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Year Ender 2023: पीएम मोदी की प्रेरणा से सेना में नारीशक्ति का जलवा, 10 महिला अफसरों ने कमांडर की भूमिका निभाकर रचा इतिहास

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से आज देश की बेटियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। खेल का मैदान हो या जंग का मैदान या फिर सरहद की सुरक्षा, हर मोर्चे पर देश की बेटियां देश का सिर ऊंचा कर रही हैं। इस दौरान बेटियां एक से एक रिकॉर्ड बनाती जा रही हैं। पीएम नरेंद्र मोदी महिलाओं की शिक्षा, रोजगार, उत्थान, सम्मान और आत्मविश्वास में बढ़ोत्तरी के लिए निरंतर प्रयासरत रहे हैं। पीएम मोदी का विश्वास है कि महिलाओं की प्रगति के बिना राष्ट्र की प्रगति संभव नहीं है। महिलाओं के सशक्तिकरण को बढ़ाने के उद्देश्य से मोदी सरकार ने दूरगामी योजना के तहत सैन्य सेवाओं में महिलाओ के बड़े स्तर पर प्रवेश और उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए कई प्रभावी कदम उठाए हैं। इनमें एक महत्वपूर्ण निर्णय यह लिया गया कि भारतीय सेना में महिला अधिकारियों को भी कमांडर की भूमिका मिले जिससे वे अपनी टीम को लीड कर सकें। इसी का नतीजा है कि साल 2023 में महिला अफसरों ने ऐसे पदों को संभाल कर इतिहास रच दिया जिन पदों को अब तक पुरुष ही संभालते रहे थे।

मोदी राज में महिला सैन्य अधिकारियों को मिल रही है अहम भूमिका
मोदी सरकार के कार्यकाल में महिला सैन्य अधिकारियों को अहम भूमिका पर तैनात किया जा रहा है। इस साल जापान के साथ आयोजित एयरफोर्स एक्सरसाइज में पहली बार महिला फाइटर फायलट अवनी चतुर्वेदी सम्मिलित हुई। यह किसी भी विदेशी जमीन पर आयोजित ज्वाइंट एक्सरसाइज में महिला एयरफोर्स पायलट के शामिल होने का पहला मामला था। तुर्की में आए भीषण भूकंप के दौरान मेजर डॉ. बीना तिवारी की सेवाओं ने संपूर्ण विश्व के सामने भारत की छवि को नई ऊंचाईयों पर पहुंचाया। दुनिया के सबसे ऊंचे बैटलफील्ड सियाचिन ग्लेशियर में कैप्टन शिवा चौहान ने साबित कर दिया कि महिलाएं किसी भी दुर्गम क्षेत्र में चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं। वर्षों तक सीमावर्ती इलाको में अहम भूमिका सिर्फ पुरुष अधिकारियों को दी जाती थीं लेकिन मोदी सरकार ने महिलाओं की वीरता, आत्मविश्वास और हौसले को नई उड़ान देते हुए अहम भूमिका देने की शुरुआत की है। 

साल 2023 में 10 महिला अफसरों ने उन पदों को संभाला जिन पर अब तक पुरुषों का वर्चस्व था। इस पर एक नजर –

1. प्रेरणा देवस्थलीः भारतीय नौसेना के युद्धपोत की कमान संभालने वाली पहली महिला अधिकारी
नौसेना ने लेफ्टिनेंट कमांडर प्रेरणा देवस्थली को 2 दिसंबर 2023 को युद्धपोत की कमान संभालने वाली पहली महिला अधिकारी नियुक्त किया है। भारतीय नौसेना ने यह फैसला जाति, पंथ, धर्म और लिंग की परवाह किए बिना सभी कर्मियों को अवसर प्रदान करने के भारतीय सशस्त्र बल के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए किया है। प्रेरणा देवस्थली, फिलहाल युद्धपोत आईएनएस चेन्नई पर प्रथम लेफ्टिनेंट के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें भारतीय नौसेना के पश्चिमी बेड़े में वॉटरजेट एफएसी आईएनएस ट्रिंकट के कमांडिंग ऑफिसर के रूप में चुना गया है। लेफ्टिनेंट कमांडर प्रेरणा को एक अन्य टोही विमान, पी8आई पर अपनी सेवा के बाद, समुद्री टोही विमान टुपोलेव टीयू-142 पर पहली महिला पर्यवेक्षक होने का गौरव प्राप्त हुआ है। नौसेना की यह घोषणा महिला कर्मियों के लिए ‘सभी भूमिकाएं-सभी रैंक’ दर्शन के प्रति भारतीय सशस्त्र बलों की प्रतिबद्धता के अनुरूप है। 2009 में भारतीय नौसेना में शामिल हुईं प्रेरणा एक नौसैनिक परिवार से ताल्लुक रखती हैं।

