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मंदिर में गांववालों को गाली देने वाले शिवसेना के विधायक भास्कर जाधव ने 12 बीजेपी विधायकों को किया सस्पेंड

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महाराष्ट्र विधानसभा में चल रहे दो दिवसीय मॉनसून सत्र में सोमवार यानि 05 जुलाई, 2021 को OBC आरक्षण पर बहस के बीच जोरदार हंगामा हो गया। इस दौरान शिवसेना विधायक और टेबल प्रेसिडेंट भास्कर जाधव ने अपने साथ “दुर्व्यवहार” के आरोप में बीजेपी के 12 विधायकों को एक साल के लिए निलंबित कर दिया। लेकिन हैरानी की बात यह है कि विधानसभा में बीजेपी विधायकों पर कार्रवाई करने वाले भास्कर जाधव कितने शिष्टाचारी है, इसका पता अक्टूबर 2020 में वायरल एक वीडियो से चलता है। 

इस वायरल वीडियों में विधायक भास्कर एक मंदिर में गुस्से में गालियां देते नजर आ रहे हैं। दरअसल यह वीडियो रत्नागिरी का है, जहां विधायक जाधव शारदादेवी के मंदिर में आपा खो बैठे और ग्रामीणों के साथ गाली-गलौज करने लगे। इस दौरान एक बुजुर्ग व्यक्ति ने विधायक की गुंडागर्दी और सत्ता के घमंड को कैमरे में कैद करने की कोशिश की तो उसके साथ मारपीट की। यह सब उस समय हुआ, जब शारदा देवी मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों और ग्रामीणों की समिति के बीच बैठक हो रही थी। 

गुहागर विधानसभा क्षेत्र के विधायक भास्कर जाधव चिपलून तालुका के तुरंबव के रहने वाले हैं। यहीं से शारदा देवी मंदिर ट्रस्ट और ग्राम समिति के पदाधिकारियों की बैठक हुई थी। नवरात्र समारोह की पृष्ठभूमि में चल रही सभा में अचानक भास्कर जाधव आ गए। उन्होंने बैठक में आमंत्रित नहीं करने का आरोप लगाकर हंगामा खड़ा कर दिया और मौजूद लोगों के साथ उलझ पड़े।

इस घटना से पता चलता है कि भास्कर जादव किस तरह सत्ता के अहंकर में डूबे हुए हैं। इसी का नतीजा है कि भास्कर जाधव ने टेबल प्रेसिडेंट के पद का दुरुपयोग करते हुए बीजेपी विधायकों को निलंबित कर दिया। हालांकि भास्कर जाधव के आरोपों को सरासर झूठ बताते हुए नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि एक भी बीजेपी विधायक ने गालियां नहीं दी हैं। सीसीटीवी फुटेज या रिकॉर्डिंग सामने लाएं। उल्टा मुझपर विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव भी लाया गया तो चलेगा। मैं स्पष्ट कहता हूं कि भास्कर जाधव ने खुद काफ़ी ग़लत बातें की हैं।

फडणवीस ने कहा कि दरअसल इसने उजागर कर दिया कि ओबीसी आरक्षण महाविकास आघाडी सरकार की नाकामियों की वजह से गया है। इसीलिए यह जानबूझ कर मैन्यूफैक्चर्ड कार्रवाई है। हमारे विधायकों के निलंबन की स्टोरी रची गई। हमें यह पहले ही शक था। शक सही सिद्ध हुआ। 12 तो क्या 106 विधायकों पर भी कार्रवाई हुई तो हमारी लड़ाई जारी रहेगी।

 

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