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𝚈𝚎𝚊𝚛 𝙴𝚗𝚍𝚎𝚛 2023 : पीएम मोदी के विजन से हासिल हुईं ऐतिहासिक TOP-10 उपलब्धियां, चंद्रयान-3 से लेकर शानदार जीत की चकाचौंध तक, इसने देश-दुनिया में हर देशभक्त का गर्व से चौड़ा कर दिया सीना

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अलविदा होता साल 2023 देश के लिए बेहद ऐतिहासिक और इसके गौरव में चार चांद लगाने वाला रहा है। पीएम मोदी के दूरदर्शी विजन से इस साल भारत ने कई ऐसी उपलब्धियां हासिल की है, जो इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए दर्ज हो गईं हैं। सफलतम चंद्रयान मिशन, दुनियाभर में डंका बजाने वाला जी20 का शानदार आयोजन, आदित्य एल-1 मिशन और नया संसद भवन आदि ने भारत को विश्व स्तर पर एक नई पहचान दिलाई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का डबल इंजन सरकारों का मंत्र जनता के सिर चढ़कर बोल रहा है। पीएम मोदी के अद्भुत विजन से कई राज्यों की जनता इतनी अभिभूत है कि बीजेपी को जिताने में कई पुराने रिकॉर्ड तोड़ रही है और नए ऐतिहासिक रिकॉर्ड बना रही है। पीएम की लोकप्रियता और जनता के प्यार का नतीजा है कि केंद्र और देश के कई राज्यों की सत्ता में शासित भारतीय जनता पार्टी के लिए गुजरता साल बेहतरीन रहा। साल के आखिर में मोदी की गारंटी के भरोसे ही बीजेपी ने तीन राज्यों में सफलता का शानदार परचम फहराया। पीएम मोदी की अथाह मेहनत का ही सुफल है कि बीजेपी ने राजस्थान और छत्तीसगढ़ में तो ऐसी विजयी पताका फहराई, जिससे विपक्षियों के तोते ही उड़ गए। दिसंबर में तीन राज्यों में मिली इस शानदार जीत से बीजेपी के लिए 2024 का दमदार रोडमैप तैयार हो गया है।

1. G20 : सफल आयोजन और दोगुना काम से दुनिया में बजा भारत का डंका
भारत ने इस साल अपनी अध्यक्षता में जी-20 के आयोजन में इतिहास रच दिया है। दुनियाभर में जी-20 सुर्खियों में रहा। भारत की जी-20 की अध्यक्षता ने G-20 के इतिहास में इस बार सबसे अधिक काम किया है। ऐसे में यह काम की दृष्टि से भी अब तक का सबसे सफल आयोजन रहा है। भारत ने पिछले जी-20 की अध्यक्षता के दौरान हुए काम की तुलना में दोगुना से भी अधिक काम किया है। भारत की अध्यक्षता में जी-20 में 73 परिणाम निकले। इसके अलावा 39 अन्य प्रकार के दस्तावेज (Annexed Documents ) पर भी बात आगे बढ़ी है। इसमें प्रेसिडेंसियल डॉक्यूमेंट और वर्किंग ग्रुप के परिणाम वाले डॉक्यूमेंट को शामिल नहीं किया गया है। कुल मिलाकर इस बार भारत की अध्यक्षता में 112 आउटकम निकले हैं और प्रेसिडेंसी डॉक्यूमेंट पर काम पूरा हुआ है। ऐसे में भारत की अध्यक्षता में ये बैठक परिणाम की दृष्टिकोण से काफी उपयोगी रही। जी-20 शिखर सम्मेलन की शानदार मेजबानी और नई दिल्ली लीडर्स डिक्लेरेशन (एनडीएलडी) को सर्वसम्मति के साथ स्वीकारे जाने के लिए भारत और पीएम मोदी के नेतृत्व की दुनियाभर में तारीफ हो रही है। ज्यादातर वैश्विक मीडिया घरानों ने वैश्विक दक्षिण की आवाज के रूप में भारत के बढ़ते दबदबे की तारीफ की है।2. नया संसद भवन : आधुनिकता के साथ पुरातन परंपरा और संस्‍कृति का संगम
नए संसद भवन का इस साल 28 मई को प्रधानमंत्री मोदी ने उद्घाटन किया था। इसका निर्माण कार्य 15 जनवरी, 2021 को शुरू हुआ और यह करीब ढाई वर्ष में तैयार हुआ। नया संसद भवन त्रिकोण आकार का है लेकिन वास्तव में यह एक अनियमित षटकोण है। सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत इसका निर्माण कराया गया है। लोकसभा कक्ष में अधिकतम 888 सांसदों के बैठने की व्‍यवस्‍था हे जबकि राज्‍यसभा कक्ष में 384 सांसद बैठ सकते हैं। नए संसद भवन की चार मंजिला इमारत लगभग 65 हजार वर्ग मीटर में फैली है। इसको बनाने में करीब 1,200 करोड़ रुपये की लागत आई। देश के तीन राष्‍ट्रीय प्रतीक-राष्ट्रीय पुष्प कमल, राष्ट्रीय पक्षी मोर और राष्ट्रीय वृक्ष बरगद को नए संसद भवन की संरचना में तवज्‍जो दी गई है। भारत के नए संसद भवन में आधुनिकता के साथ-साथ भारत की पुरातन परंपरा और संस्‍कृति की झलक देखने को मिलती है। बता दें कि पुराना भवन को कभी भी पूर्ण लोकतंत्र के लिए द्विसदनीय विधायिका को समायोजित करने के लिए डिजाइन नहीं किया गया था। 1971 की जनगणना के आधार पर किए गए परिसीमन के आधार पर लोकसभा सीटों की संख्या 545 पर अपरिवर्तित बनी हुई है। 2026 के बाद इसमें काफी वृद्धि होने की संभावना है, क्योंकि सीटों की कुल संख्या पर रोक केवल 2026 तक है। जब संयुक्त सत्र आयोजित होते थे तो सीमित सीटों की समस्या बढ़ जाती थी। इसलिए पीएम मोदी ने नए संसद भवन की देश को सौगात दी।