2. मनीषा पाढ़ीः देश की पहली महिला एडीसी बनी, रचा इतिहास
वायु सेना की एक महिला अधिकारी स्क्वाड्रन लीडर मनीषा पाढ़ी को 29 नवंबर 2023 को भारतीय सशस्त्र बल में भारत की पहली महिला सहायक-डी-कैंप (एडीसी) के रूप में नियुक्त किया गया है। इसी के साथ मनीषा पाढ़ी देश की पहली महिला एडीसी बन गई हैं। मिजोरम के राज्यपाल डॉ हरि बाबू कुंभपति ने साल 2015 बैच की वायु सेना अधिकारी रहीं मनीषा पाढ़ी को पहली महिला एडीसी के रूप में नियुक्त किया हैं। भारत में एड-डी-कैंप एक ऐसे सम्मान की उपाधि है, जिसे पोस्ट-नॉमिनल लेटर एडीसी से सम्मानित किया जाता हैं। भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना के प्रमुख सहित सेवा प्रमुखों के पास आमतौर पर तीन सहायक डे-कैंप होते हैं और राष्ट्रपति के पास पांच सहायक डे-कैंप होते हैं।

3. सुनीता बीएसः दिल्ली कैंट की पहली महिला कमांडिग अफसर बनी
सेना मेडिकल कोर की अधिकारी कर्नल सुनीता बीएस ने 21 नवंबर 2023 को सशस्त्र बल रक्त-संचार केन्द्र, दिल्ली कैंट की पहली महिला कमांडिग आफीसर बनकर इतिहास रच दिया। इससे पहले उन्होंने अरूणाचल प्रदेश में रणनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण फील्ड हास्पिटल में कमांडिग आफीसर की चुनौतीपूर्ण भूमिका को बखूबी निभाया जहां उन्होंने युद्ध क्षेत्र की सबसे बेहतर संभावित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराईं। रोहतक के स्नातकोत्तर चिकित्सा विज्ञान संस्थान से स्नातक, कर्नल सुनीता रोग विज्ञान में स्नातकोत्तर (एमडी और डीएनबी) डिग्री धारक हैं।

4. शुचिता शेखरः मैकेनिकल ट्रांसपोर्ट बटालियन की कमांड संभालने वाली पहली महिला अधिकारी
लेडी कमांडर कर्नल शुचिता शेखर ऐसी पहली वुमेन आर्मी आफीसर बन गई हैं, जिन्हें कम्युनिकेशन जोन मैकेनिकल ट्रांसपोर्ट बटालियन की कमांड 5 जून 2023 को सौंपी गई है। कर्नल शुचिता शेखर सेना सेवा कोर की पहली महिला अधिकारी बन गई हैं, जिन्होंने पूरी तरह से परिचालन उत्तरी कमान की आपूर्ति श्रृंखला के रखरखाव के लिए जिम्मेदार कम्युनिकेशन जोन मैकेनिकल ट्रांसपोर्ट बटालियन की कमान संभाली है। पठानकोट स्थित ‘कम्युनिकेशन जोन मैकेनिकल ट्रांसपोर्ट बटालियन’ का प्रभार कर्नल शेखर ने कर्नल एनपीएस संधू से ग्रहण किया है।

5. पांच महिला अधिकारीः पहली बार लड़ाकू रेजिमेंट में किया गया शामिल
भारतीय सेना की आर्टिलरी रेजिमेंट में पहली बार 29 अप्रैल 2023 में महिलाओं को मौका मिला है। आर्टिलरी रेजिमेंट में आज पांच महिला अधिकारियों को कमीशन किया गया है। ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी (OTA) चेन्नई में सफल प्रशिक्षण के बाद ये महिला अधिकारी आर्टिलरी रेजिमेंट का हिस्सा बन गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, इन्हें सभी प्रकार की आर्टिलरी इकाइयों में शामिल किया जाएगा। रेजिमेंट ऑफ आर्टिलरी में शामिल होने वाली महिला अधिकारियों में लेफ्टिनेंट महक सैनी, लेफ्टिनेंट साक्षी दुबे, लेफ्टिनेंट अदिति यादव और लेफ्टिनेंट पवित्र मुदगिल शामिल हैं। पांच महिला अधिकारियों में से तीन को चीन की सीमा पर तैनात इकाइयों में तैनात किया गया है और अन्य दो को पाकिस्तान से लगती सीमा के पास “चुनौतीपूर्ण स्थानों” पर तैनात किया गया है।

