प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अक्सर अपने संबोधनों में यह स्पष्ट किया है कि उनके लिए राजनीतिक दल से कहीं बढ़कर राष्ट्रहित सर्वोपरि है। उन्होंने कहा है कि नेशन फर्स्ट ही हमारा मंत्र है और यही हमारा कर्म भी है। इस मंत्र का उन्होंने अपने वचन और कर्म, दोनों ने बखूबी पालन किया है। एक बार राज्यसभा में संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा था कि इतना बड़ा दल एक परिवार के लिए समर्पित हो गया है। कांग्रेस के मॉडल में फैमिली फर्स्ट सर्वोपरि रहा है। प्रधानमंत्री मोदी का यह बयान कांग्रेस पर पूरी तरह लागू होता है, क्योंकि कांग्रेस ने पिछले 12 वर्षों में अपने नेताओं की सर्वोच्चता बनाये रखने और प्रधानमंत्री मोदी के कद को बौना करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। जब भी प्रधानमंत्री मोदी को अंतर्राष्ट्रीय सम्मान मिला, कांग्रेस ने बधाई की जगह तंज कसने और अपमानित करने का काम किया।

पीएम मोदी ने डॉ. मनमोहन सिंह को दी थी बधाई
नवंबर 2014 में जापान ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को अपना सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार ‘ग्रैन्ड कॉर्डन ऑफ द ऑर्डर ऑफ द पालोवनिया फ्लावर्स’ देकर सम्मानित किया था। यह पुरस्कार मिलने के बाद नेशन फर्स्ट का मंत्र लेकर चल रहे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को बधाई दी थी। सोशल मीडिया ट्वीटर पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि “यह गर्व और खुशी का विषय है कि जापान ने डॉ. मनमोहन सिंह को ग्रैन्ड कॉर्डन ऑफ द ऑर्डर ऑफ द पालोवनिया फ्लावर्स पुरस्कार से नवाजा है। उन्हें मैं बधाई देता हूं।”
Matter of joy & pride that Japan has conferred Dr. Manmohan Singh with Grand Cordon of the Order of the Paulownia Flowers. Congrats to him.
— Narendra Modi (@narendramodi) November 5, 2014
पीएम मोदी को इंडोनेशिया का सबसे बड़ा सम्मान
मई 2014 में देश की बागडोर संभालने के बाद से लेकर अब तक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को 35 देशों से 35 अन्तर्राष्ट्रीय सम्मान मिल चुके हैं। हाल ही में 7 जुलाई को प्रधानमंत्री मोदी को इंडोनेशिया का सर्वोच्च सम्मान ‘बिन्तांग अदिपुर्ना ऑफ द रिपब्लिक ऑफ इंडोनेशिया मेडल ऑफ ऑनर’ से सम्मानित किया गया। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी को ओमान के सर्वोच्च अवार्ड, इथियोपिया का सर्वोच्च सम्मान, श्रीलंका मित्र विभूषण पुरस्कार, मॉरीशस से द ग्रांड कमांडर ऑफ ऑर्डर ऑफ स्टार एंड की ऑफ इंडियन ओशन, बारबाडोस से ऑनरेरी ऑर्डर ऑफ फ्रीडम ऑफ बारबाडोस, कुवैत से द ऑर्डर ऑफ मुबारक अल-कबीर, डोमिनिका से डोमिनिका अवार्ड ऑफ ऑनर, गयाना से ऑर्डर ऑफ एक्सीलेंस, नाइजीरिया से द ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द नाइजर और रूस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल मिल चुके हैं।
Saya menerima Bintang Adipurna Republik Indonesia ini dengan penuh kerendahan hati.
