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किसान सम्मान निधि की 9वीं किस्त जारी, पीएम मोदी की अपील का असर, ऑर्गेनिक फार्मिंग से जुड़े 44.33 लाख किसान, क्षेत्रफल बढ़कर हुआ 38.9 लाख हेक्टेयर  

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी किसानों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के साथ ही पर्यावरण और स्वास्थ्य के अनुकूल कृषि को बढ़ावा दे रहे हैं। इसी के तहत प्रधानमंत्री मोदी ने आज (9 अगस्त, 2021) किसान सम्मान निधि की 9वीं किस्त जारी की। इसके तहत 9.75 करोड़ से अधिक लाभार्थी किसानों को 19,500 करोड़ रुपये से ज्यादा की धनराशि ट्रांसफर की गई। उधर ऑर्गेनिक फार्मिंग के क्षेत्र में प्रधानमंत्री मोदी की अपील का असर दिखाई दे रहा है। नेशनल सेंटर ऑफ ऑर्गेनिक फार्मिंग के मुताबिक 2003-04 में भारत में ऑर्गेनिक फार्मिंग सिर्फ 76,000 हेक्टेयर में हो रही थी, जो 2020-21 में बढ़कर 38.9 लाख हेक्टेयर हो गई है। यह कुल खेती योग्य जमीन (140 मिलियन हेक्टेयर) का 2.71 प्रतिशत है। वहीं देश में 44.33 लाख किसान आधिकारिक तौर पर ऑर्गेनिक फार्मिंग कर रहे हैं। इस तरह विश्व में प्रमाणित आर्गेनिक फार्मिंग के क्षेत्र के संबंध में भारत का 5वां और किसानों के संबंध में पहला स्थान है।

इस समय देश में सबसे ज्यादा क्षेत्र में ऑर्गेनिक फार्मिंग मध्य प्रदेश में हो रही है। वहीं छोटे से राज्य सिक्किम ने खुद को जनवरी 2016 में ही 100 प्रतिशत ऑर्गेनिक एग्रीकल्चर स्टेट बना लिया था। उसने रासायनिक खादों और कीटनाशकों को चरणबद्ध तरीके से हटाया। एपिडा के मुताबिक 2020-21 के दौरान भारत ने 7078.5 करोड़ रुपये के ऑर्गेनिक उत्पादों का निर्यात किया। अमेरिका, यूरोपीय संघ, कनाडा, ब्रिटेन, आस्ट्रेलिया, स्विटजरलैंड और इजराइल आदि भारतीय जैविक कृषि उत्पादों के सबसे बड़े उपभोक्ता है। रासायनिक खादों और कीटनाशकों का अंधाधुंध इस्तेमाल लोगों के बीमार होने का बड़ा कारण बनकर उभर रहा है। इसीलिए अमेरिका, यूरोपीय और खाड़ी देशों ने कीटनाशकों के अवशेष वाले बासमती चावल लेना बंद कर दिया है। अब वो भारत से ऑर्गेनिक कृषि उत्पाद मंगा रहे हैं।

रासायनिक खादों पर चिंता, ऑर्गेनिक फार्मिंग को बढ़ावा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कई बार रासायनिक खादों के इस्तेमाल पर अपनी चिंता जाहिर की है। रासायनिक खादों के अंधाधुंध इस्तेमाल के साइड इफेक्ट के कारण कई बीमारियों ने जन्म लिया। इसलिए प्रधानमंत्री मोदी का रुझान ऑर्गेनिक और प्राकृतिक खेती की ओर है। इसे देखते हुए मोदी सरकार ने 2021-22 में 650 करोड़ रुपये की रकम मंजूर की, वहीं 2014 से विभिन्न योजनाओं के माध्यम से ऑर्गेनिक फार्मिंग को बढ़ावा दे रही है। परंपरागत कृषि विकास योजना के तहत तीन साल में प्रति हेक्टेयर 50 हजार की आर्थिक मदद मिलती है। पूर्वोत्तर क्षेत्र मिशन ऑर्गेनिक वैल्यू चेन डेवलपमेंट के तहत किसानों को जैविक खेती के लिए तीन साल में प्रति हेक्टेयर 32500 रुपये का अनुदान दिया जा रहा है। इनके अलावा राज्यों के साथ मिलकर पारंपरिक जैविक क्षेत्रों की पहचान कर उन्हें प्रमाणित जैविक उत्पादन केन्द्र में बदलने पर काम हो रहा है। इससे ऑर्गेनिक फार्मिंग करने वाले किसानों के उत्पादों की बाजार तक सीधी पहुंच हो रही है, जिसका लाभ किसानों को मिल रहा है।

 

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