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उल्टे पड़ेंगे सोनिया के साधे दो निशाने- उत्तराखंड के लिए स्टार वेल्यू के बावजूद सिद्धू पर चन्नी को दी वरीयता…उसी सूची में मुख्यमंत्री के बावजूद अशोक गहलोत को किनारे किया और पायलट को बनाया स्टार प्रचारक

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कांग्रेस की ‘स्वयंभू’ हाईकमान सोनिया गांधी ने एक तीर से दो निशाने साधने की कोशिश की है। उत्तराखंड में चुनाव प्रचार के लिए कांग्रेस के अखिल भारतीय स्टार प्रचारकों की सूची बनाई गई है। इस सूची के बहाने जहां-जहां कांग्रेस में गुटबाजी हो रही है, वहां नापसंद नेता को दरकिनार कर दूसरे नेता को तवज्जो दी गई है, भले ही वह उम्र और अनुभव के लिहाज से दरकिनार किए गए नेता की तुलना में काफी छोटा है। यह तो भविष्य के गर्भ में है कि सोनिया गांधी के तीर निशाने पर बैठते हैं, या फिर कांग्रेस की गुटबाजी सोनिया के तीरों पर भारी पड़ती है। कांग्रेस शासित तीन राज्यों राजस्थान, पंजाब और छत्तीसगढ़ के नेताओं के नाम भी इस सूची में हैं और तीनों ही राज्यों में कांग्रेस की गुटबाजी शबाब पर है। राजनीतिक प्रेक्षकोंं का मानना है कि सोनिया गांधी के तीर उल्टे पड़ेंगे और इससे कांग्रेस में गुटबाजी को और शह मिलेगी।

अब चन्नी स्टार प्रचारक, नवजोत सिद्धू का नाम गायब
स्टार प्रचारकों की इस सूची में कांग्रेस ने पंजाब के प्रधान नवजोत सिद्धू और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को बड़ा झटका मिला है। उन्हें उत्तराखंड में प्रचार के लिए कांग्रेस ने अपनी स्टार कैंपेनर लिस्ट में शामिल नहीं किया है। पहले बात पंजाब की। यहां पर मुख्यमंत्री के तौर पर चरणजीत सिंह चन्नी का नाम तो शामिल है, लेकिन सिद्धू का नाम गायब है। सिद्धू के लिए यह बड़ा झटका इसलिए माना जा रहा है, क्योंकि वह अपनी लोकप्रियता के बल पर ही पंजाब में मुख्यमंत्री की कुर्सी पर दावा ठोक रहे हैं। कांग्रेस ने उत्तराखंड में उनकी लोकप्रियता के दावे को तरजीह नहीं दी है।

सिद्धू को पहले भी अहसास कराया कि सीएम चन्नी का कद बढ़ा है
हाईकमान ने साफ इशारा कर दिया है कि सीएम चरणजीत सिंह चन्नी का कद कांग्रेस में राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ चुका है। ऐसा पहली बार नहीं है, जब कांग्रेस हाईकमान ने चन्नी को तरजीह दी है। इससे पहले जब लखीमपुर खीरी में किसानों की मौत हुई तो राहुल गांधी सीएम चन्नी को ही साथ लेकर गए थे। सिद्धू पंजाब कांग्रेस का काफिला लेकर अलग से लखीमपुर खीरी पहुंचे थे। गौरतलब है कि कांग्रेस की तरफ से सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और डॉक्टर मनमोहन सिंह समेत 30 स्टार प्रचारकों की लिस्ट जारी की गई है।

कांग्रेस में फिर संकेत, पंजाब में सीएम चेहरा चरणजीत चन्नी ही
पंजाब में कांग्रेस का सीएम चेहरा चरणजीत सिंह चन्नी ही होंगे, यह संकेत फिर कांग्रेस हाईकमान ने दिया है। कांग्रेस के राष्ट्रीय नेताओं के साथ चरणजीत चन्नी को तरजीह देने को पार्टी की तरफ से सिद्धू के लिए भी इशारा समझा जा रहा है। इससे पहले कांग्रेस ने चन्नी को चमकौर साहिब के साथ बतौर सीट से भी टिकट देकर विरोधियों समेत कांग्रेस को भी चौंका दिया था। चन्नी के सहारे कांग्रेस पंजाब में करीब 32% दलित वोट बैंक पर नजर जमाए बैठी है। कैप्टन अमरिंदर सिंह को हटाने के बाद कांग्रेस ने अचानक बिना किसी दावे के चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री बना दिया था।

पंजाब-छत्तीसगढ़ के सीएम स्टार प्रचारक, राजस्थान में गहलोत की छुट्टी
उत्तराखंड के स्टार प्रचारकों की सूची के लिए सिद्धू गुट के गुस्से पर यह तर्क देकर ठंडा पानी डाला जा रहा है कि सूची में कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों को शामिल किया गया है। पंजाब और छत्तीसगढ़ के कांग्रेसी मुख्यमंत्री तो इस सूची में हैं, लेकिन राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की छुट्टी कर दी गई है। इनकी जगह कभी डिप्टी सीएम रहे सचिन पायलट को तवज्जो दी गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गहलोत को स्टार प्रचारकों में शामिल न करके कहीं न कहीं उनको यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि पार्टी उनसे खुश नहीं है। पंजाब-छत्तीसगढ़ की तरह स्टार प्रचारकों में सीएम को तवज्जो देने का नियम यहां कांग्रेस ने खुद ही तोड़ डाला है।

पायलट को ‘काम’ देकर पार्टी में बचाए रखने की कोशिशें
दरअसल, गहलोत-पायलट विवाद में मुख्यमंत्री ने हाईकमान की एक नहीं सुनी और मनचाही कार्यशैली में काम किया। इस सारी लड़ाई में पायलट के हिस्से कुछ नहीं आया। उस समय कैप्टन के विद्रोह के चलते कांग्रेस गहलोत के खिलाफ भी कोई कदम उठाने से बची थी। पायलट के अब पांच राज्यों के चुनाव में ‘काम’ देकर फिर से राहुल के करीब लाने की कोशिश की जा रही हैं। कांग्रेस को खटका है कि अन्य युवा कांग्रेसियों की तरह सचिन पायलट भी कहीं बीजेपी का दामन थामकर भगवा रंग में न रंग जाएं। राज्य में अगले साल ही चुनाव हैं। सचिन पासा पलटते हैं तो बीजेपी का पलड़ा भारी हो जाएगा।

 

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