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राजस्थान के सीकर में दलित युवती के साथ चौकी इंचार्ज ने किया दुष्कर्म, राहुल जी पीड़ित युवती की फिरयाद सुनेंगे या सिर्फ सियासत करेंगे ?

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राजस्थान के सीकर जिले की पुलिस ने एक दलित युवती के साथ थाने में जो शर्मनाक हरकत की है,उससे रक्षकों पर से भरोसा उठ जाता है। लेकिन उससे भी बढ़कर शर्मनाक काम राहुल गांधी जैसे नेता कर रहे हैं, जो अब तक दुष्कर्म के इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं। इससे पता चलता है कि कांग्रेस के नेता महिलाओं की इज्जत को वोट और सियासी चश्मे से देखते हैं। अगर सीकर किसी बीजेपी राज्य में होता तो दुष्कर्म का मामला सामने आते ही राहुल और उनका प्रोपेगेंडा मैनेजमेंट सक्रिय हो गया होता और उनका कुनबा अब तक सीकर के लिए रवाना हो चुका होता। लेकिन दुर्भाग्य है पीड़ित दलित युवती का, जिसके साथ कांग्रेस शासित राज्य में घटना घटी है।

दरअसल दलित युवती 12 अगस्त को घर से गायब हो गई थी। परिजनों ने धोद थाने में इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई। जांच से यह बात सामने आई कि वह प्रेमी के साथ श्रीगंगानगर में है। हेड कॉन्स्टेबल सुभाष कुमार दोनों को लाने गए थे। युवती का आरोप है कि रास्ते में सुभाष ने उसके प्रेमी को गाड़ी में आगे बिठा दिया और खुद उसके साथ पीछे बैठ गया। इस दौरान पूरे रास्ते उसने छेड़खानी की। युवती ने विरोध किया तो उसकी पिटाई की गई। 29 अगस्त को तड़के करीब साढ़े चार बजे सभी लोग चौकी पहुंचे। कथित तौर पर सुभाष ने बयान दर्ज करने के बहाने युवती के साथ चौकी में ही बलात्कार किया। बाद में उसे डरा-धमकाकर प्रेमी के साथ भेज दिया।

दलित युवती ने जब अपने साथ हुई शर्मनाक घटना के बारे में अपने प्रेमी और परिवार को बताई तो धोद थाने में पंचायत हुई, जिसमें ममाले को रफा-दफा करने और युवती का मुंह बंद करने की कोशिश की गई। लेकिन पीड़ित युवती ने एसपी के सामने परिवाद दे सुभाष पर छेड़छाड़ और रेप का आरोप लगाया। मामले की जांच डीएसपी राजेश आर्य को सौंपी गई है। साथ ही आरोपित को चौकी से हटा दिया गया। वहीं दैनिक भास्कर ने अपनी रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया है कि साेमवार काे युवती काेर्ट में अपने बयानाें से मुकर गई।

लेकिन इस पूरे मामले में जिस तरह नया मोड़ आया है, उससे पता चलता है कि युवती पर दबाव बनाकर उसका मुंह बंद करने की कोशिश की गई है, ताकि पुलिस और गहलोत सरकार की किरकिरी होने से बचाया जा सके। लेकिन इससे पहले भी राजस्थान पुलिस पर इस तरह के कई आरोप लगे हैं। हाल में कई ऐसी घटनाएं सामने आई हैं जिससे पता चलता है कि राज्य के थाने भी महिलाओं के लिए सुरक्षित नहीं हैं। बीते अगस्त में नागौर जिले से ऐसा ही एक मामला सामने आया था। खुनखुना थाने के एसएचओ रहे एसआई शंभुदयाल मीणा पर 24 साल की युवती ने रेप का आरोप लगाया था।

गौरतलब है कि देश में दुष्कर्म की सबसे अधिक घटनाएं राजस्थान में होती हैं। प्रदेश की गहलोत सरकार की असंवेदनशीलता और राहुल गांधी की चुप्पी इसके लिए जिम्मेदार है। क्योंकि राजस्थान में बढ़ रही दुष्कर्म की घटनाओं से ध्यान भटकाने के लिए राहुल गांधी दूसरे राज्यों में घटी किसी घटना पर हाय-तौबा मचाते हैं, लेकिन राजस्थान के मामले में अपनी दोगली मानसिकता का परिचय देते हैं। इससे अपराधियों के हौसले बढ़ने के साथ महिलाओं के खिलाफ अपराध भी बढ़ते हैं। 

 

 

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