Kehormatan ini milik seluruh masyarakat India. Penghargaan ini mencerminkan kehangatan dan kasih sayang dari masyarakat Indonesia. Hal ini juga merupakan penghormatan terhadap hubungan bersejarah… pic.twitter.com/m0jqNCcTDB
— Narendra Modi (@narendramodi) July 7, 2026
पीएम मोदी का कद छोटा करने के लिए देश का अपमान
क्या कभी आपने सोचा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को मिले 35 अन्तर्राष्ट्रीय सम्मानों को लेकर कांग्रेस की क्या प्रतिक्रिया रही है ? क्या कभी कांग्रेस की तरफ से प्रधानमंत्री मोदी को बधाई दी गई ? इन सवालों का जवाब ढूंढ़ने के लिए गहन रिसर्च किया गया,लेकिन निराशा हाथ लगी। कांग्रेस पार्टी और उसके प्रमुख नेताओं- सोनिया गांधी और राहुल गांधी की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को ऐसा कोई औपचारिक बधाई संदेश नहीं दिया गया है। यहां तक कि कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसने का कोई मौका नहीं चुका है। प्रधानमंत्री मोदी को मिल रहे अंतर्राष्ट्रीय सम्मान और बढ़ते कद को देखकर कांग्रेस नेताओं की ईर्ष्या इतनी बढ़ जाती है, वो 140 करोड़ जनता के निर्वाचित प्रधानमंत्री का कद छोटा करने के लिए देश का अपमान करने से भी नहीं चुकते हैं।

एक सोशल मीडिया पोस्ट में कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने एक्स पर लिखा, “And Nehru got it posthumously without having to wrangle it” यानी “नेहरू को यह सम्मान मरणोपरांत मिला था, बिना किसी प्रयास के।“
And Nehru got it posthumously without having to wrangle it https://t.co/V3wv0XoGYz
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) July 7, 2026
पीएम मोदी को मिला सेशेल्स का सर्वोच्च सम्मान
इससे पहले 28 जून 2026 को सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के सर्वोच्च सम्मान ‘गार्डियन ऑफ़ द ब्लू होराइज़न’ से सम्मानित किया। यह सम्मान सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी ने एक विशेष समारोह में प्रधानमंत्री को प्रदान किया। खास बात यह है कि यह सम्मान पहली बार किसी वैश्विक नेता को दिया गया है। प्रधानमंत्री मोदी को यह सम्मान पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास और जलवायु परिवर्तन से निपटने की दिशा में उनके लगातार किए जा रहे प्रयासों के लिए दिया गया है। इसके साथ ही विकासशील देशों की आवाज को वैश्विक मंच पर मजबूती से उठाने, नीली अर्थव्यवस्था (ब्लू इकोनॉमी), समुद्री संसाधनों के सतत प्रबंधन और लघु द्वीपीय विकासशील देशों की विकास संबंधी जरूरतों को आगे बढ़ाने में उनके योगदान को भी इस सम्मान का आधार बनाया गया। सम्मान ग्रहण करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने इसे केवल अपनी उपलब्धि नहीं बताया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन सभी देशों और लोगों को समर्पित है जो पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन के खिलाफ मिलकर काम कर रहे हैं।
कांग्रेस का तंज- ‘उन्हें कोई भी अवॉर्ड दे दो, वे तुरंत चले आएंगे’
सेशेल्स का सर्वोच्च सम्मान मिलने के बाद कांग्रेस पार्टी ने तुरंत प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा-‘उन्हें कोई भी अवॉर्ड दे दो, वे तुरंत चले आएंगे।’ कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने पुरस्कार की प्रामाणिकता और उससे जुड़े दस्तावेज़ों में त्रुटियों पर सवाल उठाए और सरकार की आलोचना की। कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने सोशल मीडिया एक्स पर सेशेल्स पर तंज कसते हुए कहा,“सेशेल्स ने एक नया अवार्ड ईजाद करके नरेंद्र मोदी को दिया है। सेशेल्स वालों ने यह सब इतनी जल्दी में किया कि seal पर ‘REPUBLIC OF SEYCHELLES’ ही गलत लिख डाला। इससे पहले भी मोदी को इजराइल ने ऐसा ही एक अद्भुत अवार्ड दिया था, और उसके पहले कुछ विदेशियों ने Philip Kotler अवार्ड दिया था – यह सब न मोदी जी से पहले न उनके बाद किसी को दिए गए हैं। भक्त निहाल हैं कि मोदी जी को अवार्ड मिल रहा है – वो बेचारे क्या जानें कि विदेशी मोदी जी की कमज़ोरी समझ चुके हैं – बस अवार्ड देकर मूर्ख बनाओ।“
