी है।

आइए एक नजर डालते हैं देश की अर्थव्यवस्था एक बार फिर से किस प्रकार पटरी पर लौटने लगी है…

सर्विस सेक्टर ने पकड़ी रफ्तार
सर्विस सेक्टर के परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स नवंबर में 53.7 पर रहा है। पीएमआई में 50 से ज्यादा स्कोर कारोबारी गतिविधियों में रफ्तार को दिखाता है, जबकि 50 से कम का स्कोर इसमें गिरावट को दर्शाता है। सर्विस पीएमआई का बढ़ना इकनॉमी को लेकर नई उम्मीद जगाता है। आईएचएस मार्किट की इकॉनोमिक एसोसिएट डायरेक्टर पॉलियाना डि लीमा के मुताबिक इंडेक्स जब 50 से ऊपर रहता है, तो इसका मतलब यह होता है कि संबंधित कारोबारी सेक्टर में तेजी आई है। उन्होंने कहा कि यह उत्साहजनक है कि भारतीय सेवा क्षेत्र कोविड-19 महामारी के कारण खराब हुई स्थिति से उबर रहा है।

दिसंबर में एफपीआई ने किया 68,558 करोड़ का रिकॉर्ड निवेश
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने दिसंबर में भारत में 68,558 करोड़ रुपये निवेश किया। डिपॉजिटरी आंकड़ों के अनुसार, एफपीआई ने दिसंबर में शेयरों में रिकार्ड 62,016 करोड़ रुपये, जबकि बांड में 6,542 करोड़ रुपये निवेश किए। नवंबर में एफपीआई का कुल शुद्ध निवेश 62,951 करोड़ रुपये था। भारत कोरोना काल में भी आर्थिक मोर्चे पर कई सुधारों के साथ अन्य उभरते बाजारों की तुलना में निवेश का बड़ा हिस्सा आकर्षित करने में सफल रहा है।

विदेशी मुद्रा भंडार ने बनाया नया रिकॉर्ड
देश का विदेशी मुद्रा भंडार 18 दिसंबर को खत्म हफ्ते में 2.563 अरब डॉलर बढ़कर 581.131 अरब डॉलर हो गया है। यह अबतक का सबसे ऊंचा स्तर है। रिजर्व बैंक के ताजा आंकड़ों के अनुसार इस दौरान विदेशी मुद्रा भंडार का महत्वपूर्ण हिस्सा यानी विदेशी मुद्रा एसेट्स 1.382 अरब डॉलर बढ़कर 537.727 अरब डॉलर पर पहुंच गया। इस सप्ताह में स्वर्ण भंडार में 1.008 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई और यह 37.020 अरब डॉलर मूल्य का हो गया। विदेशी मुद्रा भंडार ने 5 जून, 2020 को खत्म हुए हफ्ते में पहली बार 500 अरब डॉलर के स्तर को पार किया था। इसके पहले यह आठ सितंबर 2017 को पहली बार 400 अरब डॉलर का आंकड़ा पार किया था। जबकि यूपीए शासन काल के दौरान 2014 में विदेशी मुद्रा भंडार 311 अरब डॉलर के करीब था।

रिकॉर्ड यूपीआई लेन-देन
कोरोना काल यूपीआई पेमेंट ने एक नया रिकॉर्ड बनाया है। साल 2020 में यूपीआई ट्रांजेक्शन में 105 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
साल 2019 में भारत में कुल यूपीआई ट्रांजेक्शन 2 लाख 2 हजार करोड़ रुपये के पास था, वहीं साल 2020 में बढ़कर 4 लाख 16 हजार करोड़ रुपये के पार चला गया। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) के अनुसार दिसंबर 2020 में यूपीआई और भीम के जरिए रिकॉर्ड 223 करोड़ से ज्यादा लेनदेन हुए हैं। यूपीआई को अगस्त 2016 में लॉन्च किया गया था।

दिसंबर, 2020 में रिकॉर्ड जीएसटी कलेक्शन
दिसंबर महीने में कुल 1,15,174 करोड़ रुपये का वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) कलेक्शन हुआ। यह अब तक का सबसे अधिक जीएसटी कलेक्शन है।दिसंबर, 2020 में एसजीएसटी के रूप में 27,804, सीजीएसटी के रूप में 21,365 करोड़ रुपये और आईजीएसटी के रूप में 57,426 करोड़ रुपये की आमदनी हुई। इसके अलावा सेस के रूप में सरकार को 8,579 करोड़ रुपये मिले।

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