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गांधी परिवार ने फिर देशवासियों का किया अपमान, राहुल गांधी ने दीया-टॉर्च पर कसा तंज

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कोरोना संकट का सामना करने के लिए पूरा देश एकजुट है। इसका नजारा रविवार रात नौ बजे देखने को मिला। प्रधानमंत्री मोदी की अपील पर हर वर्ग और समुदाय के लोगों ने दीप जलाकर कोरोना के खिलाफ लड़ाई में अपनी एकजुटता प्रदर्शित की। लेकिन कांग्रेस और उसके नेताओं ने इस अभियान से अपनी दूरी बनाये रखी। यहां तक कि राहुल गांधी ने ट्वीट कर दीया-टॉर्च जलाने के प्रधानमंत्री मोदी की अपील पर तंज कसा। राहुल गांधी ने अपने तंज के जरिए कोरोना के खिलाफ प्रधानमंत्री मोदी के देशव्यापी अभियान को न सिर्फ हल्के में लिया, बल्कि देशवासियों की भावनाओं का अपमान भी किया।

मोदी सरकार पर तंज कसते हुए राहुल गांधी ने ट्विटर पर एक तस्वीर भी शेयर की। इसमें उन्होंने यह दिखाने की कोशिश की कि भारत में कोरोना वायरस से निपटने के लिए दीपक, टॉर्च और बर्तन का इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि दुनिया में इस घातक वायरस से निपटने के लिए मास्क, सैनिटाइजर, ग्लव्स और साबुन का इस्तेमाल किया जा रहा है।

इससे पहले राहुल गांधी की मां और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा था, ‘लगातार और विश्वसनीय ढंग से चिकित्सा जांच करने के अलावा कोविड-19 से लड़ने का कोई दूसरा विकल्प नहीं है। हमारे चिकित्सकों, नर्सों और स्वास्थ्यकर्मियों को सभी तरह का सहयोग मिलना चाहिए।’ 

उधर कांग्रेस सांसद और वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने भी चुटकी ली। उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर एक पोस्ट ट्वीट किया। उन्होंने लिखा कि घंटी हो गई, दीया हो गया, हो गया दक्षिणा दान… क्या एक बार में कर सकते हैं, सब पूजन विधि विधान।

जिस तरह राहुल गांधी, सोनिया गांधी और शशि थरूर ने प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों और कोरोना से लड़ने के लिए किए जा रहे उपायों को कमतर बताया है, उससे सवाल उठता है कि क्या सिर्फ हथियारों के बल पर कोई सेना जंग जीत सकती है ? क्या जंग जीतने के लिए सैनिकों के हौसले, इच्छाशक्ति और एकजुटता का कोई मतलब नहीं है ? प्रधानमंत्री मोदी ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। देशवासियों को कोरोना की चपेट में आने से बचाने के लिए हर तरह के कदम उठा रहे हैं। मास्क, सेनेटाइजर से लेकर टेस्ट लैब्स तक की सुविधाएं बढ़ाई जा रही है। वहीं संक्रमित लोगों को इलाज के लिए क्वारंटाइन में रखा जा रहा है। 

इनके अलावा कोरोना के खिलाफ लड़ने वाले लोगों के सम्मान में ताली और थाली बजवाने के साथ ही लोगों में जागरुकता पैदा करने और एकजुटता के लिए दीपक भी जलाया गया। कोरोना को फैलने से रोकने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग, जनता कर्फ्यू और लॉकडाउन जैसे कदम उठाए गए हैं।

कोरोना प्रकोप से निपटने को लेकर नरेन्द्र मोदी सरकार के प्रयासों की आज पूरी दुनिया में प्रशंसा हो रही है। जहां अमेरिका, इटली और स्पेन समेत कई देशों में यह बीमारी महामारी बन चुकी है, वहीं भारत में स्थिति नियंत्रण में है। WHO के COVID-19 के विशेष प्रतिनिधिन डेविड नबैरो ने एनडीटीवी के साथ बातचीत में भारत की प्रशंसा की है। उन्होंने कहा कि कोरोना को लेकर विश्व के अन्य देशों ने जहां लापरवाही बरती,वहीं भारत ने कड़े उठाए हैं और कोरोना के खिलाफ लड़ाई में भारत अन्य देशों से आगे है।

उन्होंने कहा कि हम बिना किसी कारण किसी की प्रशंसा नहीं करते हैं। हम उन देशों की बात कर रहे हैं जो कार्रवाई कर स्थिति को गंभीरता से ले रहे हैं। कोरोना के खिलाफ लड़ाई में आप जितनी जल्दी कार्रवाई करेंगे, उतना ही सफल होंगे और भारत जानता है कि यह कैसे करना है।

पीएम मोदी द्वारा दिखाई गई सजगता और तत्परता का परिणाम है कि साधन संपन्न विकसित देशों के मुकाबले भारत में कोरोना का कम कहर देखने को मिल रहा है। जहां पूरी दुनिया में कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या करीब 13 लाख और मरने वालों की संख्या करीब 70 हजार तक पहुंच गई है, वहीं भारत में स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़े के अनुसार, देश में इस खतरनाक वायरस के अब तक 4,067 पॉजिटिव केस आ चुके हैं। इस बीमारी से 292 लोग ठीक हो गए हैं। कुल 66 विदेशी भी इस बीमारी से पीड़ित हैं। अब तक 109 मरीजों ने कोरोना से जान गंवाई है।

 

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