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कोरोना काल में गरीब कल्याण रोजगार अभियान के तहत रेलवे ने दिया 10 लाख दिन मजदूरों को काम

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार कोरोना संकट काल में भी आम लोगों का पूरा ख्याल रख रही है। कोरोना काल में भारतीय रेलवे ने गरीब कल्याण रोजगार अभियान के तहत 25 सितंबर तक प्रवासी मजदूरों के लिए कुल 10,66,246 कार्यदिवस सृजित किए। रेलवे के अनुसार, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में लगभग 164 रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पर काम किया जा रहा है।

इस अभियान के तहत 25 सितंबर तक 12,276 श्रमिकों को जोड़ा गया और परियोजनाओं के लिए ठेकेदारों को 2190.7 करोड़ रुपये जारी किए गए। रेलवे ने प्रत्येक जिले के साथ ही राज्यों में भी नोडल अधिकारी नियुक्त किए हैं ताकि राज्य सरकारों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सके। रेल मंत्री पीयूष गोयल खुद इस परियोजना के तहत प्रवासी मजदूरों के लिए काम के अवसरों में हुई प्रगति की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं।

परियोजना के तहत रेलवे की ओर से कई तरह के कार्यों का निष्पादन किया जा रहा है जिसमें
1. लेवल क्रॉसिंग तक के लिए सड़कों का निर्माण और रखरखाव
2. रेल प​टरियों के किनारे बने नालों, खाइयों और सिल्टेज जलमार्गों की साफ सफाई और उन्हें बेहतर बनाया जाना
3. रेलवे स्टेशनों तक पहुंचने के लिए सड़कों का निर्माण और उनका रखरखाव
4. रेल पटरियों के किनारे के जमीनी हिस्सों की मरम्मत, कटिंग और उन्हें चौड़ा किया जाना
5. रेलवे की भूमि के आखिरी छोर में वृक्षारोपण करना और
6. रेल पटरियों के किनारे के मौजूदा जमीनी हिस्सों की मरम्मत, कटिंग और पुलों से संबधित सरंक्षण कार्य शामिल हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कोरोना के प्रभाव को झेलने वाले प्रवासी श्रमिकों के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के असवर उपलब्ध कराने के लिए 20 जून को गरीब कल्याण रोजगार अभियान शुरु किए जाने की घोषणा की थी। इस अभियान के तहत ऐसे प्रवासी श्रमिकों के लिए रोजगार के अवसर बनाए गए हैं जो कोरोना के कारण अपने गांव और राज्यों को लौट गए ​थे। प्रधानमंत्री मोदी ने घोषणा की थी कि गरीब कल्याण रोजगार अभियान के तहत टिकाऊ ग्रामीण बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए 50,000 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी।

कुल 125 दिनों का यह अभियान मिशन मोड में चलाया जा रहा है। इसके तहत उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, झारखंड और ओडिशा के ऐसे 116 जिलों में 25 विभिन्न प्रकार के कार्य और निर्माण गतिविधियां शामिल की गई हैं जहां बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर अपने घरों को लौटे हैं। इन जिलों में चलाए जा रहे सार्वजनिक निर्माण कार्यों के लिए 50 हजार करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

यह अभियान 12 विभिन्न मंत्रालयों और विभागों का एक समन्वित प्रयास है जिसमें ग्रामीण विकास, पंचायती राज, सड़क परिवहन और राजमार्ग, खान, पेयजल और स्वच्छता, पर्यावरण, रेलवे, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा, सीमा सड़क संगठन, दूरसंचार और कृषि मंत्रालय सहयोग कर रहे हैं। इस अभियान के तहत 25 तरह के सार्वजनिक निर्माण कार्यों और आजीविका के अवसरों से जुड़े कार्यों को तेजी से पूरा करने का काम किया जा रहा है।

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