3. सेंगोल: दशकों बाद ऐतिहासिक सेंगोल को पीएम मोदी ने दिलाई महत्ता
भारत के प्रधानमंत्री मोदी संसद के नए भवन का उद्घाटन करने के साथ ही जो कुछ नई परंपराएं शुरू हुईं, उनमें सेंगोल को स्थापना भी प्रमुख रही। देश के गृह मंत्री अमित शाह के मुताबिक पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने 14 अगस्त, 1947 को तमिल पुजारियों के हाथों सेंगोल स्वीकार किया था। लॉर्ड माउंटबेटन को भारतीय परंपरा की जानकारी नहीं थी तो उन्होंने नेहरू से पूछा, लेकिन नेहरू असमंजस में थे। तब उन्होंने सी. राजगोपालचारी से इस बारे में चर्चा की। राजगोपालचारी ने कई ग्रंथों का अध्ययन करने के बाद सेंगोल की प्रक्रिया को चिन्हित किया। सेंगोल चोल साम्राज्य से संबंध रखता है और इस पर नंदी भी बने हुए हैं। सेंगोल तमिल भाषा का शब्द है और इसका अर्थ संपदा से संपन्न और ऐतिहासिक है। सेंगोल का शाब्दिक अर्थ और भाव नीति पालन से है। प्रधानमंत्री मोदी ने तमिलनाडु के अधीनम मठ से सेंगोल स्वीकार किया और इसे लोकसभा अध्यक्ष के आसन के पास स्थापित किया गया। नेहरू ने इसे अंग्रेज़ों से भारत को सत्ता हस्तांतरण के प्रतीक के तौर पर स्वीकार किया था. बाद में इसे नेहरू ने एक म्यूज़ियम में रख दिया था और तब से सेंगोल म्यूज़ियम में ही रखा है। पीएम मोदी इसे म्यूजियम से निकालकर लोकसभा में लाए।4. चंद्रयान-3: चांद के दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचने वाला पहला देश बना भारत
इस साल की सबसे बड़ी उपलब्धियों में भारत को चांद पर सफलता मिलना भी रही। चंद्रयान-3 ने चांद की सतह पर उतर कर इतिहास रच दिया। चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफलतापूर्वक उतरने वाला भारत दुनिया का पहला देश बन गया। चंद्रमा पर विक्रम लैंडर की सॉफ्ट लैंडिंग के बाद प्रज्ञान रोवर ने निकलकर चंद्रमा की सतह पर घूमकर शोध किया और अहम जानकारियां जुटाईं। 14 जुलाई को दोपहर 2:35 बजे श्रीहरिकोटा से उड़ान भरने वाले चंद्रयान-3 ने अपनी यात्रा 40 दिनों में 23 अगस्त को पूरी की। भारत से पहले चांद पर पूर्ववर्ती सोवियत संघ, अमेरिका और चीन ही सफल ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ कर पाए हैं, लेकिन ये देश भी चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ नहीं कर पाए। अब भारत के नाम इस उपलब्धि को हासिल करने का रिकॉर्ड हो गया है। बेंगलुरु स्थित भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के मिशन संचालन परिसर (एमओएक्स) में वैज्ञानिकों के खुशी से झूमने के साथ ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत अब चांद पर है तथा यह सफलता पूरी मानवता की है। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने जोहानिसबर्ग गए मोदी ने इसरो वैज्ञानिकों को ऑनलाइन संबोधित करते हुए कहा कि भारत ने ‘पृथ्वी पर एक संकल्प लिया और चंद्रमा पर इसे पूरा किया।’

