Home समाचार रोजगार के मोर्चे पर अच्छी खबर: तीसरी तिमाही में नौकरियों की संख्या...

रोजगार के मोर्चे पर अच्छी खबर: तीसरी तिमाही में नौकरियों की संख्या में चार लाख की वृद्धि, 32 प्रतिशत हुई महिलाओं की हिस्सेदारी

142
SHARE

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारतीय अर्थव्यवस्था कोरोना और यूक्रेन संकट काल में भी पटरी पर बनी हुई है। देश की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। इसका असर रोजगार के क्षेत्र में भी दिखाई दे रहा है। 28 अप्रैल, 2022 को केंद्रीय श्रम मंत्री भूपेंद्र यादव ने श्रम ब्यूरो द्वारा तैयार तिमाही रोजगार सर्वेक्षण (QES) को जारी किया। पिछले साल अक्तूबर से दिसंबर 2021 के दौरान नौ चयनित क्षेत्रों में कुल रोजगार की संख्या बढ़कर 3.14 करोड़ हो गई। यह जुलाई से सितंबर 2021 की तिमाही के मुकाबले चार लाख अधिक है। जुलाई से सितंबर 2021 में नौ चुनिंदा क्षेत्रों में कुल रोजगार 3.10 करोड़ था।

जिन नौ क्षेत्रों में रोजगार के ढेरों अवसर बने हैं, उनमें विनिर्माण, निर्माण, व्यापार, परिवहन, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और रेस्टोरेंट, आईटी / बीपीओ और वित्तीय सेवाएं शामिल हैं। मोदी सरकार के मुताबिक ये आंकड़े कोरोना महामारी की दूसरी लहर के बाद लॉकडाउन प्रतिबंधों के हटने से आर्थिक गतिविधियों में हुए सुधार को दर्शाते हैं। गौरतलब है कि श्रम मंत्रालय की यह तीसरी रिपोर्ट है। केंद्रीय श्रम मंत्री के मुताबिक इन अध्ययनों से सरकार को साक्ष्य आधारित नीति बनाने में मदद मिलगी।

महिलाओं की हिस्सेदारी में बढ़ोतरी
रोजगार के क्षेत्र में महिलाओं ने अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करायी है। श्रम मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक अक्तूबर से दिसंबर 2021 की तीसरी तिमाही में कुल रोजगार में महिलाओं की हिस्सेदारी 31.59 प्रतिशत हैं। श्रम बल में महिलाओं की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ने पर देश की आर्थिक वृद्धि दर (जीडीपी) को अधिक तेज रफ्तार मिलती है। विशेषज्ञों के मुताबिक वर्क फ्रॉम होम और डिजिटल के बढ़ते उपयोग से महिलाओं को रोजगार के अधिक अवसर मिल रहे हैं।

85 प्रतिशत हुआ नियमित रोजगार
केंद्रीय श्रम मंत्री भूपेंद्र यादव ने बताया कि समीक्षाधीन तिमाही में कुल रोजगार में 85.3 प्रतिशत हिस्सेदारी नियमित रोजगार की रही है। इसमें ठेके पर रखे जाने वाले श्रम बल की हिस्सेदारी 8.9 प्रतिशत है। रिपोर्ट के अनुसार 10 या उससे अधिक कामगारों वाले संगठित क्षेत्र के चुनिंदा नौ सेक्टरों में रोजगार के बढ़ने का रुझान है। ‘विनिर्माण’ रोजगार देने वाला सबसे बड़ा सेक्टर है, जहां कुल कामगारों में से लगभग 39 प्रतिशत कामगार काम करते हैं। इसके बाद शिक्षा सेक्टर आता है, जहां कुल कामगारों में से 22 प्रतिशत कामगार कार्यरत हैं।

Leave a Reply