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8 करोड़ प्रवासी मजदूरों को अगले दो महीने तक मुफ्त मिलेगा राशन, मोदी सरकार ने की 3500 करोड़ रुपये की घोषणा

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कोरोना लॉकडाउन के कारण प्रवासी मजदूरों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा है। मोदी सरकार उनकी परेशानियों को लेकर काफी संवेदनशील है। यही वजह है कि सरकार प्रवासी मजदूरों के हित में लगातार फैसले ले रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 20 लाख करोड़ रुपये के महापैकेज के तहत वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को फिर राहत उपायों की घोषणा की। इसके तहत 8 करोड़ प्रवासी मजदूरों को अगले दो महीने तक प्रति व्यक्ति मुफ्त पांच किलो अनाज और प्रति परिवार एक किलो चना दाल दी जाएगी। इसके लिए 3500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

किसी भी राज्य में ले सकते हैं राशन

वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि इसके लाभार्थियों की पहचान राज्य सरकार के जिम्मे होगी और यह योजना राज्यों के जरिये ही लागू की जाएगी। इससे उन 8 करोड़ प्रवासी मजदूरों को फायदा होगा जो दूसरे राज्यों में रह रहे हैं और उनके पास राशन कार्ड नहीं है। ये प्रवासी एनएफएस के दायरे में नहीं हैं या राज्य के कार्डधारक नहीं हैं।

अगस्त से ‘एक राष्ट्र एक राशन कार्ड’ योजना 
वित्त मंत्री ने कहा कि 23 राज्यों के 67 करोड़ लोगों को ‘एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड’ योजना के दायरे में लाया जा चुका है। इसके तहत देश के 83 प्रतिशत राशनकार्डधारी आ चुके हैं। इसे अगस्त 2020 से लागू कर दिया जाएगा। मार्च 2021 तक सभी को इस योजना से जोड़ लिया जाएगा। इससे देश में कोई भी व्यक्ति किसी भी राज्य में उचित दर की दुकान से अपने हिस्से का राशन ले सकेगा।

रियायती किराये पर मकान की सुविधा 

मोदी सरकार ने प्रवासी श्रमिकों के लिए पीएमएवाई के तहत एक योजना शुरू करेगी, जिससे वे सस्ते किराये पर जीवनयापन कर सकते हैं। शहरों में उपलब्ध सरकारी खाली मकानों को रियायती किराये के माध्यम से पीपीपी मोड के तहत अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग कॉम्प्लेक्स में परिवर्तित किया जाएगा।

तकनीक के इस्तेमाल से करोड़ों रुपये की बचत
इस मौके पर वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि मोदी सरकार तकनीक के इस्तेमाल से पारदर्शिता लेकर आई है और उसने करोड़ों रुपये बचाए हैं। इन पैसों का इस्तेमाल गरीबों के उत्थान के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ‘एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड’ योजना बेहद क्रांतिकारी है और इससे देश में कोई भी व्यक्ति कहीं से भी अपने हिस्से का राशन ले सकता है। इसका सबसे ज्यादा फायदा प्रवासी मजदूरों को होगा।

इससे पहले मोदी सरकार द्वारा प्रवासी मजदूरों के लिए उठाए गए कदम…

प्रवासी मजदूरों के लिए 1000 करोड़ रुपये 

पीएम केयर्स फंड से प्रवासी श्रमिकों के आवागमन, खानपान, चिकित्सा जैसी जरूरतों को पूरा करने के लिए 1000 करोड़ रुपये जारी किया गया है। राज्यों को दिया गया यह फंड जिलाधिकारी और निगम आयुक्त के अधीन रहेगा। राज्यों को एक फार्मूले के तहत यह फंड दिया जाएगा। इसका आधार राज्यों की जनसंख्या, कोरोना संक्रमितों की संख्या को बनाया गया है। यानि जो जितना बड़ा राज्य और जहां जितने कोरोना संक्रमित उस राज्य को इसमें उतना अधिक फंड। लेकिन दस प्रतिशत हिस्सा हर राज्य को दिया जाएगा ताकि वहां न्यूनतम व्यवस्था रहे। यह फंड राज्य के आपदा राहत आयुक्त की ओर से सीधे जिलाधिकारी या निगम आयुक्त को दिया जाएगा।

प्रवासी श्रमिकों के लिए स्पेशल ट्रेनें

रेलवे कर्मचारियों के अथक परिश्रम से भारतीय रेल 800 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों द्वारा अभी तक 10 लाख कामगारों को परिवार सहित घर पहुंचाया है। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने इसके लिए रेलवे के कर्मचारियों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों पर गर्व है कि इस विश्वव्यापी संकट में भी अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए वह नागरिकों की सेवा में पूरी निष्ठा से कार्यरत है।

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