5. आदित्य-एल1: सूर्य का अध्ययन करने के लिए भारत ने लॉन्च किया मिशन
चंद्रयान-3 के साथ भारत की चंद्रमा पर लैंडिंग की सफलता के बाद इसरो ने 2 सितंबर 2023 को सूर्य का अध्ययन करने के लिए आदित्य-एल1 मिशन लॉन्च किया। पीएम मोदी के विजन के चलते भारत ने सूर्य का अध्ययन करने के लिए अपना महत्वाकांक्षी मिशन शुरू कर दिया है। आदित्य एल1 मिशन श्रीहरिकोटा के अंतरिक्ष केंद्र से अपने गंतव्य लैग्रेंज पॉइंट 1 की करीब चार महीने लंबी यात्रा करने के लिए लॉन्च कर दिया गया। भारत की पहली सौर जांच का उद्देश्य सौर हवाओं का अध्ययन करना है, जो पृथ्वी पर अशांति पैदा कर सकती है जिसे आमतौर पर अरोरा के रूप में देखा जाता है। यह सौर मिशन भारत द्वारा रूस को हराकर चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने वाला पहला देश बनने के बाद शुरू हुआ। जबकि रूस के पास अधिक शक्तिशाली रॉकेट था, भारत के चंद्रयान-3 ने सॉफ्ट लैंडिंग को अंजाम देने के लिए लूना-25 को पीछे छोड़ दिया था। आदित्य-एल1 अंतरिक्ष यान को करीब चार महीनों में लगभग 15 लाख किमी की यात्रा करके अंतरिक्ष में एक प्रकार के पार्किंग स्थल तक पहुंचने के लिए डिजाइन किया गया है, जहां गुरुत्वाकर्षण बलों को संतुलित करने के कारण वस्तुएं रुक जाती हैं, जिससे अंतरिक्ष यान के लिए ईंधन की खपत कम हो जाती है।

6. सबसे आगे हिंदुस्तानी : चीन को पछाड़ा, निवेश बढ़ने से इकोनॉमी तेज होगी
अप्रैल में भारत ने एक रिकॉर्ड अपने नाम किया। दरअसल, भारत ने जनसंख्या के मामले में चीन को पछाड़ दिया और दुनिया की सबसे अधिक आबादी वाला देश बन गया। संयुक्त राष्ट्र के अनुमान के अनुसार, भारत की जनसंख्या अगले तीन दशकों तक बढ़ने की उम्मीद है, हालांकि, उसके बाद धीरे-धीरे इसमें गिरावट आने लगेगी। आबादी बढ़ने का सबसे बड़ा फायदा ये होता है कि इससे किसी भी देश की अर्थव्यवस्था तेजी से ग्रो कर सकती है। खास बात यह है कि भारत की आबादी का सबसे बड़ा हिस्सा युवाओं का है, ऐसे में देश के आर्थिक स्वास्थ्य के लिए ये अच्छी खबर है। वर्किंग पॉपुलेशन से कोई भी देश अपनी इकोनॉमी को सुधार सकता है। आबादी बढ़ने से भारत में निवेश भी बढ़ेगा। दरअसल, किसी भी बड़े बिजनेस के लिए ज्यादा से ज्यादा कंज्यूमर जरूरी होते हैं. भारत अब दुनियाभर के निवेशकों के लिए एक बड़े बाजार की तरह है। पीएम मोदी की दूरदर्शी नीतियों के चलते दुनिया की तमाम बड़ी कंपनियां भारत में निवेश करना चाहती हैं। आबादी ज्यादा होगी तो उसे हर चीज की जरूरत होगी, उसे पहनने के लिए कपड़े, स्मार्ट फोन, गैजेट्स, कंप्यूटर और बाकी चीजों की जरूरत होगी, जिसकी आपूर्ति ये बड़ी कंपनियां करेंगी और उनके प्रोडक्ट्स की डिमांड करोड़ों लोगों के बीच होगी। यानी दुनिया के सबसे बड़े बाजार भारत में हर बड़ी कंपनी अपना प्रोडक्शन करना चाहेगी। इसके अलावा दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाले देश का टैग मिलने से भारत का दावा यूएन में मजबूत हो सकता है। अगर भारत को स्थायी सदस्यता मिल जाती है तो ये वैश्विक स्तर पर बड़ी जीत होगी।

