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ओमीक्रोन की दहशत से देश में इंटरनेशनल फ्लाइट्स पर ब्रेक: एयरपोर्ट के साथ राज्य सरकारों ने भी सख्त किए इंतजाम

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कोरोना वैरिएंट ओमीक्रोन ने भारत में इंटरनेशनल फ्लाइट्स फिर से शुरू करने के प्लान पर अड़ंगा लगा दिया है, सरकार ने खतरे को देखते हुए इंटरनेशनल फ्लाइट्स फिर से शुरू नहीं करने का फैसला किया है। अगर ओमीक्रोन का खतरा सामने नहीं आता, तो कुछ पाबंदियों के साथ इंटरनेशनल फ्लाइट्स 15 दिसंबर से शुरू की जा सकती थी, लेकिन अब रेगुलर इंटरनेशनल फ्लाइट्स का इंतजार कर रहे मुसाफिरों की मुश्किल बढ़ गई है।

एयर बबल के तहत जारी रहेंगी उड़ानें

इंटरनेशनल फ्लाइट्स  को लेकर डीजीसीए (DGCA) का कहना है कि जल्द ही इस बारे में जानकारी दी जाएगी। हलांंकि एयर बबल के तहत संचालित की जा रही उड़ानें पहले की तरह जारी रहेंगी। भारत ने कोरोना महामारी की वजह से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को निलंबित कर दिया था। अब गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की मामले पर करीबी नजर है, जिनकी सिफारिश के बाद ही कमर्शियल इंटरनेशनल पैसेंजर सर्विसेज को फिर से शुरू किया जा सकेगा।

ओमीक्रॉन को लेकर सारी दुनिया में बढ़ी टेंशन

इंटरनेशनल फ्लाइट्स को लेकर सारी दुनिया में चिंता बढ़ती जा रही है। कई देशों में ओमीक्रोन का वैरिएंट सामने आया है और जिस तेजी से ये फैल रहा है। उसने कई देशों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो रही है। पीएम मोदी के नेतृत्व में देश ने भी कोरोना के इस नए खतरे से मुकाबले के लिए कमर कस ली है। देश में हर वो सावधानी बरती जा रही है जिससे कोरोना के खतरे से लोगों को बचाया जा सके। हलांकि सरकार ने घरेलू उड़ानों पर किसी तरह की पाबंदी नहीं लगाई है और घरेलू उड़ानों के सामान्य ऑपरेशन की अनुमति दी गई गई है।   

 

कोरोना को लेकर खास सख्ती बरती जा रही है

  1. RT-PCR जांच जोखिम ग्रस्त देशों के यात्रियों के लिए जरूरी 
  2. नतीजे आने पर ही हवाई अड्डों से बाहर जाने की अनुमति दी जाएगी।
  3. अन्य देशों से आने वाले यात्रियों में से 5 फीसदी की कोविड जांच
  4. पुष्टि हो चुके सभी नमूने जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजने केनिर्देश
  5. दिल्ली एयरपोर्ट पर 1500 तक यात्रियों को रखने की व्यवस्था
  6. आरटी-पीसीआर जांच के लिए देने होंगे करीब 1700 रुपये
  7. जांच रिपोर्ट आने तक इस पैसे में खाने पीने के भी इंतजाम हैं 
  8. दिल्ली एयरपोर्ट पर यात्रियों को 6 घंटे इंतजार करना पड़ सकता है
  9. जोखिम ग्रस्त देशों की सूची में यूरोपीय देश, ब्रिटेन, दक्षिण अफ्रीका
  10. ब्राजील, बांग्लादेश, बोत्सवाना, चीन, मॉरीशस, न्यूजीलैंड, जिम्बाब्वे
  11. सिंगापुर, इजराइल और हांगकांग भी लिस्ट में शामिल हैं

इधर कोरोना के ओमीक्रोन वैरिएंट को लेकर एयरपोर्ट पर खास सतर्कता बरती जा रही है। इसके लिए जोखिम वाले देशों से आने वाले लोगों के आरटी-पीसीआर जांच और 8वें दिन फिर से जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। बंदरगाहों और जमीनी सीमा से आने वाले लोगों की भी खास निगरानी की जा रही है। कोरोना के नया वेरिएंट ओमिक्रोन अब तक दुनिया के 25 देशों में फैल चुका है। इसे लकर केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने राज्यों के साथ बैठक की है। इस बैठक में एयरपोर्ट के स्वास्थ्य अधिकारी भी शामिल हुए। दरअसल ओमिक्रोन के बारे में पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। कई जानकार इस बात का दावा कर रहे हैं कि ये वैरिएंट वैक्सीन को भी भेद सकता है और इसके तेज गति से फैलने से अस्पतालों में कोरोना के नए मरीजों की बाढ़ आ सकती है। 

कई राज्यों ने भी अलग से बनाए सख्त नियम

उत्तर प्रदेश 

कोरोना के नए खतरे को देखते हुए अलग-अलग राज्यों ने भी नियम कड़े कर दिए हैं। यूपी में बिना जांच के बाहर से आने वाले यात्रियों को एंट्री नहीं मिलेगी। वहीं बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट पर आरटीपीसीआर जांच कराना जरूरी होगा। रिपोर्ट आने के बाद ही उन्हें जाने दिया जाएगा। इसके साथ ही मास्‍क को अनिवार्य करने और कोविड प्रोटोकाल का कड़ाई से पालन कराने पर भी जोर दिया जा रहा है। इसके अलावा लखनऊ के केजीएमयू और पीजीआई में जीनोम सीक्वेंसिंग की रफ्तार को बढ़ाने का निर्देश दिया गया है। साथ ही गोरखपुर, झांसी, मेरठ में तेज़ी से जीनोम सीक्वेंसिंग की व्यवस्था करने को कहा है। हलांकि कोविड टीके की दोनों खुराक पाने वालों की संख्या सबसे अधिक उत्तर प्रदेश में है। यूपी में 5 करोड़ 6 लाख अधिक लोगों को टीके की दोनों डोज देकर कोविड का सुरक्षा कवर प्रदान कर दिया गया है। 11 करोड़ 25 लाख लोगों ने टीके की पहली डोज प्राप्त कर ली है। यह संख्या टीकाकरण के लिए पात्र प्रदेश की कुल आबादी की लगभग 76.20 फीसदी से अधिक है। इस प्रकार प्रदेश में अब तक 16 करोड़ 31 लाख से अधिक कोविड वैक्सीन डोज लगाए जा चुके हैं। कोविड टेस्टिंग और टीकाकरण में उत्तर प्रदेश देश में शीर्ष स्थान पर है। लेकिन योगी सरकार फिर भी कोशिश कर रही है कि कोरोना की किसी भी नई चुनौती से निपटा जा सके। 

महाराष्ट्र

जोखिम वाले देशों से आने वाले मुसाफिरों के लिए 7 दिनों का इंस्टिट्यूशनल क्वारंटीन अनिवार्य। ऐसे यात्रियों के लिए आने के दूसरे, चौथे और सातवें दिन आरटी-पीसीआर टेस्ट जरूरी होगा। आखिरी टेस्ट नेगेटिव आने पर अगले 7 दिन तक होम क्वारंटीन में रहना होगा। बिना जोखिम वाले देशों से आने वाले यात्रियों के लिए भी अराइवल पर आरटी-पीसीआर टेस्ट अनिवार्य कर दिया गया है। नेगेटिव होने पर भी 14 दिनों का होम क्वारंटीन अनिवार्य किया गया है। वहीं टेस्ट में पॉजिटिव आने वाले यात्रियों को अस्पताल भेजा जाएगा।

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