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जुलाई में औपचारिक रोजगार सृजन में वृद्धि, EPFO ने 18.23 लाख नए सब्सक्राइबर्स जोड़े

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नेतृत्व में केंद्र सरकार की नीतियों के कारण देश में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़े हैं। देश में रोजगार की स्थिति बेहतर हुई है। कोरोना महामारी और रूस-यूक्रेन संकट के दौरान भी कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से जुड़ने वाले नए सदस्यों की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई है। ईपीएफओ की ओर से जारी पेरोल डेटा के अनुसार ईपीएफओ ने जुलाई 2022 के दौरान कुल 18.23 लाख नए ग्राहक बनाए हैं। पेरोल डेटा के अनुसार यह पिछले साल के जुलाई, 2021 से 24.48 प्रतिशत अधिक है।

जुलाई में जुड़े 18.23 लाख सदस्यों में से 10.58 लाख नए सदस्य हैं। इसमें से 57.69 प्रतिशत 18-25 वर्ष आयु- वर्ग के हैं। यह दिखाता है कि संगठित क्षेत्र के कार्यबल में रोजगार के इच्छुक बहुत से लोग पहली बार बड़ी संख्या में शामिल हो रहे हैं।

जुलाई माह के दौरान लगभग 4.06 लाख नए महिला पेरोल जोड़े गए। जो पिछले साल जुलाई, 2021 के दौरान महिला नामांकन के सदस्यों की संख्या से 34.84 प्रतिशत ज्यादा है। साथ ही जुलाई, 2022 के दौरान महिला नामांकन का हिस्सा कुल ग्राहकों की संख्या का लगभग 27.54 प्रतिशत है।

पेरोल के आंकड़ों की राज्य-वार डेटा में महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, हरियाणा, गुजरात और दिल्ली राज्यों के प्रतिष्ठान महीने के दौरान लगभग 12.46 लाख नए ग्राहक बनाकर सबसे आगे हैं, जो कि सभी आयु समूह में कुल नए पेरोल का लगभग 68.36 प्रतिशत है।

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन संगठित क्षेत्र में 15,000 रुपये से अधिक का मूल वेतन पाने वाले और कर्मचारी पेंशन योजना-1995 (EPS-95) के तहत अनिवार्य रूप से नहीं आने वाले कर्मचारियों के लिए एक नई पेंशन योजना लाने पर विचार कर रहा है। वर्तमान में संगठित क्षेत्र के वे कर्मचारी जिनका मूल वेतन (मूल वेतन और महंगाई भत्ता) 15,000 रुपये तक है, अनिवार्य रूप से ईपीएस-95 के तहत आते हैं। एक अनुमान के अनुसार, पेंशन योग्य वेतन बढ़ाने से संगठित क्षेत्र के 50 लाख और कर्मचारी ईपीएस-95 के दायरे में आ सकते हैं।

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