6. दीपिका मिश्राः वीरता पुरस्कार पाने वाली वायुसेना की पहली महिला अधिकारी बनीं
विंग कमांडर दीपिका मिश्रा 20 अप्रैल 2023 को भारतीय वायुसेना का गैलेंटरी अवॉर्ड (वीरता पुरस्कार) पाने वाली पहली महिला अधिकारी बन गईं। राजस्थान की कोटा की रहने वाली हेलीकॉप्टर पायलट मिश्रा को मध्य प्रदेश में बाढ़ राहत अभियान के दौरान ‘अदम्य साहस’ का प्रदर्शन करने के लिए वायुसेना मेडल (गैलेंटरी) से अलंकृत किया गया है। दीपिका ने मध्य प्रदेश में बाढ़ राहत अभियान के दौरान 47 से ज्यादा लोगों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई थी। दीपिका मिश्रा साल 2006 में भारतीय वायुसेना की कोटा से पहली महिला फ्लाइंग अफसर बनी थी। दीपिका सारंग टीम की भी पहली महिला अफसर रही हैं।

7. गीता राणाः लद्दाख में फील्ड वर्कशॉप को कमांड करने वाली पहली महिला अधिकारी बनी
भारतीय सेना के कॉर्प्स ऑफ इलेक्ट्रोनिक्स एंड मकैनिकल इंजीनियर्स की कर्नल गीता राणा ने इतिहास रच दिया है। वह 9 मार्च 2023 को पूर्वी लद्दाख के अग्रिम मोर्चे पर फील्ड वर्कशॉप को कमांड करने वाली भारतीय सेना की पहली महिला अधिकारी बन गई हैं। भारतीय सेना ने महिला अधिकारियों को भी कमांडर की भूमिका में लेने की मंजूरी दी है। जिसके बाद कर्नल गीता यह उपलब्धि पाने वाली पहली महिला अधिकारी बन गई हैं। कर्नल गीता चीन सीमा पर तैनात स्वतंत्र फील्ड वर्कशॉप को कमांड करेंगी।

8. शालिजा धामीः वायुसेना में लड़ाकू इकाई की पहली महिला कमांडर बनी
भारतीय वायुसेना ने ग्रुप कैप्टन शालिजा धामी को 8 मार्च 2023 को पश्चिमी सेक्टर में अग्रिम लड़ाकू इकाई का कमांडर नियुक्त किया है। वह वायुसेना में लड़ाकू इकाई की पहली महिला कमांडर होंगी। ग्रुप कैप्टन धामी 2003 में हेलीकाप्टर पायलट के रूप में वायुसेना में भर्ती हुई थीं और उन्हें 2,800 घंटों से ज्यादा का उड़ान अनुभव है। वह क्वालीफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर भी हैं और पश्चिमी सेक्टर में हेलीकाप्टर यूनिट की फ्लाइट कमांडर रह चुकी हैं। वह वर्तमान में एक अग्रिम कमान मुख्यालय की आपरेशंस ब्रांच में पदस्थ हैं।

9. सुरभि जाखमोलाः पहली बार भारत की बेटी विदेश में संभालेगी BRO का असाइनमेंट
सुरभि पहली महिला अधिकारी हैं जिनकी सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के किसी विदेशी प्रोजेक्ट पर तैनाती की गई है। भारतीय सेना अधिकारी कैप्टन सुरभि जाखमोला को 11 जनवरी 2023 को भूटान में बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन के प्रोजेक्ट दंतक में तैनात किया गया है। वह बीआरओ में विदेशी असाइनमेंट पर तैनात होने वाली पहली महिला अधिकारी हैं। बीआरओ भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों और मैत्रीपूर्ण पड़ोसी देशों में सड़क नेटवर्क को तैयार और उसका रखरखाव करता है। ये भारतीय सेना के साथ करीबी में रहते हुए सड़कों का निर्माण करता है। इसके लिए भारतीय सेना के कोर ऑफ इंजीनियर्स, इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल इंजीनियर्स, आर्मी सर्विस कॉर्प्स, मिलिट्री पुलिस के जवानों और अधिकारियों द्वारा काम किया जाता है।

