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दुल्हन की तरह सजी काशी नगरी, वाराणसी 11 लाख दीपों से होगी जगमग, अयोध्या के बाद काशी में भी बनेगा रिकार्ड, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काल भैरव के दर्शन कर गंगा में आस्था की डुबकी लगाई

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काशी आज भव्यता और दिव्यता की साक्षी बनेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वप्नदृष्टा के रूप में काशी के लिए जो स्वप्न देखा था, वह आज साकार होने जा रहा है। प्रधानमंत्री ने काशी के जनप्रतिनिधि के रूप में यहां विकास की गंगा बहाई और अब गंगा पुत्र के रूप में श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर को लोकार्पित करेंगे। इस मौके पर काशी को इतिहास में पहली बार 11 लाख दीपों से जगमग किया जाएगा, जो एक रिकॉर्ड होगा। इससे पहले दिवाली के मौके पर अयोध्या नगरी को जगमग किया गया था।

पीएम मोदी ने काल भैरव के दर्शन किए, गंगा में आस्था की डुबकी लगाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को सुबह काशी पहुंचे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत किया। पीएम मोदी ने सबसे पहले काशी के कोतवाल काल भैरव के दर्शन किए। काल भैरव की आरती की। इसके बाद श्री काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर और घाटों के सौंदर्यीकरण के कार्यों का अवलोकन किया। योगी आदित्यनाथ के साथ पीएम मोदी राजघाट से ललिता घाट के लिए क्रूज से गए। इसके बाद उन्होंने ललिता घाट पर आस्था की डुबकी लगाई। वहां से पवित्र गंगा जल को कलश में भरकर काशी विश्वनाथ को अर्पित किया।

पांच लाख घरों पर जब दीप जलेंगे तो रात को काशी जगमगाएगी
इस मौके पर ऐतिहासिक धरोहरें, बड़ी-बड़ी इमारतें, सरकारी भवन, पानी की टंकियां, पटरियों पर लगे पेड़-पौधे, चौराहे, गंगा के साथ ही वरुणा व असि पर बने पुल, फ्लाइओवर, आरओबी, रेलवे व रोडवेज स्टेशन सभी प्रकाशित रहेंगे। थल व आकाश के बाद गंगा जल को भी प्रकाशमय किया जाएगा। गुनगुनाती शांत लहरों पर तैरती नावें भी सजी-धजी होंगी, जिनकी रफ्तार से जलतरंग की धुन सुनाई देगी। जिले के पांच लाख घरों पर जब दीप जलेंगे तो रात को भी काशी दिन की तरह प्रकाशित दृष्टिगोचर होगी। नगर की मुख्य सड़कें ही नहीं बल्कि गलियां भी झालरों की ज्योति से प्रकाशित होंगी।

वाराणसी में देव दीपावली व दीपावली का संगम पर्व होगा
इसमें तनिक भी संशय नहीं है कि काशी का ऐसा नजारा कभी किसी ने नहीं देखा होगा, जिस भव्यता को आज दुनिया देखने वाली है। आप इसे ऐसे कह सकते हैं कि प्राचीन काशी में पहली बार ‘शिव दीपावली’ मनाई जाएगी। यह देव दीपावली व दीपावली का संगम पर्व होगा । देवालयों से लेकर आवास तक सजेंगे। गंगा के दोनों किनारे 11 लाख दीपों से जगमग होंगे। उत्सव का उत्साह यहीं नहीं थमेगा, घाटों पर आतिशबाजी की जाएगी ताकि आकाश भी चमक जाए।

प्रतियोगिता भी होंगी, बेहतरीन सजावट के लिए मिलेगा पुरस्कार
कमिश्नर दीपक अग्रवाल के मुताबिक श्रीकाशी विश्वनाथ धाम लोकार्पण के अवसर पर गंगा घाट समेत शहर में बेहतरीन सजावट की जाएगी। दीप जलेंगे तो झालर लगाए जाएंगे। इसमें उत्कृष्ट सजे भवनों को प्रमाण पत्र के साथ पुरस्कृत किया जाएगा। 13 दिसंबर को आयोजित शिव दीपावली में विभिन्न प्रतियोगिताएं होंगी। इसमें भवनों की आकर्षक सज्जा के लिए भी प्रतियोगिता कराई जाएगी। इसमें सरकारी भवन, व्यवसायिक भवन, निजी भवन सभी को शामिल किया गया है। उत्कृष्ट सजावट के लिए शीर्ष तीन भवनों का चयन किया जाएगा। प्रथम स्थान पर आए भवन स्वामी को 51 हजार, द्वितीय स्थान को 21 हजार व तृतीय स्थान पर 11 हजार रुपये की धनराशि पुरस्कार के तौर पर दी जाएगी। साथ ही प्रमाण-पत्र भी दिया जाएगा। यह प्रतियोगिता शहर के 90 वार्डों के बीच भी होगी।

राम की पैड़ी पर जलाए गए 9.45 लाख दीप
प्रधानमंत्री की प्रेरणा से दीपावली पर अयोध्या में जगमग दीपों का रिकार्ड बनाया गया था। काबिले जिक्र है कि सरयू किनारे राम की पैड़ी पर दीपावली की पूर्व संध्या पर एक बार फिर जैसे त्रेतायुग जीवंत हो उठा। योगी सरकार के पांचवें दीपोत्सव के तहत 9 लाख 54 दीप एक साथ प्रज्वलित हुए तो न केवल गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड बना, बल्कि एक बार फिर अद्भुत…अप्रतिम…दिव्य अयोध्या के दर्शन भी हुए। इन दीयों को जलाने में करीब 40 मिनट का समय लगा। विदेशी राजदूतों समेत दस हजार मेहमान और बीस हजार से अधिक युवा तो इन पलों के साक्षी थे ही, ई-प्लेटफॉर्म पर करोड़ों दर्शक भी इसके गवाह बने। अयोध्या में भव्य दीपोत्सव कार्यक्रम का आयोजन हुआ और राम की नगरी को 32 टीमों ने मिलकर 12 लाख दीये जलाए। 12 लाख दीयों को जलाने के लिए 36 हजार लीटर सरसों के तेल का इस्तेमाल हुआ।

  • काशी के कॉरिडोर में एक साथ दो लाख लोग आ सकेंगे
  • 33075 वर्ग फीट में मंदिर परिसर है। पूरा कॉरिडोर 5.2 लाख वर्ग फीट में बन रहा है।
  • कॉरिडोर में मकराना, चुनार के लाल बलुआ पत्थर समेत सात विशेष पत्थरों का इस्तेमाल
  • 24 भवन तैयार हैं। विश्राम गृह, म्यूजियम, सिक्योरिटी हाल व पुस्तकालय भी बन रहे है।

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