मोदी जी 1.30 लाख आबादी वाले Seychelles के दौरे पर हैं
• Seychelles ने एक नया अवार्ड ईजाद करके नरेंद्र मोदी को दिया है
• ‘Guardian of the Blue Horizon’ नाम का यह अवार्ड मोदी जी से पहले किसी को नहीं मिला है
• लेकिन Seychelles वालों ने यह सब इतनी जल्दी में किया कि seal पर… pic.twitter.com/jRmq1ADvAq
— Supriya Shrinate (@SupriyaShrinate) June 28, 2026
फिलिप कोटलर प्रेशिडेंशियल पुरस्कार
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इसी साल, 14 जनवरी, 2019 को देश को उत्कृष्ट नेतृत्व देने के लिए प्रथम फिलिप कोटलर प्रेशिडेंशियल पुरस्कार से सम्मानित गया। यह पुरस्कार तीन आधार रेखा पीपुल, प्रॉफिट और प्लानेट पर केन्द्रित है। प्रशस्ति पत्र में कहा गया है कि श्री मोदी के नेतृत्व में भारत की पहचान अब इनोवेशन और मेक इन इंडिया के साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी, लेखांकन एवं वित्त जैसे पेशेवर सेवाओं के केन्द्र के रूप में हुई है। प्रशस्ति पत्र में यह भी कहा गया है कि उनके दूरदर्शी नेतृत्व की वजह से सामाजिक लाभ और वित्तीय समावेशन के लिए विशिष्ट पहचान संख्या, आधार सहित डिजिटल इंडिया क्रांति हो सकी। इससे उद्यमिता, व्यापार सुगमता और देश के लिए 21वीं सदी का ढांचागत विकास करने में मदद मिली है।

पुरस्कार मिलने पर राहुल गांधी ने उड़ाया पीएम मोदी का मजाक
प्रधानमंत्री मोदी को मिले इस सम्मान पर कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष राहुल गांधी ने तंज कसा था। राहुल गांधी ने कटाक्ष करते हुए कहा था कि यह पुरस्कार इतना प्रसिद्ध है कि इसकी कोई ज्यूरी नहीं है और इससे पहले किसी को दिया नहीं गया था। राहुल गांधी ने ट्वीट किया, “मैं हमारे प्रधानमंत्री को विश्व प्रसिद्ध ‘कोटलर राष्ट्रपति पुरस्कार’ जीतने पर बधाई देना चाहता हूं! दरअसल, यह पुरस्कार इतना प्रसिद्ध है कि इसमें कोई निर्णायक मंडल नहीं है, यह पुरस्कार पहले कभी नहीं दिया गया है और इसे अलीगढ़ की एक अनसुनी कंपनी का समर्थन प्राप्त है। इवेंट साझीदार पतंजलि और रिपब्लिक टीवी हैं.”
I want to congratulate our PM, on winning the world famous “Kotler Presidential Award”!
In fact it’s so famous it has no jury, has never been given out before & is backed by an unheard of Aligarh company.
Event Partners: Patanjali & Republic TV 🙂https://t.co/449Vk9Ybmz
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) January 15, 2019
कांग्रेस के लिए देश और संविधान से ऊपर गांधी परिवार
आजादी के 70 वर्षों में कांग्रेस पार्टी ने सबसे ज्यादा 53 वर्षों तक देश पर राज किया है, और इसमें भी 38 साल तो नेहरू-गांधी परिवार के ही प्रधानमंत्री बने हैं। इसलिए गांधी परिवार इस देश पर शासन करने का का जन्मसिद्ध अधिकार समझता है। वही कांग्रेस के नेताओं लिए गांधी परिवार देश और संविधान सबसे ऊपर है। कांग्रेस की इस सर्वोच्चता की मानसिकता को प्रधानमंत्री मोदी ने चुनौती दी है, इसलिए कांग्रेस के नेता प्रधानमंत्री मोदी को गाली देने और अपमानित करने की कोशिश करते हैं। वैश्विक स्तर पर बढ़ता प्रधानमंत्री मोदी का उन्हें परेशान करता है, इसलिए उन्हें नीचा दिखाने और कद छोटा करने के लिए तरह तरह के हथकंडे अपनाते हैं। इतना ही नहीं कांग्रेस पार्टी ने नेहरू-गांधी खानदान की महानता बनाए रखने के लिए देश को आजाद कराने में जवाहरलाल नेहरू के समान योगदान देने वाले सरदार वल्लभ भाई पटेल, लाल बहादुर शास्त्री जैसे कई नेताओं के साथ दोयम दर्जे का बर्ताव किया है।