7. संकटमोचक पीएम: सिल्क्यारा सुरंग से पहले भी चलाए हैं कई सफल रेस्क्यू ऑपरेशन
पीएम मोदी देश-दुनिया में कहीं भी फंसे भारतीयों के लिए लगातार मसीहा साबित हो रहे हैं। इजराइल-हमास युद्ध में इस साल चलाया ऑपरेशन अजय हो या उत्तराखंड की सुरंग में फंसे लोगों को सकुशल निकालना, उन्होंने हर ऑपरेशन में भारतीयों की दुआएं ली हैं। ऑपरेशन कावेरी से लेकर ऑपरेशन गंगा, ऑपरेशन देवी शक्ति, ऑपरेशन वंदे भारत, ऑपरेशन समुद्र सेतु, ऑपरेशन मैत्री, ऑपरेशन राहत, ऑपरेशन सेफ होमकमिंग, ऑपरेशन सुकून और ऐसे ही न जाने कितने रेस्क्यू ऑपरेशन हैं, जिनमें देश-विदेश में फंसे भारतीयों को पीएम मोदी के विजन से निकाला गया है। इस साल नवंबर जब पूरा देश दीवाली का पर्व मना रहा था, तो उस दौरान उत्तराखंड में सिल्क्यारा सुरंग ढह जाने से 41 मजदूर उसी में फंस गए और एक-एक सांसों के लिए लड़ने लगे थे। सिल्क्यारा साइड से हॉरिजॉन्टल ड्रिलिंग में लगे रैट होल माइनर्स ने करीब 21 घंटे में 12 मीटर की मैन्युअल ड्रिलिंग की। 24 नवंबर को मजदूरों की लोकेशन से महज 12 मीटर पहले ऑगर मशीन टूट गई थी। जिससे रेस्क्यू रोकना पड़ा था। इसके बाद सेना और रैट माइनर्स को बाकी के ड्रिलिंग के लिए बुलाया गया था। अगली सुबह 11 बजे मजदूरों के परिजन के चेहरों पर तब खुशी दिखी, जब अफसरों ने उनसे कहा कि उनके कपड़े और बैग तैयार रखिए। जल्द ही अच्छी खबर आने वाली है। सकुशल बचाए गए सभी 41 मजदूरों से बाद में पीएम मोदी ने भी बातचीत की।

8. मिलेट्स को महत्ता : मोटे अनाज को श्री अन्न बनाने से दुनियाभर में गूंज
प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर संयुक्त राष्ट्र ने 2023 को इंटरनेशनल ईयर ऑफ मिलेट्स (आईवाईओएम) घोषित किया है। पीएम मोदी ने मिलेट्स यानी मोटे अनाज को श्री अन्न का नाम दिया है और लगातार मोटे अनाज की पैरवी करने साथ-साथ इनके किसानों को बढ़ावा देते रहे हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से इस साल 16 जून को एक बयान में कहा गया था, ”पीएम मोदी ने कहा है कि श्री अन्न या मोटे अनाजों में स्वास्थ्य और आरोग्यता की प्रचुरता है।” इतना ही नहीं जी-20 के वैश्विक सम्मेलन में दुनियाभर से आए मेहमानों का स्वागत भी भारत की ओर से श्री अन्न के द्वारा भी किया गया। इससे इनकी महत्ता और बढ़ी। इतना ही नहीं प्रधानमंत्री मोदी के भाषण वाले गीत ‘एबंडेंस इन मिलेट्स’ को ‘सर्वश्रेष्ठ वैश्विक संगीत प्रदर्शन’ के तहत ग्रैमी पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया। फालू और गौरव शाह के गीत में पीएम मोदी के भाषण के अंश हैं, जो उन्होंने इस साल मार्च में ग्लोबल मिलेट्स (श्री अन्न) सम्मेलन का उद्घाटन करते समय पीएम ने दिया था।

