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पंजाब में चुनाव हुए नहीं केजरीवाल की पार्टी में सीएम की कुर्सी के लिए मारा-मारी: आधी रात महिला विधायक के इस्तीफे से उड़ी केजरीवाल की नींद

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पंजाब में आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगा है, बठिंडा से विधायक रूपिंदर रूबी ने इस्तीफा दे दिया है। रूपिंदर रूबी ने आधी रात ट्वीटर पर इस्तीफे का एलान करते हुए लिखा है कि-आपकी पार्टी छोड़ रही हूं।

रूपिंदर रूबी ने इस्तीफे का ऐलान सोशल मीडिया पर किया है, इसकी जानकारी उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और सांसद भगवंत मान को दे दी है।

आप में न विधायकों की सुनवाई न सांसदों की 

रूपिंदर रूबी केजरीवाल और उनकी पार्टी से लंबे वक्त से नाराज चल रही थी, कुछ दिनों पहले अरविंद केजरीवाल के मानसा और बठिंडा दौरे के दौरान भी रूबी ने उनके कार्यक्रमों से दूरी बना ली थी। रूबी केजरीवाल और उनकी पार्टी के काम करने के तरीके से खफा बताई जा रही हैं, वे आरोप लगा चुकी हैं कि आम आदमी पार्टी में न तो विधायकों की सुनवाई हो रही हैं और ना ही पार्टी में आप सांसदों को कोई पूछ रहा है। पंजाब चुनाव में विधायक रूबी, बठिंडा ग्रामीण के बजाए भुच्चो से चुनाव लड़ने का मन बना रहीं थी, लेकिन पार्टी में उनकी एक ना चली। ये भी इस्तीफे के उनके फैसले की वजह बन गई।

भारी पड़ा CM चेहरे के लिए भगवंत मान का समर्थन

 विधायक रूपिंदर रूबी कई बार सांसद भगवंत मान को अपने समर्थन का एलान कर चुकी हैं और उन्हें पंजाब का सीएम चेहरा घोषित किए जाने की मांग करती रही हैं। मान के समर्थन में बयान देते हुए एक बार उन्होंने कहा था कि अगर भगवंत मान नहीं तो फिर अरविंद केजरीवाल ही पंजाब में सीएम चेहरा बचते हैं। विधायक रूपिंदर रूबी के यही कड़ी तेवर केजरीवाल की पार्टी को रास नहीं आए और पार्टी ने उनसे किनारा करना शुरू कर दिया।

इधर रूपिंदर रूबी के इस्तीफे से आप नेताओं को मिर्ची लग गई है। विधानसभा में विपक्षी दल के नेता हरपाल चीमा ने कहा कि रूपिंदर रूबी को आप से टिकट मिलने की कोई उम्मीद नहीं थी, यही वजह है कि उन्होंने इस्तीफा दे दिया।

चुनाव से पहले ही सीएम पद को लेकर घमासान

पंजाब में चुनाव से पहले ही सीएम पद को लेकर घमासान छिड़ा है। सीएम का चेहरा घोषित नहीं करने से नाराज भगवंत मान ने पार्टी के कार्यक्रमों से दूरी बना ली है। वहीं उनके समर्थक उन्हें सीएम का चेहरा घोषित करने के लिए मुहिम चला रहे हैं। रूपिंदर रूबी के इस्तीफे को भी इसी से जोड़ कर देखा जा रहा है।  

भगवंत मान को आखिरी बार 26 अगस्त को पंजाब में दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल की प्रेस कॉन्फ्रेंस में देखा गया था, लेकिन तब से अब तक वह पार्टी के किसी भी कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए हैं। दरअसल पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल भगवंत मान को पार्टी का सीएम उम्मीदवार घोषित नहीं करना चाहते हैं और किसी और पार्टी या सामाजिक संगठन से बड़े चेहरे की तलाश में है। दूसरी ओर, पंजाब आप के एक बड़े धड़े का कहना है कि पिछले सात सालों से पार्टी में सबसे सक्रिय रहने वाले भगवंत मान को दरकिनार किया जा रहा है।

दरकिनार किए जाने से मान समर्थक नाराज 

भगवंत मान के समर्थक उनको दरकिनार किए जाने से नाराज हैं। समर्थकों का कहना है कि जब पार्टी के पास भगवंत मान जैसा सशक्त उम्मीदवार मौजूद है तो हम दूसरी पार्टियों में मुख्यमंत्री क्यों खोज रहे हैं। यही गलती हमने 2017 में भी की थी। आम आदमी पार्टी के कम से कम 5 से 6 विधायकों ने सार्वजनिक तौर पर कहा कि भगवंत मान को पंजाब में सीएम चेहरे के रूप में पेश किया जाना चाहिए। इस मांग को लेकर मान समर्थकों ने पंजाब विधानसभा में आम आदमी पार्टी के नेता विपक्ष हरपाल सिंह चीमा के सरकारी घर के बाहर प्रदर्शन किया था। 

अंदर ही अंदर आप में पक रही खिचड़ी

फिलहाल भगवंत मान शांत हैं, लेकिन उन्‍होंने पंजाब के नए मुख्‍यमंत्री चन्‍नी को बधाई देकर राजनीतिक गलियारे में हलचल जरूर तेज कर दी है। वो खुद खुलकर नहीं बोल रहे हैं, लेकिन अपने समर्थकों के माध्यम से पार्टी आलाकमान पर दबाव बनाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। पार्टी के एक सीनियर विधायक ने कहा कि यह ठीक है कि मान पार्टी में ही बहुत को नाराज करके बैठे हैं लेकिन उनके बिना भी बात नहीं बनेगी। ऐसे में अगर पार्टी किसी दूसरे को सीएम उम्मीदवार बनाती है, तो मान शांत नहीं बैठ सकते हैं और आम आदमी पार्टी की पंजाब ईकाई में सियासी उठा-पटक देखने को मिल सकता है। 

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