10. शिवा चौहानः सियाचिन में तैनात होने वाली पहली महिला कैप्टन
कैप्टन शिवा चौहान 2 जनवरी 2023 को दुनिया की सबसे ऊंची युद्धक्षेत्र सियाचिन में सक्रिय रूप से तैनात होने वाली पहली महिला अधिकारी बनीं हैं। सियाचिन बैटल स्कूल में कैप्टन शिवा चौहान को कठोर प्रशिक्षण दिया गया था, जिसमें बर्फ की दीवार पर चढ़ना, हिमस्खलन और हिमस्खलन बचाव के अभ्यास शामिल थे। कैप्टन शिव चौहान इस साल 2 जनवरी को एक कठिन चढ़ाई के बाद सियाचिन ग्लेशियर में शामिल हुई थीं। फायर एंड फ्यूरी सैपर्स की कैप्टन शिवा चौहान दुनिया के सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र सियाचिन में कठिन प्रशिक्षण पूरा करने के बाद कुमार पोस्ट में ऑपरेशनल रूप से तैनात होने वाली पहली महिला अधिकारी बनीं। उन्होंने कहा कि आजकल नौकरी के सभी क्षेत्रों में महिला अधिकारियों को पर्याप्त अवसर दिए जाते हैं और वे अपने पुरुष समकक्ष के बराबर समान रूप से कार्यरत हैं। पीएम मोदी ने 3 जनवरी को उनकी तैनाती पर सराहना कहा कि थी। उन्होंने ट्वीट किया, “यह भारत की नारी शक्ति की भावना को दर्शाते हुए हर भारतीय को गौरवान्वित करेगा।”

पीएम मोदी की पहल से महिलाओं के लिए सेना में अनेक अवसर खुले हैं और उचित सम्मान मिल रहा है।

कर्नल अर्चना सूद के हाथ में अब बॉर्डर रोड टास्क फोर्स की कमान
बीआरओ प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल राजीव चौधरी ने 17 फरवरी 2023 को कर्नल अर्चना सूद को 756 टास्क फोर्स का बैटन सौंपा। कर्नल सूद बॉर्डर रोड टास्क फोर्स की कमान संभालने वाली पहली महिला अधिकारी बनीं और अरुणाचल के चुनौतीपूर्ण सीमावर्ती क्षेत्रों में रणनीतिक बुनियादी ढांचे के विकास के लिए जिम्मेदार होंगी। इससे पहले वह 7 इंजीनियर रेजिमेंट, मद्रास सैपर्स में तैनात होने वाली पहली महिला अधिकारी, 2004 में सीडीएसी पुणे में ए ग्रेडिंग, कोर पुलिस ऑफ मिलिट्री पुलिस में तैनात होने वाली पहली महिला अधिकारी बनीं।

पीएम मोद ने 2018 में कहा था- सेना में महिलाओं को बराबरी का हक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 72वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले से अपने भाषण में सेना में काम रही महिलाओं को तोहफा दिया है. पीएम मोदी ने 2018 में 72वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले से अपने भाषण में सेना में काम रही महिलाओं को तोहफा दिया। पीएम मोदी ने महिलाओं के लिए स्थाई कमीशन की घोषणा की, जिसके माध्यम से महिलाएं भी पुरुषों की तरह ही देश के लिए सेवा कर रही हैं।

सैन्य स्कूलों में लड़कियों का प्रवेश
मोदी सरकार ने सैनिक स्कूलो में लड़कियों के प्रवेश को प्रोत्साहन देने के लिए दो स्तरीय नीति अपनाई। इसके पहले चरण में सैनिक स्कूलों के द्वार लड़कियों के लिए खोलना था। जबकि दूसरे चरण में 18 नए मंजूरी प्राप्त सैनिक स्कूलों को अनुमति देना था। मोदी सरकार ने वर्ष 2018-19 में इस योजना की शुरूआत की और पहले वर्ष 6 लड़कियों को सैनिक स्कूल में प्रवेश मिला। मोदी सरकार की इस योजना को स्तर पर आम जनता का समर्थन मिला और यह इस वर्ष सैनिक स्कूलों के लिए हुई प्रवेश परीक्षा में बड़े स्तर पर लड़कियों के सम्मिलित होने से भी प्रदर्शित हुआ। इस वर्ष 8 जनवरी को 33 सैनिक स्कूल और 18 नए मंजूरी प्राप्त सैनिक स्कूल के लिए आयोजित प्रवेश परीक्षा में 37,698 ल़ड़कियां प्रवेश परीक्षा में सम्मिलित हुईं और कुल 25,837 लडकियों ने प्रवेश परीक्षा पास की। देहरादून स्थित प्रतिष्ठित राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज (RIMC) के इतिहास में पहली बार जुलाई 2022 में 2 छात्राओं को प्रवेश मिला था।

सैन्य सेवाओं में 4 हजार महिला अधिकारी कार्यरत
भारतीय सैन्य सेवाओं में आज लगभग 3,900 से अधिक महिला अधिकारी कार्यरत हैं। इनमें 1,710 सेना, 1,650 वायुसेना और 600 नौसेना में कार्यरत हैं। इसके अतिरिक्त 1,670 महिला डॉक्टर, 190 डेटिस्ट और 4,750 नर्स भी मिलिट्री मेडिकल स्ट्रीम में कार्यरत हैं।

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