9. रेलवे कायाकल्प: दुनिया के सबसे लंबे रेलवे स्टेशन का बना गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड
भारतीय रेलवे के जरिए हर रोज करीब 3 करोड़ लोग सफर करते हैं। यानी कई देशों की आबादी भी इतनी नहीं है, जितना भारतीय रेलवे के जरिए यात्री सफर करते हैं। भारतीय रेलवे दुनिया के सबसे बड़े नेटवर्कों में से एक है। भारत लगातार 2 बार दुनिया के लंबे रेलवे स्टेशन का रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज कर चुका है। पहले गोरखपुर स्टेशन को दुनिया का सबसे लंबा रेलवे स्टेशन बनाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड मिला था। इसकी लंबाई 1366.4 मीटर है। लेकिन इसी साल यानी मार्च 2023 में भारत ने अपना रिकॉर्ड तोड़ते हुए दक्षिण-पश्चिम रेलवे जोन का हुबली रेलवे स्टेशन बना दिया, जो देश का सबसे लंबा रेलवे स्टेशन है। इसकी प्लेटफॉर्म 8 की लंबाई 1507 मीटर है। इसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है। इसके साथ ही पीएम मोदी वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों और अमृत भारत स्टेशनों के जरिए भारतीय रेलवे की तस्वीर बदल रहे हैं। उन्होंने 6 अगस्त को देशभर के 508 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास की आधारशिला रखी थी। इसे रेलवे के कायाकल्प की दिशा में सबसे अहम कदम माना जा रहा है। ये स्टेशन 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फैले हुए हैं। इनके विकास पर 24, 470 करोड़ रुपए की लागत आएगी। अमृत भारत स्टेशन रेलवे के विकास की कड़ी में मील का पत्थर साबित होंगे।

10. मोदी की गारंटी: भाजपा ने तीन राज्यों की 519 में से 332 सीटों पर जीत हासिल की
दिसंबर की शुरुआत राजनीतिक मायने से काफी महत्वपूर्ण रही थी। दरअसल, 3 दिसंबर को मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के चुनावी परिणाम सामने आए थे, जहां तीन राज्यों में पीएम मोदी की गांटी को भारी बहुमत से जीत हासिल हुई थी। खास बात यह कि इनमें से दो राज्यों में तो कांग्रेस की ही सरकारें थीं। कांग्रेस सरकारों को जन विरोधी कार्यों के चलते जहां एंटी इन्कंबेंसी की मार झेलनी पड़ी, वहीं मध्य प्रदेश में डबल इंजन की सरकार की डबल ताकत के साथ पीएम मोदी ने वापसी कराई। तीनों राज्यों में जहां भाजपा की सीटें बढ़ीं, वहीं पार्टी का वोट प्रतिशत भी बढ़ा है। मध्य प्रदेश में जहां बीजेपी को 163 सीटें मिली हैं तो वहीं राजस्थान में 115 और छत्तीसगढ़ में 54 सीटें हासिल हुई हैं। इन नतीजों ने कई समीकरण भी ध्वस्त कर दिए। तीनों राज्यों में बीजेपी को कुल 519 सीटों में से 332 सीटें मिलीं। इसके बाद कांग्रेस केवल तीन राज्यों- कर्नाटक, तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश पर ही शासन कर रही है। यहां देश की आबादी का केवल 8.51 प्रतिशत हिस्सा शामिल है। राजस्थान की हार और छत्तीसगढ़ में उलटफेर से कांग्रेस की शक्ति कमजोर होती दिख रही है, जिसका प्रभाव 2024 के लोकसभा चुनावों में देखने को जरूर मिल सकता है। इन चुनावों ने उत्तर में भाजपा की ताकत को उजागर किया है।

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